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Etah News: दहेज हत्या के दो मामलों में पति व ससुरालीजन को 10-10 साल की सजा
Sun, 03 Sep 2023 12:00 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 03 Sep 2023 12:00 AM IST
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एटा। जनपद न्यायालय में दहेज हत्या के दो मुकदमों में जनपद न्यायालय में फैसला सुनाया गया। जिला जज ने दोनों मृतका के पति सहित अन्य ससुरालीजन को 10-10 साल की सजा का आदेश दिया है।जिला शासकीय अधिवक्ता रेशपाल सिंह राठौर ने बताया कि जलेसर थाने में 11 अगस्त 2017 को उदयवीर निवासी गांव कुंजलपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि बहन सावित्री की शादी तीन साल पहले टिंकू उर्फ राजकुमार निवासी सरूपा, थाना राया, जिला मथुरा के साथ हुई थी। ससुरालीजन दहेज से खुश नहीं थे और बहन काे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। 10 जुलाई 2017 को टिंकू, सास कैलाश देवी ने बहन को पीटकर घर से निकाल दिया। इसके बाद हम लोगों ने कानूनी नोटिस भेजा। जिसके मिलने पर 10 अगस्त 2017 को दोपहर 2 बजे टिंकू, उसके तीन मामा घर पर आए और बहन को जबरन ले जाने लगे। विरोध पर टिंकू ने वहां पड़ा हंसिया उठाकर जान से मारने की नीयत से बहन पर प्रहार कर दिया।
घायल अवस्था में सावित्री को सीएचसी जलेसर से आगरा रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अदालत में जहां बचाव पक्ष की ओर से आरोपों को गलत बताया गया। वहीं अभियोजन पक्ष ने सबूतों और गवाहों के माध्यम से आरोपों को साबित कराया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश अनुपम कुमार ने टिंकू और कैलाश देवी को दोषी ठहराया और 10-10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 35-35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
दूसरा मामला मारहरा थाना क्षेत्र का है। इसमें राजवीर सिंह ने 14 अगस्त 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि अपनी बेटी की शादी संजीव कुमार उर्फ संजय निवासी धरपसी थाना मारहरा के साथ करीब 14 महीने पहले की थी। दहेज के लिए पति संजीव सहित सास रामबेटी, ननद रीना, जेठ अजब सिंह बेटी को प्रताड़ित करते थे। रंगीन टीवी और 50 हजार रुपये, भैंस देने की मांग करते थे। रक्षाबंधन पर उसे मायके से बुलाकर ले गए और हत्या कर दी। सुनवाई के बाद जनपद न्यायाधीश ने संजीव कुमार, रामबेटी, अजब सिंह को दोषी ठहराया। तीनों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 32-32 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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घायल अवस्था में सावित्री को सीएचसी जलेसर से आगरा रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अदालत में जहां बचाव पक्ष की ओर से आरोपों को गलत बताया गया। वहीं अभियोजन पक्ष ने सबूतों और गवाहों के माध्यम से आरोपों को साबित कराया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश अनुपम कुमार ने टिंकू और कैलाश देवी को दोषी ठहराया और 10-10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 35-35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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दूसरा मामला मारहरा थाना क्षेत्र का है। इसमें राजवीर सिंह ने 14 अगस्त 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि अपनी बेटी की शादी संजीव कुमार उर्फ संजय निवासी धरपसी थाना मारहरा के साथ करीब 14 महीने पहले की थी। दहेज के लिए पति संजीव सहित सास रामबेटी, ननद रीना, जेठ अजब सिंह बेटी को प्रताड़ित करते थे। रंगीन टीवी और 50 हजार रुपये, भैंस देने की मांग करते थे। रक्षाबंधन पर उसे मायके से बुलाकर ले गए और हत्या कर दी। सुनवाई के बाद जनपद न्यायाधीश ने संजीव कुमार, रामबेटी, अजब सिंह को दोषी ठहराया। तीनों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 32-32 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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