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मानव अंग तस्कर : चंगुल में फंसाने के बाद जमा करा लेते थे मोबाइल-रुपये
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एटा। किडनी रैकेट के शिकार हुए शहर के किशन कश्यप के मुताबिक आरोपियों के चंगुल में कई लोग फंसे हुए थे। विशाखापट्टनम के होटल में हर व्यक्ति को एक अलग कमरा दिया जाता है, जिससे एक-दूसरे से मेलजोल न हो। वहीं मोबाइल, रुपये जमा करा लिए जाते हैं। किसी से संपर्क करने और भागने की हर संभावना बंद कर दी जाती थी।
भगीपुर निवासी किशन कश्यप की किडनी तो गई ही, ऑपरेशन के बाद अब उसके लिए इलाज की भी समस्या बनी हुई है। इस बीच विशाखापट्टनम और लखनऊ में बिताए गए दिनों की याद कर उसकी आंखों में आंसू भर आते हैं। किशन बताता है कि 23 फरवरी को वह विशाखापट्टनम पहुंच गया था। रेलवे स्टेशन पर प्रतीक उसे लेने आया। करीब एक किमी की दूरी पर श्रीलेखा लॉज नाम का होटल था, जिसमें उसे ले गया। वहां एक कमरे में रोका गया। उसके पास रखे रुपये, मोबाइल आदि जमा करा लिया। कहा कि खाना-पीना हमारी तरफ से होगा, तुम्हें पैसों की कोई जरूरत नहीं होगी। जांचें होने के बाद मोबाइल वापस कर दिया जाएगा। किडनी लेने वाले व्यक्ति से सैंपल को मैच कराया जाता था। सबकुछ सही होने पर अस्पताल ले जाकर किडनी निकाली जाती थी।
दी धमकी-फ्री में निकाल लेंगे किडनी
होटल में पांच-दस दिन रुकने के बाद यदि किसी व्यक्ति का मन बदल जाता है और वह किडनी निकलवाने से मना करता तो उसे फ्री में ही किडनी निकालने की धमकी दी जाती। इसी तरह की धमकी किशन को भी दी गई। उसने बताया कि 15 दिन बाद मैंने घर जाने की बात कही तो उन लोगों ने धमकाया। कहा कि इतने दिन में तुम्हारे ऊपर हमारा काफी रुपये खर्चा हुआ है। जांचों में भी मोटी रकम देनी पड़ी है। अब यदि तुम किडनी देने से मना करते हो तो हम जबरन भी किडनी निकाल सकते हैं और इसके बाद रुपया भी नहीं दिया जाएगा।
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भगीपुर निवासी किशन कश्यप की किडनी तो गई ही, ऑपरेशन के बाद अब उसके लिए इलाज की भी समस्या बनी हुई है। इस बीच विशाखापट्टनम और लखनऊ में बिताए गए दिनों की याद कर उसकी आंखों में आंसू भर आते हैं। किशन बताता है कि 23 फरवरी को वह विशाखापट्टनम पहुंच गया था। रेलवे स्टेशन पर प्रतीक उसे लेने आया। करीब एक किमी की दूरी पर श्रीलेखा लॉज नाम का होटल था, जिसमें उसे ले गया। वहां एक कमरे में रोका गया। उसके पास रखे रुपये, मोबाइल आदि जमा करा लिया। कहा कि खाना-पीना हमारी तरफ से होगा, तुम्हें पैसों की कोई जरूरत नहीं होगी। जांचें होने के बाद मोबाइल वापस कर दिया जाएगा। किडनी लेने वाले व्यक्ति से सैंपल को मैच कराया जाता था। सबकुछ सही होने पर अस्पताल ले जाकर किडनी निकाली जाती थी।
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दी धमकी-फ्री में निकाल लेंगे किडनी
होटल में पांच-दस दिन रुकने के बाद यदि किसी व्यक्ति का मन बदल जाता है और वह किडनी निकलवाने से मना करता तो उसे फ्री में ही किडनी निकालने की धमकी दी जाती। इसी तरह की धमकी किशन को भी दी गई। उसने बताया कि 15 दिन बाद मैंने घर जाने की बात कही तो उन लोगों ने धमकाया। कहा कि इतने दिन में तुम्हारे ऊपर हमारा काफी रुपये खर्चा हुआ है। जांचों में भी मोटी रकम देनी पड़ी है। अब यदि तुम किडनी देने से मना करते हो तो हम जबरन भी किडनी निकाल सकते हैं और इसके बाद रुपया भी नहीं दिया जाएगा।
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