एटा। राट्रीय क्षय रोग उन्मूलन के तहत शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में मासिक समीक्षा बैठक की गई। सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने सकीट में टीबी रोगियों की एचआईवी जांच मानकों के अनुरूप नहीं होने पर नाराजगी जताई। सीएमओ ने कहा कि कमियों को दूर कर 2025 तक टीबी मुक्त भारत के संकल्प को पूरा करने का प्रयास करें। प्रत्येक माह क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की जाती है। जिले भर के ट्रीटमेंट यूनिट (टीयू) पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है। जल्द से जल्द राट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सभी कार्य मानकों के अनुरूप पूरे कराएं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि प्रत्येक क्षय रोगी का उपचार उसकी एचआईवी, ब्लड शुगर व ड्रग सेंसटिविटी जांचें कराने के बाद ही शुरू किया जाए। टीयू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सकीट पर एचआईवी की जांच मानकों के अनुरूप नहीं हो रही है, यह चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 2220 टीबी मरीजों का उपचार किया जा रहा है। बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम सिंह, दिलीप शर्मा डीपीसी, आशीष पाराशरी पीपीएम समन्वयक, अरविंद सिंह चौहान डीपीटीसी, जितेंद्र कुमार, पूनम यादव आदि कर्मचारी मौजूद रहे।