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बेबसी: चावल बेचकर मिले 15 रुपये, तब इलाज कराने पहुंची महिला
Fri, 26 Aug 2022 11:03 PM IST
आगरा ब्यूरो
अनिल यादव, एटा
अनिल यादव, एटा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 26 Aug 2022 11:03 PM IST
सार
पति की एक साल पहले मौत हो गई थी। महिला के चार बच्चे हैं। मजदूरी करके उनका पेट पालती है। वहीं जब वो बीमार पड़ी, तो इतने पैसे नहीं थे, कि अस्पताल जा सके।
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती डायरिया की मरीज महिला। संवाद
- फोटो : ETAH
विस्तार
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में बेबसी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। पति की मौत के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला बीमार हुई तो किसी ने कर्ज तक नहीं दिया। डायरिया की हालत में चार दिनों तक घर में ही पड़ी रही। हालत न सुधरी तो घर में रखा राशन का तीन किलो चावल 15 रुपये में बेचा। जिसके बाद भाड़ा खर्च कर मेडिकल कॉलेज पहुंची।
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एक साल पहले हो गई थी पति की मौत
ब्लॉक शीतलपुर क्षेत्र के गांव घुमरिया निवासी पवन कुमार की एक साल पहले मौत हुई थी। इसकी मौत के बाद परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। चार बच्चे हैं, जिनका भरण-पोषण रानी देवी मजदूरी करके करतीं हैं। चार दिन पहले वह डायरिया की चपेट में आ गई। निजी चिकित्सक से इलाज कराना तो दूर, सरकारी अस्पताल तक पहुंचने के लिए भाड़ा नहीं था।
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किसी ने नहीं की मदद
रानी ने पड़ोसियों और ग्रामीणों से मदद मांगी, लेकिन किसी ने सहयोग नहीं किया। शुक्रवार को चावल बेचकर ऑटो में बैठकर मेडिकल कॉलेज पहुंची, जहां उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
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