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सर्दी में दो गुने हो गए दिल के मरीज, नहीं है कॉर्डियोलॉजिस्ट
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मेडिकल कॉलेज ।संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक किसी कॉर्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की गई है। निजी चिकित्सा क्षेत्र में भी विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं है। जबकि सर्दियों के मौसम में हृदय रोग से संबंधित मामले बढ़ गए हैं। सामान्य दिनों की अपेक्षा मरीजों की संख्या दोगुनी तक हो गई है। मेडिकल कॉलेज से लगातार गंभीर हृदय रोगी रेफर किए जा रहे हैं।
11 दिसंबर को शाम 7.35 बजे सीमावर्ती गांव नगला शंकर जिला हाथरस से 70 वर्षीय बलवीर सिंह को परिजन यहां मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए। बताया कि अचानक रक्तचाप बढ़ गया, लेकिन यहां लाते-लाते उनकी सांसें थम गईं। इसी रात 12:45 बजे गांव गंगनपुर के इतनी ही उम्र के रामबाबू को परिजन लेकर पहुंचे। बताया कि उन्हें हार्ट अटैक पड़ा है, लेकिन यहां भी इलाज मिलने से पहले उनकी मौत हो गई। इमरजेंसी में इन दिनों दिल के गंभीर रोगी हर दूसरे दिन पहुंच जाते हैं, लेकिन इलाज के इंतजाम तो दूर, हृदय रोग विशेषज्ञ तक नहीं हैं।
बोले चिकित्सक
सर्दी के मौसम में हृदय रोगी बढ़े हैं। हर दूसरे दिन कोई न कोई गंभीर रोगी इमरजेंसी में पहुंचता है। यहां इलाज की व्यवस्थाएं नहीं हैं। प्राथमिक उपचार देकर उन्हें रेफर करना पड़ता है। - डॉ. मधुप कौशल, जिला अस्पताल
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सर्दियों में रक्तचाप और हृदय रोगियों की संख्या बढ़ी है। सामान्य दिनों में चार-पांच मरीज आ रहे थे। इन दिनों दस मरीज हर रोज पहुंच रहे हैं। - डॉ. निर्मल जैन, चेस्ट फिजीशियन
यह होती है दिक्कत
चेस्ट फिजीशियन डॉ. अंकित मित्तल बताते हैं कि तापमान कम होने से ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाते हैं। जिससे शरीर में खून के संचार में बाधा आती है। इससे हृदय तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। हृदय को अतिरिक्त श्रम करना पड़ता है। ऐसे में हृदय संबंधित समस्याएं होती हैं। सही मात्रा में धूप न मिलने से विटामिन-डी का स्तर कम हो जाता है, इससे भी हार्ट फेल का खतरा बढ़ जाता है।
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11 दिसंबर को शाम 7.35 बजे सीमावर्ती गांव नगला शंकर जिला हाथरस से 70 वर्षीय बलवीर सिंह को परिजन यहां मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए। बताया कि अचानक रक्तचाप बढ़ गया, लेकिन यहां लाते-लाते उनकी सांसें थम गईं। इसी रात 12:45 बजे गांव गंगनपुर के इतनी ही उम्र के रामबाबू को परिजन लेकर पहुंचे। बताया कि उन्हें हार्ट अटैक पड़ा है, लेकिन यहां भी इलाज मिलने से पहले उनकी मौत हो गई। इमरजेंसी में इन दिनों दिल के गंभीर रोगी हर दूसरे दिन पहुंच जाते हैं, लेकिन इलाज के इंतजाम तो दूर, हृदय रोग विशेषज्ञ तक नहीं हैं।
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बोले चिकित्सक
सर्दी के मौसम में हृदय रोगी बढ़े हैं। हर दूसरे दिन कोई न कोई गंभीर रोगी इमरजेंसी में पहुंचता है। यहां इलाज की व्यवस्थाएं नहीं हैं। प्राथमिक उपचार देकर उन्हें रेफर करना पड़ता है। - डॉ. मधुप कौशल, जिला अस्पताल
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सर्दियों में रक्तचाप और हृदय रोगियों की संख्या बढ़ी है। सामान्य दिनों में चार-पांच मरीज आ रहे थे। इन दिनों दस मरीज हर रोज पहुंच रहे हैं। - डॉ. निर्मल जैन, चेस्ट फिजीशियन
यह होती है दिक्कत
चेस्ट फिजीशियन डॉ. अंकित मित्तल बताते हैं कि तापमान कम होने से ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाते हैं। जिससे शरीर में खून के संचार में बाधा आती है। इससे हृदय तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। हृदय को अतिरिक्त श्रम करना पड़ता है। ऐसे में हृदय संबंधित समस्याएं होती हैं। सही मात्रा में धूप न मिलने से विटामिन-डी का स्तर कम हो जाता है, इससे भी हार्ट फेल का खतरा बढ़ जाता है।