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Etah News: 700 रुपये के कोर्स के वसूले जा रहे पांच गुना दाम
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शहर की एक दुकान से किताबें खरीदते अभिभावक व अन्य लोग। संवाद
एटा। जिला शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 12 तक एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकें अनिवार्य कर दी हैं लेकिन इस आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए जिले के अधिकांश सीबीएसई स्कूलों में निजी प्रकाशकों की किताबें चल रही हैं। इससे अभिभावकों को 5 गुना महंगा पाठ्यक्रम खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
विभाग के निर्देशों के बावजूद केंद्रीय विद्यालय, सरस्वती विद्या मंदिर, सरस्वती शिशु मंदिर और परिषदीय स्कूलों को छोड़कर बाकी सभी विद्यालयों में निजी प्रकाशकों की किताबें ही पढ़ाई जा रही हैं। सीबीएसई के एक स्कूल में कक्षा दो के लिए 13 किताबों का पैकेज दुकानों पर 3700 रुपये में बिक रहा है, जबकि एनसीईआरटी की यही पूरी सामग्री मात्र 700 रुपये में उपलब्ध है।
बोले अभिभावक
विद्यालय में प्रवेश कराने के नाम पर अलग से फीस ली जा रही है जबकि बच्चा उसी स्कूल में पहले से ही पढ़ता आ रहा है। वहीं एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदनी पड़ रही है। इससे महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।
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-आरती, अभिभावक, श्रंगार नगर
स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों को अनिवार्य करना चाहिए। निजी प्रकाशकों की किताबें काफी महंगी है जबकि एनसीईआरटी की किताबों का पूरा सेट एक हजार रुपये में ही मिल रहा है। निजी प्रकाशक की किताबें बंद होनी चाहिए।
-आशीष कुमार, अभिभावक, अरुणा नगर
कागजों पर ही सीमित कार्रवाई
शिक्षा विभाग की ओर से निजी प्रकाशकों पर अंकुश लगाने की कार्रवाई केवल कागजों में ही दिख रही है। हालांकि, डीआईओएस ने तीनों तहसीलों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य कराने के लिए टीमें गठित कर दी हैं लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है।
इन टीमों को मिली जिम्मेदारी
सदर तहसील
राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सुभाष सिंह, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडर्न इंटर कॉलेज मुईद्दीनपुर के प्रवक्ता विवेक और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की सहायक अध्यापिका भावना यादव।
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अलीगंज तहसील
राजकीय हाई स्कूल लालपुर जहांगीराबाद जैथरा के प्रधानाध्यापक डॉ. चिंतामणि, राजकीय हाईस्कूल कासोन के प्रधानाध्यापक विशांत कुलश्रेष्ठ और राजकीय विद्यालय मुईद्दीनपुर के प्रधानाचार्य अश्वनी कुमार।
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जलेसर तहसील
राजकीय हाईस्कूल सरनऊ के प्रधानाध्यापक क्षेत्रपाल सिंह, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अनीत यादव और जनता इंटर कॉलेज अवागढ़ के प्रधानाचार्य राकेश बाबू।
वर्जन
जिले के सभी स्ववित्तपोषित एवं सीबीएसई विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कराने के लिए तीनों तहसीलों में टीमें नियुक्त कर दी गई हैं। जहां भी एनसीईआरटी की किताबें संचालित नहीं पाई जाएंगी, वहां जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. इंद्रजीत सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
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विभाग के निर्देशों के बावजूद केंद्रीय विद्यालय, सरस्वती विद्या मंदिर, सरस्वती शिशु मंदिर और परिषदीय स्कूलों को छोड़कर बाकी सभी विद्यालयों में निजी प्रकाशकों की किताबें ही पढ़ाई जा रही हैं। सीबीएसई के एक स्कूल में कक्षा दो के लिए 13 किताबों का पैकेज दुकानों पर 3700 रुपये में बिक रहा है, जबकि एनसीईआरटी की यही पूरी सामग्री मात्र 700 रुपये में उपलब्ध है।
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बोले अभिभावक
विद्यालय में प्रवेश कराने के नाम पर अलग से फीस ली जा रही है जबकि बच्चा उसी स्कूल में पहले से ही पढ़ता आ रहा है। वहीं एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदनी पड़ रही है। इससे महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।
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-आरती, अभिभावक, श्रंगार नगर
स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों को अनिवार्य करना चाहिए। निजी प्रकाशकों की किताबें काफी महंगी है जबकि एनसीईआरटी की किताबों का पूरा सेट एक हजार रुपये में ही मिल रहा है। निजी प्रकाशक की किताबें बंद होनी चाहिए।
-आशीष कुमार, अभिभावक, अरुणा नगर
कागजों पर ही सीमित कार्रवाई
शिक्षा विभाग की ओर से निजी प्रकाशकों पर अंकुश लगाने की कार्रवाई केवल कागजों में ही दिख रही है। हालांकि, डीआईओएस ने तीनों तहसीलों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य कराने के लिए टीमें गठित कर दी हैं लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है।
इन टीमों को मिली जिम्मेदारी
सदर तहसील
राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सुभाष सिंह, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडर्न इंटर कॉलेज मुईद्दीनपुर के प्रवक्ता विवेक और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की सहायक अध्यापिका भावना यादव।
अलीगंज तहसील
राजकीय हाई स्कूल लालपुर जहांगीराबाद जैथरा के प्रधानाध्यापक डॉ. चिंतामणि, राजकीय हाईस्कूल कासोन के प्रधानाध्यापक विशांत कुलश्रेष्ठ और राजकीय विद्यालय मुईद्दीनपुर के प्रधानाचार्य अश्वनी कुमार।
जलेसर तहसील
राजकीय हाईस्कूल सरनऊ के प्रधानाध्यापक क्षेत्रपाल सिंह, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अनीत यादव और जनता इंटर कॉलेज अवागढ़ के प्रधानाचार्य राकेश बाबू।
वर्जन
जिले के सभी स्ववित्तपोषित एवं सीबीएसई विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कराने के लिए तीनों तहसीलों में टीमें नियुक्त कर दी गई हैं। जहां भी एनसीईआरटी की किताबें संचालित नहीं पाई जाएंगी, वहां जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. इंद्रजीत सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक