{"_id":"5756ffca4f1c1b716d9c525f","slug":"havoc-heat-heat-stroke-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी का कहर, हीट स्ट्रोक की मार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी का कहर, हीट स्ट्रोक की मार
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Tue, 07 Jun 2016 10:53 PM IST
विज्ञापन
गर्मी का कहर, हीट स्ट्रोक की मार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उमस भरी गर्मी के कहर और हीट स्ट्रोक की मार से लोग परेशान हैं, जिसके चलते उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। वहीं, जिला अस्पताल और निजी चिकित्सकों के यहां मरीजों की कतार लगी हैं। वहीं पारा भी 42 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है।
भीषण गर्मी के चलते लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिसके चलते मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार, उल्टी-दस्त व गर्मी जनित अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या 1800 तक पहुंच गई। चिकित्सकों के अनुसार गर्मी में शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए। ऐसे में खानपान में बदलाव भी जरूरी है। तैलीय पदार्थों से अधिक हरी सब्जियां एवं रसदार फलों का सेवन हितकर रहता है।
वहीं, गर्मी और तेज धूप के चलते लोग अपने शरीर को पूरी तरह ढककर ही निकल रहे हैं। भीषण गर्मी से निजात पाने को लोग शीतल पेय का सहारा लेते देख गए। दूसरी ओर चिलचिलाती धूप के चलते सड़कों और बाजारों में सन्नाटा ही पसरा दिखाई दिया। लोग देर शाम के बाद ही घरों से बाहर निकले। बावजूद इसके उन्हें गर्मी से राहत नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
-----------
बिजली कटौती ने बढ़ाई परेशानी
भीषण गर्मी में अघोषित विद्युत कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। रोस्टिंग के अलावा होने वाली कटौती के चलते शहर में जलापूर्ति भी बाधित हो रही है। लोगों को न दिन में चैन मिल रहा है और न ही रात में आराम मिल पा रहा है।
----------
गर्मी व लू के थपेड़ों के चलते हीट स्ट्रोक एवं हीट एक्जाशन(थकावट) के चलते बुखार और बदन टूटने की शिकायतें आम हैं। डायरिया की चपेट में बच्चे अधिक आ रहे हैं। वहीं लोगों में पीलिया व लू लगने के लक्षण अधिक मिल रहे हैं।
डॉ. एचवी बिसारिया, अरुणा नगर, एटा
विज्ञापन
भीषण गर्मी के चलते लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिसके चलते मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार, उल्टी-दस्त व गर्मी जनित अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या 1800 तक पहुंच गई। चिकित्सकों के अनुसार गर्मी में शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए। ऐसे में खानपान में बदलाव भी जरूरी है। तैलीय पदार्थों से अधिक हरी सब्जियां एवं रसदार फलों का सेवन हितकर रहता है।
विज्ञापन
वहीं, गर्मी और तेज धूप के चलते लोग अपने शरीर को पूरी तरह ढककर ही निकल रहे हैं। भीषण गर्मी से निजात पाने को लोग शीतल पेय का सहारा लेते देख गए। दूसरी ओर चिलचिलाती धूप के चलते सड़कों और बाजारों में सन्नाटा ही पसरा दिखाई दिया। लोग देर शाम के बाद ही घरों से बाहर निकले। बावजूद इसके उन्हें गर्मी से राहत नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
-----------
बिजली कटौती ने बढ़ाई परेशानी
भीषण गर्मी में अघोषित विद्युत कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। रोस्टिंग के अलावा होने वाली कटौती के चलते शहर में जलापूर्ति भी बाधित हो रही है। लोगों को न दिन में चैन मिल रहा है और न ही रात में आराम मिल पा रहा है।
----------
गर्मी व लू के थपेड़ों के चलते हीट स्ट्रोक एवं हीट एक्जाशन(थकावट) के चलते बुखार और बदन टूटने की शिकायतें आम हैं। डायरिया की चपेट में बच्चे अधिक आ रहे हैं। वहीं लोगों में पीलिया व लू लगने के लक्षण अधिक मिल रहे हैं।
डॉ. एचवी बिसारिया, अरुणा नगर, एटा