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गुलजार बाजार में चमका कारोबार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Oct 2016 11:26 PM IST
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धनतेरस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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धनतेरस पर बाजार में खूब धन वर्षा हुई। बर्तन बाजार जहां देर रात्रि तक खनकता रहा वहीं सर्राफा बाजार में ग्राहकों की भीड़ दिखी। बाजारों में खरीददारी के साथ ही दीपावली के पूजन की सामग्री आदि की भी खरीददारी होती रही। व्यापारियों ने धनतेरस पर पूरे जिले में पचास करोड़ रुपये अधिक के कारोबार की उम्मीद जताई है।
धनतेरस पर्व पर शुक्रवार को पहले से बुक दुपहिया और चार पहिया वाहनों के अलावा इलेक्ट्रानिक्स होम एप्लाएंस, फर्नीचर की डिलीवरी लेने के लिए शोरूम पर दिनभर ग्राहकों की लाइन लगी रही। लोगों को बस धनतेरस के शुभ दिन का इंतजार था। बाजार में भारी भीड़ देख कारोबारियों के चेहरे खिल गए। सबसे ज्यादा भीड़ गणेश-लक्ष्मी, सोने-चांदी के आभूषण, खील, बताशे, झाडू़, पीतल, एल्यूमिनियम, स्टील के बर्तन की दुकानों पर दिखाई दी।
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जमकर बिके चांदी के सिक्के
आभूषण की दुकानों पर सोने चांदी के सिक्के जमकर बिके। हालांकि इस बार चांदी के सिक्कों की कीमत अधिक रही। लक्ष्मी गणेश का नया सिक्का 450-500 रुपये और पुरानी चांदी का सिक्का 800-1000 रुपये में बिका। सर्राफा की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ रही। हर किसी को सिक्का घर ले जाकर पूजन करने की जल्दी रही। महिलाओं ने आभूषण के अलावा चांदी के बर्तन भी खरीदे।
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पांच करोड़ के बिके बर्तन
पर्व पर पीतल, कांसा, स्टील और एल्युमिनियम के बर्तन भी खूब बिके। चम्मच से लेकर कलश, वॉयलर, बाल्टी, डिनर सेट की बम्पर खरीददारी हुई। बर्तनों की एक दुकान पर ग्राहकों को डील करने के लिए व्यापारियों ने कई कर्मचारियों को लगाया था। जिलेभर में इस बार रिकार्ड पांच करोड़ के बर्तन खरीदने का अनुमान है।
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एक हजार से अधिक वाहनों की बिक्री
जिले में बाइक और कार की धनतेरस पर बंपर बिक्री हुई। जिले में 10 करोड़ से अधिक वाहनों की बिक्री का अनुमान लगाया जा रहा है। स्पोर्ट्स बाइक युवाओं की पहली पसंद बनी है। इसके अलावा जिले में दो सौ से अधिक चार पहिया वाहनों की खरीदारी को अनुमान लगाया गया है।
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विधि विधान से हुआ कुबेर लक्ष्मी का पूजन
धनतेरस पर शाम को घर-घर में लक्ष्मी कुबेर का पूजन किया गया। वहंी व्यापारियों ने धनतेरस का दुकान खोलते ही गणेश लक्ष्मी की पूजा कर बेहतर कारोबार की मन्नत मांगी। व्यापारियों ने दुकानों पर तो परिवाराें ने घरों में विधि विधान के साथ पूजन किया और सुख समृद्धि की प्रार्थना की।
छोटी दीवाली आज, तैयारियां पूरी
एटा। धनतेरस के बाद पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। शनिवार को नरक चतुर्दशी यानि छोटी दिवाली मनाई जाएगी। इस मौके पर पितरों को याद किया जाएगा। साथ ही सौभाग्य प्राप्ति और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति की प्रार्थना की जाएगी।
पंडित अरुण कुमार उपाध्याय ने बताया कि नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली भी कहा जाता है। इस दिन सुबह तिल के तेल से मालिश करने के बाद सूर्योदय के समय स्नान करने से बीमारियों से मुक्ति मिलती है। स्नान के बाद पितरों को तर्पण करने से पूर्वजों को भी सद्गति मिलती। तर्पण काले तिल और जल से करना चाहिए। उन्होंने बताया कि शाम को घर की छत पर पांच दीपक और निकटवर्ती मंदिर, सड़क पर दीपक जलाना शुभ रहता है। वहीं अधीक्षण अभियंता एके जैन ने बताया कि पर्व पर अनवरत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। ऊपर से मिलने वाली आपूर्ति शत प्रतिशत सुचारु रहेगी। फाल्ट-ट्रिपिंग के लिए मोबाइल टीमों का गठन कर दिया गया है।
नरक चतुर्दशी पर पूजन और दीपक जलाने का शुभ समय शाम 5.20 से शाम छह बजे तक है। इसके साथ ही चतुर्दशी तिथि शुक्रवार शाम 6.18 बजे से शुरू हो चुकी है, जो शनिवार शाम 7.52 बजे समाप्त हो जायेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जायेगी।
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धनतेरस पर्व पर शुक्रवार को पहले से बुक दुपहिया और चार पहिया वाहनों के अलावा इलेक्ट्रानिक्स होम एप्लाएंस, फर्नीचर की डिलीवरी लेने के लिए शोरूम पर दिनभर ग्राहकों की लाइन लगी रही। लोगों को बस धनतेरस के शुभ दिन का इंतजार था। बाजार में भारी भीड़ देख कारोबारियों के चेहरे खिल गए। सबसे ज्यादा भीड़ गणेश-लक्ष्मी, सोने-चांदी के आभूषण, खील, बताशे, झाडू़, पीतल, एल्यूमिनियम, स्टील के बर्तन की दुकानों पर दिखाई दी।
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जमकर बिके चांदी के सिक्के
आभूषण की दुकानों पर सोने चांदी के सिक्के जमकर बिके। हालांकि इस बार चांदी के सिक्कों की कीमत अधिक रही। लक्ष्मी गणेश का नया सिक्का 450-500 रुपये और पुरानी चांदी का सिक्का 800-1000 रुपये में बिका। सर्राफा की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ रही। हर किसी को सिक्का घर ले जाकर पूजन करने की जल्दी रही। महिलाओं ने आभूषण के अलावा चांदी के बर्तन भी खरीदे।
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पांच करोड़ के बिके बर्तन
पर्व पर पीतल, कांसा, स्टील और एल्युमिनियम के बर्तन भी खूब बिके। चम्मच से लेकर कलश, वॉयलर, बाल्टी, डिनर सेट की बम्पर खरीददारी हुई। बर्तनों की एक दुकान पर ग्राहकों को डील करने के लिए व्यापारियों ने कई कर्मचारियों को लगाया था। जिलेभर में इस बार रिकार्ड पांच करोड़ के बर्तन खरीदने का अनुमान है।
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एक हजार से अधिक वाहनों की बिक्री
जिले में बाइक और कार की धनतेरस पर बंपर बिक्री हुई। जिले में 10 करोड़ से अधिक वाहनों की बिक्री का अनुमान लगाया जा रहा है। स्पोर्ट्स बाइक युवाओं की पहली पसंद बनी है। इसके अलावा जिले में दो सौ से अधिक चार पहिया वाहनों की खरीदारी को अनुमान लगाया गया है।
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विधि विधान से हुआ कुबेर लक्ष्मी का पूजन
धनतेरस पर शाम को घर-घर में लक्ष्मी कुबेर का पूजन किया गया। वहंी व्यापारियों ने धनतेरस का दुकान खोलते ही गणेश लक्ष्मी की पूजा कर बेहतर कारोबार की मन्नत मांगी। व्यापारियों ने दुकानों पर तो परिवाराें ने घरों में विधि विधान के साथ पूजन किया और सुख समृद्धि की प्रार्थना की।
छोटी दीवाली आज, तैयारियां पूरी
एटा। धनतेरस के बाद पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। शनिवार को नरक चतुर्दशी यानि छोटी दिवाली मनाई जाएगी। इस मौके पर पितरों को याद किया जाएगा। साथ ही सौभाग्य प्राप्ति और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति की प्रार्थना की जाएगी।
पंडित अरुण कुमार उपाध्याय ने बताया कि नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली भी कहा जाता है। इस दिन सुबह तिल के तेल से मालिश करने के बाद सूर्योदय के समय स्नान करने से बीमारियों से मुक्ति मिलती है। स्नान के बाद पितरों को तर्पण करने से पूर्वजों को भी सद्गति मिलती। तर्पण काले तिल और जल से करना चाहिए। उन्होंने बताया कि शाम को घर की छत पर पांच दीपक और निकटवर्ती मंदिर, सड़क पर दीपक जलाना शुभ रहता है। वहीं अधीक्षण अभियंता एके जैन ने बताया कि पर्व पर अनवरत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। ऊपर से मिलने वाली आपूर्ति शत प्रतिशत सुचारु रहेगी। फाल्ट-ट्रिपिंग के लिए मोबाइल टीमों का गठन कर दिया गया है।
नरक चतुर्दशी पर पूजन और दीपक जलाने का शुभ समय शाम 5.20 से शाम छह बजे तक है। इसके साथ ही चतुर्दशी तिथि शुक्रवार शाम 6.18 बजे से शुरू हो चुकी है, जो शनिवार शाम 7.52 बजे समाप्त हो जायेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जायेगी।