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शिवालयों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Mon, 03 Aug 2015 10:54 PM IST
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श्रावण मास का पहला सोमवार भोलेनाथ के नाम रहा। शिवालयों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर की किरण निकलने के साथ ही दोपहर तक पूजा-अर्चना करने के लिए भक्तों की भीड़ मंदिरों पर दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर भोलेनाथ को मनाया। कांवड़ियों की भी बम-बम भोले की गूंज सुनाई दी। महिला पुरुषों ने व्रत रखा। शिव मंदिरों पर सजावट के साथ पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। शहर के प्रसिद्ध कैलाश मंदिर, परसौंन स्थित शिव मंदिर और जलेसर के इच्छेश्वर महादेव पर भक्तों का तांता लगा रहा, वहीं मेला भी लगा। सायं के समय मंदिरों पर हुई आरती और बजते घंटों की गूंज से वातावरण भी भक्तिमय दिखाई दिया।
सुबह से ही भोलेनाथ को मनाने के लिए शिवभक्तों का शिवालयों की ओर गूंज शुरू हो गया। इस दौरान क्रमबद्ध तरीके से भक्तों ने जलाभिषेक किया। हाथों में पूजा की थाली, फूल, बेलपत्र, धतूरा फल आदि लेकर मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने शिवजी की पूजा-अर्चना की और उन्हें मनाया। प्रसिद्ध कैलाश महादेव मंदिर में सुबह को खुले पट के साथ ही जलाभिषेक करने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। शाम के समय हुई आरती में भक्तों का रेला दूर तक दिखाई दिया। इसके अलावा इंद्रपुरी स्थित शिव मंदिर, अरूणानगर शिव मंदिर, शांती नगर जनता दुर्गा मंदिर, डाक बंगलिया शिव मंदिर, नई बस्ती स्थित शिव मंदिर, घंटाघर स्थित मंदिर, सब्जी मंडी स्थित शिव मंदिर पर भी जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना करने वालों की भीड़ लगी रही। गांव परसौंन स्थित शिव मदिर पर भी सैकड़ों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। वहीं मेला लगा। कैलाश मंदिर के महंत पंडित धीरेंद्र कुमार झा का कहना है कि अगर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाए तो मनुष्य के हर संकट दूर हो जाते हैं। भगवान शिव का जलाभिषेक दूध, दही, शहद, घी, बूरा गंगाजल से होता है।
कांवड़ियों की भी दिखाई दी भीड़
एटा। सावन के पहले सोमवार को कांवड़ियों ने भी शिवलायों पर पहुंचकर जलाभिषेक किया। वहीं बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण को भी भक्तिमय बना दिया। कांवडिय़ों में उत्साह देखते ही बन रहा था।
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खूब बिके फल फूल व बेलपत्र
एटा। इस दौरान फल फूल, बेलपत्रों की मांग ज्यादा दिखाई दी। मंदिरों के पास बैठे लोगों ने इन्हें बेचकर पैसे कमाए, वहीं फलों की बढ़ी मांग ने इनके भाव भी चढ़ा दिए। और दिन के मुकाबले आज यह महंगे बिके।
धूमधाम से निकाली गई छप्पनभोग कलश यात्रा
शिव पार्वती की झांकी रही आकर्षक का केंद्र, 101 कलशों से किया जलाभिषेक
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। कैलाश मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में सोमवार को छप्पन भोग कलश यात्रा व महाअभिषेक शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। ठंडी सड़क स्थित पथवारी मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। महिलाएं सिर पर कलश धारण कर निकलीं। इस दौरान भक्तिगीतों पर श्रद्धालु झूमते नाचते चल रहे थे। शोभायात्रा में शिव पार्वती की झांकी भी निकाली गई। जो सभी के आकर्षक का केंद्र बिंदु बनी रही। शोभायात्रा में छप्पन भोग की झांकी भी निकाली गई, जिसे देखने लोगों की भीड़ सड़क पर जमा हो गई।
काली मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा घंटाघर, मेहता पार्क, जीटी रोड, हाथी गेट, सुभाषचंद्र मूर्ति, बली मोहम्म्द चौराहा होते हुए कैलाश मंदिर पहुंच कर समाप्त हो गई। यहां पहुंचकर भक्तों ने 101 कलशों में दूध व गंगाजल से शिवजी का जलाभिषेक किया। बाद में छप्पन भोग लगाए गए।
इस मौके पर आलोक वार्ष्णेय, चंद्रपाल वार्ष्णेय , चेतन्य वार्ष्णेय , सुजीत देव वार्ष्णेय, सभासद, प्रमोद वार्ष्णेय , विशाल वार्ष्णेय , राहुल वार्ष्णेय , लक्ष्मीनारायण वार्ष्णेय , कुलदीप, अनीता वार्ष्णेय , नीलम, रेखा, राजेश्वरी, मुस्कान आदि अन्य लोग मौजूद थे।
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सुबह से ही भोलेनाथ को मनाने के लिए शिवभक्तों का शिवालयों की ओर गूंज शुरू हो गया। इस दौरान क्रमबद्ध तरीके से भक्तों ने जलाभिषेक किया। हाथों में पूजा की थाली, फूल, बेलपत्र, धतूरा फल आदि लेकर मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने शिवजी की पूजा-अर्चना की और उन्हें मनाया। प्रसिद्ध कैलाश महादेव मंदिर में सुबह को खुले पट के साथ ही जलाभिषेक करने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। शाम के समय हुई आरती में भक्तों का रेला दूर तक दिखाई दिया। इसके अलावा इंद्रपुरी स्थित शिव मंदिर, अरूणानगर शिव मंदिर, शांती नगर जनता दुर्गा मंदिर, डाक बंगलिया शिव मंदिर, नई बस्ती स्थित शिव मंदिर, घंटाघर स्थित मंदिर, सब्जी मंडी स्थित शिव मंदिर पर भी जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना करने वालों की भीड़ लगी रही। गांव परसौंन स्थित शिव मदिर पर भी सैकड़ों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। वहीं मेला लगा। कैलाश मंदिर के महंत पंडित धीरेंद्र कुमार झा का कहना है कि अगर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाए तो मनुष्य के हर संकट दूर हो जाते हैं। भगवान शिव का जलाभिषेक दूध, दही, शहद, घी, बूरा गंगाजल से होता है।
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कांवड़ियों की भी दिखाई दी भीड़
एटा। सावन के पहले सोमवार को कांवड़ियों ने भी शिवलायों पर पहुंचकर जलाभिषेक किया। वहीं बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण को भी भक्तिमय बना दिया। कांवडिय़ों में उत्साह देखते ही बन रहा था।
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खूब बिके फल फूल व बेलपत्र
एटा। इस दौरान फल फूल, बेलपत्रों की मांग ज्यादा दिखाई दी। मंदिरों के पास बैठे लोगों ने इन्हें बेचकर पैसे कमाए, वहीं फलों की बढ़ी मांग ने इनके भाव भी चढ़ा दिए। और दिन के मुकाबले आज यह महंगे बिके।
धूमधाम से निकाली गई छप्पनभोग कलश यात्रा
शिव पार्वती की झांकी रही आकर्षक का केंद्र, 101 कलशों से किया जलाभिषेक
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। कैलाश मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में सोमवार को छप्पन भोग कलश यात्रा व महाअभिषेक शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। ठंडी सड़क स्थित पथवारी मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। महिलाएं सिर पर कलश धारण कर निकलीं। इस दौरान भक्तिगीतों पर श्रद्धालु झूमते नाचते चल रहे थे। शोभायात्रा में शिव पार्वती की झांकी भी निकाली गई। जो सभी के आकर्षक का केंद्र बिंदु बनी रही। शोभायात्रा में छप्पन भोग की झांकी भी निकाली गई, जिसे देखने लोगों की भीड़ सड़क पर जमा हो गई।
काली मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा घंटाघर, मेहता पार्क, जीटी रोड, हाथी गेट, सुभाषचंद्र मूर्ति, बली मोहम्म्द चौराहा होते हुए कैलाश मंदिर पहुंच कर समाप्त हो गई। यहां पहुंचकर भक्तों ने 101 कलशों में दूध व गंगाजल से शिवजी का जलाभिषेक किया। बाद में छप्पन भोग लगाए गए।
इस मौके पर आलोक वार्ष्णेय, चंद्रपाल वार्ष्णेय , चेतन्य वार्ष्णेय , सुजीत देव वार्ष्णेय, सभासद, प्रमोद वार्ष्णेय , विशाल वार्ष्णेय , राहुल वार्ष्णेय , लक्ष्मीनारायण वार्ष्णेय , कुलदीप, अनीता वार्ष्णेय , नीलम, रेखा, राजेश्वरी, मुस्कान आदि अन्य लोग मौजूद थे।