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Etah News: करोड़ों रुपये का बिजली बिल दबाए बैठे सरकारी कार्यालय
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देशदीपक
एटा। आम उपभोक्ताओं के महज कुछ सौ या हजार रुपये के मामूली बकाए पर तत्काल कनेक्शन काटने की फुर्ती दिखाने वाला विद्युत निगम सरकारी रसूखदारों के आगे बेबस नजर आ रहा है। जिले के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, एसएसपी बैरक और सेना नायक पीएसी समेत करीब 125 सरकारी कार्यालयों और वीआईपी आवासों पर कई सालों से 3 करोड़ 3 लाख 97 हजार 146 रुपये का भारी-भरकम बिजली बिल बकाया है।
विद्युत निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक जिले के 125 सरकारी कार्यालयों और आवासों पर कुल 3 करोड़ 3 लाख 97 हजार 146 रुपये का बिजली बिल बकाया है। इन कार्यालयों व आवासों को वित्तीय वर्ष समाप्त के अंतिम माह मार्च में इसके लिए फंड जारी किया जाता है। उसके बाद भी विद्युत निगम की इतनी बड़ी रकम अभी भी बकाया है। जबकि सामान्य उपभोक्ताओं से समय पर वसूली के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि जिन विभागों पर राजस्व वसूली की जिम्मेदारी है, वही सरकारी संस्थान बिजली निगम के करोड़ों रुपये दबाए बैठे हैं। इससे विभाग की वित्तीय स्थिति पर भी असर पड़ रहा है।
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स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी नहीं कटती बिजली
आम उपभोक्ता यदि लगातार तीन माह तक बिजली बिल जमा नहीं कर पाए तो उसका कनेक्शन तत्काल काट दिया जाता है। हैरानी की बात यह भी है कि अधिकांश सरकारी आवासों में स्मार्ट मीटर लगे हुए हैं। इसके बावजूद बकाया होने पर न तो बिजली आपूर्ति बाधित की जाती और न ही सख्त वसूली की कार्रवाई की होती है। जबकि आम उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर का बैलेंस शून्य होते ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती थी।
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सरकारी विभाग के प्रति नरमी, आम उपभोक्ताओं के प्रति सख्तीः
सरकारी विभागों के प्रति नरमी और आम उपभोक्ताओं पर सख्ती के इस रवैये ने विद्युत निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि नियम सभी के लिए समान हैं तो करोड़ों रुपये के बकाएदार सरकारी कार्यालयों पर भी वही कार्रवाई होनी चाहिए, जो सामान्य उपभोक्ताओं के साथ की जाती है।
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कहते हैं आंकड़ेः
शहर में कुल उपभोक्ता- 41 हजार
कुल बकाएदार उपभोक्ता- 1 हजार
बकाएदारों की कुल धनराशि- 75 लाख
कुल सरकारी कार्यालय व आवास- 125
कुल बकाया धनराशि- 30397146
शहर में लगाए गए कुल स्मार्ट मीटर- 35 हजार
शहर में सरकारी आवास व कार्यालय पर लगाए गए स्मार्ट मीटर- 150
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टॉप 10 सरकारी कार्यालय का बकाया बिलः
कार्यालय व आवास- बकाया बिल
एसएसपी बैरक-2731934
सेना नायक पीएसी-2551015
एसएसपी कार्यालय-2468440
मेडिकल कॉलेज-2106683
एसएसपी आवास-2046150
जिला अस्पताल-1479782
एडीएम कैंपस-1403163
ब्लॉक यूनिवर्सल नंबर 2 कार्यालय-595486
समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय-420729
पीएचसी मंडी समिति-393179
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-- -वर्जन-- -
सरकारी कार्यालय का बिजली बिल लखनऊ से वित्तीय वर्ष के अंदर किया जाता है। किसी विभाग का मार्च माह में जमा होता है। प्रयास किया जा रहा है कि सभी विभागों का बकाया बिल जमा हो जाए।
- सुभाष चंद्र, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम
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एटा। आम उपभोक्ताओं के महज कुछ सौ या हजार रुपये के मामूली बकाए पर तत्काल कनेक्शन काटने की फुर्ती दिखाने वाला विद्युत निगम सरकारी रसूखदारों के आगे बेबस नजर आ रहा है। जिले के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, एसएसपी बैरक और सेना नायक पीएसी समेत करीब 125 सरकारी कार्यालयों और वीआईपी आवासों पर कई सालों से 3 करोड़ 3 लाख 97 हजार 146 रुपये का भारी-भरकम बिजली बिल बकाया है।
विद्युत निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक जिले के 125 सरकारी कार्यालयों और आवासों पर कुल 3 करोड़ 3 लाख 97 हजार 146 रुपये का बिजली बिल बकाया है। इन कार्यालयों व आवासों को वित्तीय वर्ष समाप्त के अंतिम माह मार्च में इसके लिए फंड जारी किया जाता है। उसके बाद भी विद्युत निगम की इतनी बड़ी रकम अभी भी बकाया है। जबकि सामान्य उपभोक्ताओं से समय पर वसूली के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि जिन विभागों पर राजस्व वसूली की जिम्मेदारी है, वही सरकारी संस्थान बिजली निगम के करोड़ों रुपये दबाए बैठे हैं। इससे विभाग की वित्तीय स्थिति पर भी असर पड़ रहा है।
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स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी नहीं कटती बिजली
आम उपभोक्ता यदि लगातार तीन माह तक बिजली बिल जमा नहीं कर पाए तो उसका कनेक्शन तत्काल काट दिया जाता है। हैरानी की बात यह भी है कि अधिकांश सरकारी आवासों में स्मार्ट मीटर लगे हुए हैं। इसके बावजूद बकाया होने पर न तो बिजली आपूर्ति बाधित की जाती और न ही सख्त वसूली की कार्रवाई की होती है। जबकि आम उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर का बैलेंस शून्य होते ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती थी।
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सरकारी विभाग के प्रति नरमी, आम उपभोक्ताओं के प्रति सख्तीः
सरकारी विभागों के प्रति नरमी और आम उपभोक्ताओं पर सख्ती के इस रवैये ने विद्युत निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि नियम सभी के लिए समान हैं तो करोड़ों रुपये के बकाएदार सरकारी कार्यालयों पर भी वही कार्रवाई होनी चाहिए, जो सामान्य उपभोक्ताओं के साथ की जाती है।
कहते हैं आंकड़ेः
शहर में कुल उपभोक्ता- 41 हजार
कुल बकाएदार उपभोक्ता- 1 हजार
बकाएदारों की कुल धनराशि- 75 लाख
कुल सरकारी कार्यालय व आवास- 125
कुल बकाया धनराशि- 30397146
शहर में लगाए गए कुल स्मार्ट मीटर- 35 हजार
शहर में सरकारी आवास व कार्यालय पर लगाए गए स्मार्ट मीटर- 150
टॉप 10 सरकारी कार्यालय का बकाया बिलः
कार्यालय व आवास- बकाया बिल
एसएसपी बैरक-2731934
सेना नायक पीएसी-2551015
एसएसपी कार्यालय-2468440
मेडिकल कॉलेज-2106683
एसएसपी आवास-2046150
जिला अस्पताल-1479782
एडीएम कैंपस-1403163
ब्लॉक यूनिवर्सल नंबर 2 कार्यालय-595486
समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय-420729
पीएचसी मंडी समिति-393179
सरकारी कार्यालय का बिजली बिल लखनऊ से वित्तीय वर्ष के अंदर किया जाता है। किसी विभाग का मार्च माह में जमा होता है। प्रयास किया जा रहा है कि सभी विभागों का बकाया बिल जमा हो जाए।
- सुभाष चंद्र, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम