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गर्मी के साथ गहराया जलसंकट, 1686 हैंडपंप खराब
amar ujala
Updated Sun, 02 Apr 2017 11:32 PM IST
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खराब हैंडपंप।
- फोटो : amar ujala
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गर्मी के साथ ही कई गांवों में पानी की समस्या भी खड़ी होने लगी है। ऐसा यहां खराब पड़े हैंडपंपों को रिबोर, मरम्मत नहीं कराने से है। जबकि सरकार ने पेयजल की समस्या खड़ी होने पर डीएम को जिम्मेदार माने जाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी हैंडपंपों को ठीक कराने में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था के लिए 17,194 हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें 1686 हैंडपंप खराब पड़े हैं। 889 हैंडपंप तो छोटी मोटी खराबी के कारण ही बंद पड़े हैं। जबकि 797 हैंडपंप रिबोर होने हैं। इधर, अप्रैल माह शुरू होते ही पारा 42 पहुंच गया है। प्रचंड गर्मी के साथ ही हैंडपंपों की खराबी के कारण कई गांवों में पानी की किल्लत से भी लोग जूझ रहे हैं। उन्हें पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। नगला बहरा, ढोलना आदि कई गांवों में भी काफी समय से हैंडपंप खराब हैं। जिला अस्पताल में भी हैंडपंप की खराबी के कारण मरीजों एवं तीमारदारों को भटकना पड़ता है। लोगों का कहना है कि यदि खराब हैंडपंपों को जल्द दुरुस्त नहीं कराया गया तो मई, जून में तो पेयजल के लिए हाहाकार मच सकता है।
कुआं के पानी से हो रहा गुजारा
कासगंज। डोलना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुढार के मजरा नगला होती में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। 700 की आबादी वाले इस गांव में महज दो हैंडपंप लगे हैं, वे भी काफी समय से खराब हैं। इससे पूरा गांव कुआं के पानी पर आश्रित है। गांव के याद राम ने बताया कि हैंडपंप खराब होने की शिकायत कई बार नेता, अधिकारियों से की गई, लेकिन किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। हरीशंकर बताते हैं कि जनप्रतिनिधियों ने कभी यहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया।
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ये हैं विकास क्षेत्र वार आंकडे़
ब्लाक हैंडपंप मरम्मत योग्य रिबोर
कासगंज 180 172
सोरों 148 120
सहावर 91 79
अमापुर 120 105
गंजडुडवारा 115 108
पटियाली 122 115
सिढ़पुरा 113 98
खराब हैंडपंपों को ठीक करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। जल्द ही हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाएगी।
-डीके सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम
फोटो
बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था के लिए 17,194 हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें 1686 हैंडपंप खराब पड़े हैं। 889 हैंडपंप तो छोटी मोटी खराबी के कारण ही बंद पड़े हैं। जबकि 797 हैंडपंप रिबोर होने हैं। इधर, अप्रैल माह शुरू होते ही पारा 42 पहुंच गया है। प्रचंड गर्मी के साथ ही हैंडपंपों की खराबी के कारण कई गांवों में पानी की किल्लत से भी लोग जूझ रहे हैं। उन्हें पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। नगला बहरा, ढोलना आदि कई गांवों में भी काफी समय से हैंडपंप खराब हैं। जिला अस्पताल में भी हैंडपंप की खराबी के कारण मरीजों एवं तीमारदारों को भटकना पड़ता है। लोगों का कहना है कि यदि खराब हैंडपंपों को जल्द दुरुस्त नहीं कराया गया तो मई, जून में तो पेयजल के लिए हाहाकार मच सकता है।
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कुआं के पानी से हो रहा गुजारा
कासगंज। डोलना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुढार के मजरा नगला होती में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। 700 की आबादी वाले इस गांव में महज दो हैंडपंप लगे हैं, वे भी काफी समय से खराब हैं। इससे पूरा गांव कुआं के पानी पर आश्रित है। गांव के याद राम ने बताया कि हैंडपंप खराब होने की शिकायत कई बार नेता, अधिकारियों से की गई, लेकिन किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। हरीशंकर बताते हैं कि जनप्रतिनिधियों ने कभी यहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया।
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ये हैं विकास क्षेत्र वार आंकडे़
ब्लाक हैंडपंप मरम्मत योग्य रिबोर
कासगंज 180 172
सोरों 148 120
सहावर 91 79
अमापुर 120 105
गंजडुडवारा 115 108
पटियाली 122 115
सिढ़पुरा 113 98
खराब हैंडपंपों को ठीक करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। जल्द ही हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाएगी।
-डीके सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम
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