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Etah News: गैंगलीडर और उसके भाई को सात साल की सजा
Fri, 21 Mar 2025 06:11 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 21 Mar 2025 06:11 PM IST
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सांकेतिक
- फोटो : सांकेतिक
एटा। विशेष न्यायाधीश उप्र गिरोहबंद अधिनियम निशांत शैव्य ने शुक्रवार को एक मामले में फैसला सुनाया। दोषी पाए गए गैंगलीडर मनोज कुमार उर्फ बुलबुल और उसके भाई विनीत कुमार निवासी महावीरगंज जलेसर को सात साल कैद की सजा सुनाई।
जलेसर के तत्कालीन थाना प्रभारी महीपाल सिंह तोमर ने 8 अप्रैल 2015 को मुकदमा दर्ज किया था। लिखा था कि मनोज कुमार का संगठित गिरोह है। वह इस गिरोह का लीडर है। विनीत कुमार इसका सक्रिय सदस्य है। ये लोग आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए हत्या जैसे अपराधों को अंजाम देते हैं। जनता में इनका भय है कि कोई गवाही देने की हिम्मत नहीं करता। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाह पेश किए गए।
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि इन लोगों ने मार्च 2015 में गांव के एक व्यक्ति की हत्या होली के दौरान गोली मारकर की थी। जिससे होली खेल रहे लोगों में भगदड़ मच गई थी। हत्या वाला मुकदमा अलग विचाराधीन है। दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत में मनोज और विनीत को दोषी पाया गया। उनको सात साल के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश अदालत ने दिया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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जलेसर के तत्कालीन थाना प्रभारी महीपाल सिंह तोमर ने 8 अप्रैल 2015 को मुकदमा दर्ज किया था। लिखा था कि मनोज कुमार का संगठित गिरोह है। वह इस गिरोह का लीडर है। विनीत कुमार इसका सक्रिय सदस्य है। ये लोग आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए हत्या जैसे अपराधों को अंजाम देते हैं। जनता में इनका भय है कि कोई गवाही देने की हिम्मत नहीं करता। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाह पेश किए गए।
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सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि इन लोगों ने मार्च 2015 में गांव के एक व्यक्ति की हत्या होली के दौरान गोली मारकर की थी। जिससे होली खेल रहे लोगों में भगदड़ मच गई थी। हत्या वाला मुकदमा अलग विचाराधीन है। दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत में मनोज और विनीत को दोषी पाया गया। उनको सात साल के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश अदालत ने दिया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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