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17 साल बाद पहली बार पंडालों में नहीं विराजेंगे गणपति : फोटो 15-30-36
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एटा। कोरोना संक्रमण के कारण 17 साल में पहली बार जिले के पंडलों में गणपति बप्पा नहीं विराजेंगे। वहीं भक्ति का सैलाब देखने को भी नहीं मिलेगा। इस बार घरों में ही भगवान श्रीगणेश की पूजा-अर्चना होगी।
इस बार 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी है। एटा में अलग-अलग स्थानों पर 29 पंडाल सजाए जाते थे। जहां मेला जैसा आयोजन होता था। पंडालों में जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित भंडारा व रात के समय भजन का आयोजन होता रहा है। लेकिन यह इस बार कोरोना संक्रमण के चलते सार्वजनिक आयोजन नहीं होगा।
इस बार भक्त घरों में गणेश की स्थापना कर पूजा-अर्चना करेंगे। शहर में वर्ष 2003 में घंटाघर के पास सर्राफा व्यवसायियों ने गणेश महोत्सव की शुरुआत स्वर्णकार मंदिर से की थी। कमेटी के पदाधिकारी अमित चौहान का कहना है उन्हें गणेश महोत्सव की प्रेरणा महाराष्ट्र में होने वाले आयोजनों से मिली थी।
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कार्यक्रम से जुड़े मराठा
सर्राफा व्यवसायी आनंद का कहना है। कार्यक्रम शुरू होने के तीन वर्ष बाद मुंबई के मराठा समुदाय के लोग इससे जुड़ गए। धीरे- धीरे शहर में कई जगहों पर कार्यक्रम होने लगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 महाकाल ग्रुप जुड़ गया। वहीं बाद में यह ग्रुप मेहता पार्क में गणेश को विराजने लगा। इस बार कोरोना महामारी के चलते कार्यक्रम नहीं होंगे।
कोविड-19 को लेकर शासन के गाइडलाइन और निर्देशों का पालन किया जाएगा। किसी तरह के सार्वजनिक मूर्ति स्थापना के आयोजन नहीं होंगे। लोग घरों में ही रहकर ही पूजा करेंगे।
-विवेक मिश्रा, एडीएम प्रशासन
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इस बार 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी है। एटा में अलग-अलग स्थानों पर 29 पंडाल सजाए जाते थे। जहां मेला जैसा आयोजन होता था। पंडालों में जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित भंडारा व रात के समय भजन का आयोजन होता रहा है। लेकिन यह इस बार कोरोना संक्रमण के चलते सार्वजनिक आयोजन नहीं होगा।
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इस बार भक्त घरों में गणेश की स्थापना कर पूजा-अर्चना करेंगे। शहर में वर्ष 2003 में घंटाघर के पास सर्राफा व्यवसायियों ने गणेश महोत्सव की शुरुआत स्वर्णकार मंदिर से की थी। कमेटी के पदाधिकारी अमित चौहान का कहना है उन्हें गणेश महोत्सव की प्रेरणा महाराष्ट्र में होने वाले आयोजनों से मिली थी।
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कार्यक्रम से जुड़े मराठा
सर्राफा व्यवसायी आनंद का कहना है। कार्यक्रम शुरू होने के तीन वर्ष बाद मुंबई के मराठा समुदाय के लोग इससे जुड़ गए। धीरे- धीरे शहर में कई जगहों पर कार्यक्रम होने लगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 महाकाल ग्रुप जुड़ गया। वहीं बाद में यह ग्रुप मेहता पार्क में गणेश को विराजने लगा। इस बार कोरोना महामारी के चलते कार्यक्रम नहीं होंगे।
कोविड-19 को लेकर शासन के गाइडलाइन और निर्देशों का पालन किया जाएगा। किसी तरह के सार्वजनिक मूर्ति स्थापना के आयोजन नहीं होंगे। लोग घरों में ही रहकर ही पूजा करेंगे।
-विवेक मिश्रा, एडीएम प्रशासन