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गांव महावर में बुखार से दो बच्चों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Sat, 20 Aug 2016 11:41 PM IST
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बुखार का प्रकोप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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परिवहन राज्य मंत्री मानपाल सिंह के पैतृक गांव महावर में बुखार से दो बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि दर्जन भर से अधिक ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। ग्रामीण निजी चिकित्सकों व ग्रामीण चिकित्सकों के सहारे अपना इलाज करा रहे हैं।
गौरव (6 माह) पुत्र अर्जुन को तेेज बुखार की शिकायत हुई। परिवारीजन उसे निजी चिकित्सक के यहां उपचार के लिए ले गए लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। शुक्रवार की रात्रि को उसकी मौत हो गई। जबकि दीक्षा(5) पुत्री राजवीर की एक दिन पहले बुखार से मौत हो गई। गांव में लाइक सिंह पुत्र नन्नू सिंह, ऊषा पत्नी वीरेंद्र, सर्वेश पत्नी भगवती, रोहित पुत्र राजकुमार, राजकुमारी पत्नी तिरमल सिंह, सरोज(4) पुत्री तिरमल, भवनेश (7 माह) पुत्र हरी सिंह, शिवम(4) पुत्र किशनी, देवेंद्र(6 माह) पुत्र जयप्रकाश सहित अन्य ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। ग्राम प्रधान जालिम सिंह ने बताया कि गांव में बुखार के प्रकोप के बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची है। ग्रामीणों को मजबूरन शहर के निजी चिकित्सकों के पास जाकर अपना इलाज कराना पड़ रहा है। पूर्व प्रधान लटूरी सिंह ने कहा कि परिवहन राज्य मंत्री का गांव होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है।
ढोलना के अस्पताल में है मात्र एक चिकित्सक
कासगंज। ढोलना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना हुआ है। इस स्वास्थ्य केंद्र से क्षेत्र के 54 गांव जुड़े हुए हैं लेकिन स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं है। इस समय क्षेत्र में बीमारी का प्रकोप बना हुआ है। प्रतिदिन 200-300 मरीज तक इलाज को पहुंच रहे हैं। एक चिकित्सक के सहारे ही इन मरीजों का इलाज होता है। मरीजों को इलाज के लिए घंटो इंतजार करना होता है। वहीं सीएमओ रगंजीत सिंह ने कहा कि गांव महावर में चिकित्सकों की टीम भेजकर पीड़ितों का इलाज कराया जाएगा।
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गौरव (6 माह) पुत्र अर्जुन को तेेज बुखार की शिकायत हुई। परिवारीजन उसे निजी चिकित्सक के यहां उपचार के लिए ले गए लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। शुक्रवार की रात्रि को उसकी मौत हो गई। जबकि दीक्षा(5) पुत्री राजवीर की एक दिन पहले बुखार से मौत हो गई। गांव में लाइक सिंह पुत्र नन्नू सिंह, ऊषा पत्नी वीरेंद्र, सर्वेश पत्नी भगवती, रोहित पुत्र राजकुमार, राजकुमारी पत्नी तिरमल सिंह, सरोज(4) पुत्री तिरमल, भवनेश (7 माह) पुत्र हरी सिंह, शिवम(4) पुत्र किशनी, देवेंद्र(6 माह) पुत्र जयप्रकाश सहित अन्य ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। ग्राम प्रधान जालिम सिंह ने बताया कि गांव में बुखार के प्रकोप के बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची है। ग्रामीणों को मजबूरन शहर के निजी चिकित्सकों के पास जाकर अपना इलाज कराना पड़ रहा है। पूर्व प्रधान लटूरी सिंह ने कहा कि परिवहन राज्य मंत्री का गांव होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है।
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ढोलना के अस्पताल में है मात्र एक चिकित्सक
कासगंज। ढोलना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना हुआ है। इस स्वास्थ्य केंद्र से क्षेत्र के 54 गांव जुड़े हुए हैं लेकिन स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं है। इस समय क्षेत्र में बीमारी का प्रकोप बना हुआ है। प्रतिदिन 200-300 मरीज तक इलाज को पहुंच रहे हैं। एक चिकित्सक के सहारे ही इन मरीजों का इलाज होता है। मरीजों को इलाज के लिए घंटो इंतजार करना होता है। वहीं सीएमओ रगंजीत सिंह ने कहा कि गांव महावर में चिकित्सकों की टीम भेजकर पीड़ितों का इलाज कराया जाएगा।
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