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Etah News: आरोपों से मुकरे एससी-एसटी के पीड़ित, मुकदमे छूटे
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एटा। जातिसूचक रूप से बेइज्जती के आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन कोर्ट चली सुनवाई के बीच पीड़ित अपने ही आरोपों से मुकर गए। ऐसे में दो मुकदमे छूट गए और आरोपियों को बरी कर दिया गया।
करीब चार साल पहले थाना पिलुआ में एक व्यक्ति ने विंटा उर्फ विंटू निवासी गांव नगला भरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 9 जनवरी 2020 को मैं खेत पर गया था। इसी बीच विंटा घर में घुस गया और मेरी पत्नी के साथ अश्लील हरकतें करने लगा। मैं लौटा तो जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। अदालत में सुनवाई हुई तो वादी ने बताया कि पत्नी से अश्लील हरकत व उसके साथ जातिसूचक गालियां व जान से मारने की धमकी नहीं दी गई। पत्नी ने भी इन आरोपों से इन्कार कर दिया। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट अली रजा ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया।
दूसरा मामला जैथरा थाना क्षेत्र के गांव भवकरिया का है। रामसनेही ने गांव के ही बेचेलाल, अनार सिंह और सावित्री देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि ये लोग उसके पट्टे की जमीन पर निर्माण करा रहे थे। 17 नवंबर 2018 को थाना दिवस में अवैध कब्जे की शिकायत की। टीम गांव में पहुंची तो आरोपी भाग गए। टीम के वापस जाने पर आए और मुझे घेरकर लात-घूंसों से पीटा और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया।
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अदालत में सुनवाई के दौरान रामसनेही ने कहा कि घटना तो हुई थी लेकिन यह नहीं देख सका कि मारपीट व जातिसूचक गालियां देने वाले कौन लोग हैं। बेचेलाल, सावित्री देवी, अनार सिंह ने घटना को अंजाम नहीं दिया। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए किसी से प्रार्थना पत्र लिखवाया था, इसे मुझे पढ़कर नहीं सुनाया गया था। विशेष न्यायाधीश ने इस मुकदमे में भी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
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करीब चार साल पहले थाना पिलुआ में एक व्यक्ति ने विंटा उर्फ विंटू निवासी गांव नगला भरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 9 जनवरी 2020 को मैं खेत पर गया था। इसी बीच विंटा घर में घुस गया और मेरी पत्नी के साथ अश्लील हरकतें करने लगा। मैं लौटा तो जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। अदालत में सुनवाई हुई तो वादी ने बताया कि पत्नी से अश्लील हरकत व उसके साथ जातिसूचक गालियां व जान से मारने की धमकी नहीं दी गई। पत्नी ने भी इन आरोपों से इन्कार कर दिया। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट अली रजा ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया।
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दूसरा मामला जैथरा थाना क्षेत्र के गांव भवकरिया का है। रामसनेही ने गांव के ही बेचेलाल, अनार सिंह और सावित्री देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि ये लोग उसके पट्टे की जमीन पर निर्माण करा रहे थे। 17 नवंबर 2018 को थाना दिवस में अवैध कब्जे की शिकायत की। टीम गांव में पहुंची तो आरोपी भाग गए। टीम के वापस जाने पर आए और मुझे घेरकर लात-घूंसों से पीटा और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया।
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अदालत में सुनवाई के दौरान रामसनेही ने कहा कि घटना तो हुई थी लेकिन यह नहीं देख सका कि मारपीट व जातिसूचक गालियां देने वाले कौन लोग हैं। बेचेलाल, सावित्री देवी, अनार सिंह ने घटना को अंजाम नहीं दिया। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए किसी से प्रार्थना पत्र लिखवाया था, इसे मुझे पढ़कर नहीं सुनाया गया था। विशेष न्यायाधीश ने इस मुकदमे में भी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।