{"_id":"657deaa2f7e7a2af0205fc24","slug":"four-kiln-workers-held-hostage-were-freed-etah-news-c-163-1-sagr1016-9809-2023-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: बंधक बनाए चार भट्ठा मजदूरों को कराया मुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: बंधक बनाए चार भट्ठा मजदूरों को कराया मुक्त
Sat, 16 Dec 2023 11:51 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 16 Dec 2023 11:51 PM IST
विज्ञापन
अलीगंज। क्षेत्र के एक ईंट भट्ठे से पुलिस ने चार मजदूरों को मुक्त कराया है। इन्हें बंधक बनाकर रखने का आरोप है। छूटने के बाद मजदूरों ने बताया कि उन्हें खाना नहीं मिलता था। खुले आसमान के नीचे रात काटनी पड़ती थीं।
जनपद कासगंज के सहावर थानांतर्गत गांव घिलौली निवासी टिंकू, शरमन, मनोज एवं आकाश ने बताया कि वह 21 दिन पहले मैनपुरी रोड स्थित झकरई के पास एमडी ईंट भट्ठे पर अपनी बुग्गी और घोडे के साथ ईंटों की ढुलाई का कार्य करने आए थे। आरोप लगाया कि भट्ठा मालिक उनको कभी-कभी खाने के लिए रुपये देता था। इस रकम से भरपूर खाना भी नहीं मिल पाता था। रहने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं थी। खुले में जागकर सर्दी में रात काटते थे तथा पशु भी खुले में भूखे रहते थे।
टिंकू ने बताया कि उसको एक हजार ईंट की ढुलाई पर 250 रुपये देने की बात तय हुई थी। लेकिन जब यहां पर काम करने लगा तो मालिक ने मात्र 175 रुपये के हिसाब से देने को कहा। शरमन का कहना है कि उसने तथा उसके साथियों ने दो दिनों से कुछ भी नहीं खाया है और पशु भी भूखे हैं। परेशान होकर उन्होंने पुलिस की शरण ली।
विज्ञापन
थाना प्रभारी अरुण पंवार के निर्देश पर उपनिरीक्षक रीतेश ठाकुर शनिवार को भट्ठे पर पहुंचे। मजदूरों के भोजन तथा पशुओं के चारे का इंतजाम कराया। चारों मजदूरों को बातचीत के लिए थाने लाए और उनको भट्ठे से मुक्त कराया। अभी तक तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही तहरीर आती है, मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा। उपजिलाधिकारी प्रतीत त्रिपाठी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर नायब तहसीलदार को भेजा गया। जैसे ही जांच रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जनपद कासगंज के सहावर थानांतर्गत गांव घिलौली निवासी टिंकू, शरमन, मनोज एवं आकाश ने बताया कि वह 21 दिन पहले मैनपुरी रोड स्थित झकरई के पास एमडी ईंट भट्ठे पर अपनी बुग्गी और घोडे के साथ ईंटों की ढुलाई का कार्य करने आए थे। आरोप लगाया कि भट्ठा मालिक उनको कभी-कभी खाने के लिए रुपये देता था। इस रकम से भरपूर खाना भी नहीं मिल पाता था। रहने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं थी। खुले में जागकर सर्दी में रात काटते थे तथा पशु भी खुले में भूखे रहते थे।
विज्ञापन
टिंकू ने बताया कि उसको एक हजार ईंट की ढुलाई पर 250 रुपये देने की बात तय हुई थी। लेकिन जब यहां पर काम करने लगा तो मालिक ने मात्र 175 रुपये के हिसाब से देने को कहा। शरमन का कहना है कि उसने तथा उसके साथियों ने दो दिनों से कुछ भी नहीं खाया है और पशु भी भूखे हैं। परेशान होकर उन्होंने पुलिस की शरण ली।
विज्ञापन
थाना प्रभारी अरुण पंवार के निर्देश पर उपनिरीक्षक रीतेश ठाकुर शनिवार को भट्ठे पर पहुंचे। मजदूरों के भोजन तथा पशुओं के चारे का इंतजाम कराया। चारों मजदूरों को बातचीत के लिए थाने लाए और उनको भट्ठे से मुक्त कराया। अभी तक तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही तहरीर आती है, मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा। उपजिलाधिकारी प्रतीत त्रिपाठी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर नायब तहसीलदार को भेजा गया। जैसे ही जांच रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।