फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   fir against 29 customer after exposed scam in uco bank

यूको बैंक घोटाला : खाते से निकले रुपये...जेल में बैंक मैनेजर, अब 29 ग्राहकों पर केस; 5.79 करोड़ की धोखाधड़ी

Thu, 06 Mar 2025 06:28 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: अरुन पाराशर Updated Thu, 06 Mar 2025 06:28 PM IST
सार

बैंक की कारस्तानी से ग्राहकों की दिक्कत बढ़ गई है। पूर्व में खाते से रुपये निकलने के मामले में बैंक मैनेजर को जेल भेजा गया था। अब ग्राहकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि 5.79 करोड़ की धोखाधड़ी की गई है।

विज्ञापन
fir against 29 customer after exposed scam in uco bank
फ्रॉड। - फोटो : amar ujala

विस्तार

एटा की यूको बैंक में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में जहां पहले ग्राहकों ने बैंक मैनेजर व कर्मचारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं, अब बैंक ने 29 ग्राहकों पर अदालत के आदेश से रिपोर्ट लिखी है। इस कारस्तानी पर आरोपी बनाए गए बैंक ग्राहक दंग हैं।
विज्ञापन


 

तत्कालीन शाखा प्रबंधक अच्युत सहित अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध ग्राहकों ने छह मामले दर्ज कराए थे। उनके खातों से रुपया निकाले जाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने पिछले साल अच्युत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तबसे उनकी जमानत नहीं हो सकी है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

सभी मामलों में पुलिस की विवेचना चल रही है। इसी बीच अदालत के आदेश पर 34 लोगों के विरुद्ध बैंक के सहायक महाप्रबंधक, कानपुर दीपक कुमार ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बैंक प्रबंधक सहित पांच कर्मचारियों और 29 ग्राहकों को शामिल किया गया। 

 
विज्ञापन

आरोप है कि सबने मिलकर लगभग 5.79 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से मामले की पूरी जांच कराई, जिसमें यह तथ्य निकलकर आए हैं। अनुदान वाली योजनाओं में ऋण लेकर गोलमाल करने के आरोप लगाए गए हैं।

 

आरोपी बनाए गए शहर के राघवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने 2022 में बिना किसी योजना के 13 लाख और 3 लाख के ऋण लिए थे। किसी तरह की सब्सिडी नहीं मिली। 2024 में पूरा ऋण चुका दिया। किसी तरह की जांच नहीं हुई और न नोटिस दिया गया। सीधे एफआईआर दर्ज करा दी गई है। 

 

एक अन्य ग्राहक अब्दुल वसीम शेख ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले अपनी संपत्ति पर व्यवसाय के लिए 10 लाख रुपये का लोन लिया था। लगातार किस्तें भर रहे हैं। सब्सिडी मिलने की बात कही गई थी, जो आज तक नहीं मिली। बिना किसी जांच-पड़ताल और पूछताछ के एफआईआर दर्ज कराकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

सीओ सदर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। पुराने वाले मामलों के साथ इसे शामिल कर विवेचना की जाएगी। गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी अभी जेल में निरुद्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed