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बुखार का कहर: वार्ड में भर्ती आठ बच्चों में से दो की प्लेटलेट्स काफी कम
सार
मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक वार्ड में बुखार से पीड़ित आठ बच्चे भर्ती हैं।इनमें से दो की प्लेटलेट्स काफी कम रह जाने से स्थिति नाजुक है।वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक वार्ड में बुखार से पीड़ित आठ बच्चे भर्ती कराए गए हैं।
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पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती मरीज ।
- फोटो : ETAH
विस्तार
एटा। बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक वार्ड में बुखार से पीड़ित आठ बच्चे भर्ती हैं। इनमें से दो की प्लेटलेट्स काफी कम रह जाने से स्थिति नाजुक है। ओपीडी में बुखार रोगियों की संख्या में सोमवार को 50 मरीज अधिक रहे।
वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक वार्ड में बुखार से पीड़ित आठ बच्चे भर्ती कराए गए हैं। बच्चों में बुखार कम नहीं हो रहा है। वार्ड में शहर के महाराणा प्रताप नगर निवासी पांच वर्षीय मान्या व 10 वर्षीय दुर्गा, शहर के हिंदू नगर निवासी सात वर्षीय देविका, नगला मई निवासी 16 वर्षीय सन्नी, गांव घुमरिया निवासी 14 वर्षीय हैप्पी, खेड़ा बसुंधरा निवासी आठ वर्षीय वंशिका और नगला बरी निवासी नौ वर्षीय अमृता को भर्ती कराया गया है।
इनमें से महाराणा प्रताप नगर की दोनों बालिकाओं की प्लेटलेट्स मानक से कम हैं। इसकी वजह से परिजन की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। मान्या की 53 हजार और दुर्गा की 43 हजार प्लेटलेट्स रह गई हैं।
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बुखार आने के बाद कम हो रही हैं प्लेटलेट्स
पीडियाट्रिक वार्ड में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव गुप्ता कहना है कि बुखार आने के बाद बच्चों की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। जो चिंता का विषय है। मौसम बदलने की वजह से बच्चे बुखार की चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को ओपीडी में 250 बच्चे आए हैं, जबकि शनिवार को 197 बच्चों की ओपीडी हुई थी।
मेडिकल कॉलेज में नगला बरी निवासी दीप सिंह अपनी बेटी अमृता को भर्ती करके उपचार करा रहे हैं। इनका कहना है कि गांव में बुखार से पीड़ित काफी लोग हैं, जो सरकारी अस्पताल के बजाए निजी चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं। गांव में काफी गंदगी होने की वजह से मच्छर पनप रहे हैं और शाम होते ही परेशान करने लगते हैं। गांव में सफाई व्यवस्था काफी खराब है।
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वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक वार्ड में बुखार से पीड़ित आठ बच्चे भर्ती कराए गए हैं। बच्चों में बुखार कम नहीं हो रहा है। वार्ड में शहर के महाराणा प्रताप नगर निवासी पांच वर्षीय मान्या व 10 वर्षीय दुर्गा, शहर के हिंदू नगर निवासी सात वर्षीय देविका, नगला मई निवासी 16 वर्षीय सन्नी, गांव घुमरिया निवासी 14 वर्षीय हैप्पी, खेड़ा बसुंधरा निवासी आठ वर्षीय वंशिका और नगला बरी निवासी नौ वर्षीय अमृता को भर्ती कराया गया है।
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इनमें से महाराणा प्रताप नगर की दोनों बालिकाओं की प्लेटलेट्स मानक से कम हैं। इसकी वजह से परिजन की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। मान्या की 53 हजार और दुर्गा की 43 हजार प्लेटलेट्स रह गई हैं।
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बुखार आने के बाद कम हो रही हैं प्लेटलेट्स
पीडियाट्रिक वार्ड में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव गुप्ता कहना है कि बुखार आने के बाद बच्चों की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। जो चिंता का विषय है। मौसम बदलने की वजह से बच्चे बुखार की चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को ओपीडी में 250 बच्चे आए हैं, जबकि शनिवार को 197 बच्चों की ओपीडी हुई थी।
मेडिकल कॉलेज में नगला बरी निवासी दीप सिंह अपनी बेटी अमृता को भर्ती करके उपचार करा रहे हैं। इनका कहना है कि गांव में बुखार से पीड़ित काफी लोग हैं, जो सरकारी अस्पताल के बजाए निजी चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं। गांव में काफी गंदगी होने की वजह से मच्छर पनप रहे हैं और शाम होते ही परेशान करने लगते हैं। गांव में सफाई व्यवस्था काफी खराब है।