फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   Fever havoc: Two of the eight children admitted to the ward have very low platelets

बुखार का कहर: वार्ड में भर्ती आठ बच्चों में से दो की प्लेटलेट्स काफी कम

Mon, 19 Sep 2022 11:00 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 19 Sep 2022 11:00 PM IST
सार

मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक वार्ड में बुखार से पीड़ित आठ बच्चे भर्ती हैं।इनमें से दो की प्लेटलेट्स काफी कम रह जाने से स्थिति नाजुक है।वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक वार्ड में बुखार से पीड़ित आठ बच्चे भर्ती कराए गए हैं।

विज्ञापन
Fever havoc: Two of the eight children admitted to the ward have very low platelets
पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती मरीज । - फोटो : ETAH

विस्तार

एटा। बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक वार्ड में बुखार से पीड़ित आठ बच्चे भर्ती हैं। इनमें से दो की प्लेटलेट्स काफी कम रह जाने से स्थिति नाजुक है। ओपीडी में बुखार रोगियों की संख्या में सोमवार को 50 मरीज अधिक रहे।
विज्ञापन

वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक वार्ड में बुखार से पीड़ित आठ बच्चे भर्ती कराए गए हैं। बच्चों में बुखार कम नहीं हो रहा है। वार्ड में शहर के महाराणा प्रताप नगर निवासी पांच वर्षीय मान्या व 10 वर्षीय दुर्गा, शहर के हिंदू नगर निवासी सात वर्षीय देविका, नगला मई निवासी 16 वर्षीय सन्नी, गांव घुमरिया निवासी 14 वर्षीय हैप्पी, खेड़ा बसुंधरा निवासी आठ वर्षीय वंशिका और नगला बरी निवासी नौ वर्षीय अमृता को भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन

इनमें से महाराणा प्रताप नगर की दोनों बालिकाओं की प्लेटलेट्स मानक से कम हैं। इसकी वजह से परिजन की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। मान्या की 53 हजार और दुर्गा की 43 हजार प्लेटलेट्स रह गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बुखार आने के बाद कम हो रही हैं प्लेटलेट्स
पीडियाट्रिक वार्ड में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव गुप्ता कहना है कि बुखार आने के बाद बच्चों की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। जो चिंता का विषय है। मौसम बदलने की वजह से बच्चे बुखार की चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को ओपीडी में 250 बच्चे आए हैं, जबकि शनिवार को 197 बच्चों की ओपीडी हुई थी।

मेडिकल कॉलेज में नगला बरी निवासी दीप सिंह अपनी बेटी अमृता को भर्ती करके उपचार करा रहे हैं। इनका कहना है कि गांव में बुखार से पीड़ित काफी लोग हैं, जो सरकारी अस्पताल के बजाए निजी चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं। गांव में काफी गंदगी होने की वजह से मच्छर पनप रहे हैं और शाम होते ही परेशान करने लगते हैं। गांव में सफाई व्यवस्था काफी खराब है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed