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Etah News: जनसेवा केंद्रों से बन रहे फर्जी जन्म प्रमाणपत्र
Tue, 12 Dec 2023 11:22 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 12 Dec 2023 11:22 PM IST
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एटा। जनसेवा केंद्रों से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बन रहे हैं। जबकि प्रमाणपत्र बनवाने वाले व्यक्ति जिले के निवासी नहीं है। प्रमाणपत्र बनवाने वाले व्यक्तियों ने मुंबई में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। मामला संदिग्ध लगने पर जांच को भेजा गया। जहां जांच में जन्म प्रमाणपत्र फर्जी होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि पोर्टल के माध्यम से प्रमाणपत्रों की जांच की गई थी।
शहर से लेकर देहात क्षेत्र में जनसेवा केंद्र खुले हुए हैं। इन केंद्रों पर फर्जीवाड़ा के आए दिन मामले सामने आते हैं। अभी कुछ दिन पूर्व राजा का रामपुर में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने का मामला सामने आया ही था। जहां संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिले में ऐसा कार्य अन्य जनसेवा केंद्र संचालक भी कर रहे हैं। इसके एवज में केंद्रों के संचालक जन्म प्रमाणपत्र बनवाने वालों से मोटी रकम वसूल लेते हैं।
आठ प्रमाणपत्र आए हैं जांच के लिए
सीएमओ कार्यालय में अन्य जनपदों सहित अन्य प्रदेशों से आठ जन्म प्रमाणपत्र जांच के लिए आए हैं। सभी प्रमाणपत्रों की जांच पोर्टल पर की गई। जहां सभी फर्जी निकले। कार्यालय से प्रमाणपत्र फर्जी होने की आख्या भी लगाकर भेज दी गई। प्रमाणपत्र बनाने वाले का आईडी नंबर एक है, लेकिन जन्म का स्थान उसने अलग- अलग होना दर्शाया है।
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आजमगढ़ निवासी का बना अलीगंज से प्रमाणपत्र
आजमगढ़ के फूलपुर निवासी एक व्यक्ति ने मुबंई में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। शाहू नगर पुलिस को जन्म प्रमाणपत्र संदिग्ध लगा। उसने जांच के लिए सीएमओ कार्यालय पर प्रमाणपत्र भेज दिया। प्रमाणपत्र में लिखा था कि राजकीय महिला चिकित्सालय अलीगंज में जन्म होना दर्शाया गया। जबकि अलीगंज में इस नाम से महिला चिकित्सालय ही नहीं है। वहीं पोर्टल पर जांच की गई तो वहां भी फर्जी आईडी से प्रमाणपत्र बनना पाया गया।
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केस दो
उपस्वास्थ्य केंद्र में बताया जन्म
जिले की निवासी महिला ने मुंबई में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। मुंबई पुलिस को यह जन्म प्रमाणपत्र संदिग्ध लगा तो उन्होंने इसे भी जांच के लिए सीएमओ कार्यालय भेज दिया। जन्म प्रमाणपत्र में उपस्वास्थ्य केंद्र पर जन्म होना बताया गया। पोर्टल पर जन्म प्रमाणपत्र की जांच हुई तो यह भी फर्जी निकला। बताया गया कि यह भी फर्जी आईडी से बना हुआ था।
मुंबई से जो जन्म प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए आए उनको पोर्टल माध्यम से सत्यापित किया गया। यह प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। जिस आईडी से प्रमाणपत्र बनाए गए वह आईडी फर्जी निकली। इसकी जांच की जा रही है। कहां से और जन्म प्रमाणपत्रों को किसने बनाया। - डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
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शहर से लेकर देहात क्षेत्र में जनसेवा केंद्र खुले हुए हैं। इन केंद्रों पर फर्जीवाड़ा के आए दिन मामले सामने आते हैं। अभी कुछ दिन पूर्व राजा का रामपुर में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने का मामला सामने आया ही था। जहां संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिले में ऐसा कार्य अन्य जनसेवा केंद्र संचालक भी कर रहे हैं। इसके एवज में केंद्रों के संचालक जन्म प्रमाणपत्र बनवाने वालों से मोटी रकम वसूल लेते हैं।
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आठ प्रमाणपत्र आए हैं जांच के लिए
सीएमओ कार्यालय में अन्य जनपदों सहित अन्य प्रदेशों से आठ जन्म प्रमाणपत्र जांच के लिए आए हैं। सभी प्रमाणपत्रों की जांच पोर्टल पर की गई। जहां सभी फर्जी निकले। कार्यालय से प्रमाणपत्र फर्जी होने की आख्या भी लगाकर भेज दी गई। प्रमाणपत्र बनाने वाले का आईडी नंबर एक है, लेकिन जन्म का स्थान उसने अलग- अलग होना दर्शाया है।
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आजमगढ़ निवासी का बना अलीगंज से प्रमाणपत्र
आजमगढ़ के फूलपुर निवासी एक व्यक्ति ने मुबंई में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। शाहू नगर पुलिस को जन्म प्रमाणपत्र संदिग्ध लगा। उसने जांच के लिए सीएमओ कार्यालय पर प्रमाणपत्र भेज दिया। प्रमाणपत्र में लिखा था कि राजकीय महिला चिकित्सालय अलीगंज में जन्म होना दर्शाया गया। जबकि अलीगंज में इस नाम से महिला चिकित्सालय ही नहीं है। वहीं पोर्टल पर जांच की गई तो वहां भी फर्जी आईडी से प्रमाणपत्र बनना पाया गया।
केस दो
उपस्वास्थ्य केंद्र में बताया जन्म
जिले की निवासी महिला ने मुंबई में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। मुंबई पुलिस को यह जन्म प्रमाणपत्र संदिग्ध लगा तो उन्होंने इसे भी जांच के लिए सीएमओ कार्यालय भेज दिया। जन्म प्रमाणपत्र में उपस्वास्थ्य केंद्र पर जन्म होना बताया गया। पोर्टल पर जन्म प्रमाणपत्र की जांच हुई तो यह भी फर्जी निकला। बताया गया कि यह भी फर्जी आईडी से बना हुआ था।
मुंबई से जो जन्म प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए आए उनको पोर्टल माध्यम से सत्यापित किया गया। यह प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। जिस आईडी से प्रमाणपत्र बनाए गए वह आईडी फर्जी निकली। इसकी जांच की जा रही है। कहां से और जन्म प्रमाणपत्रों को किसने बनाया। - डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ