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Etah News: 10 करोड़ खर्च होने के बाद भी युवाओं को खेलने के लिए नहीं मिला स्टेडियम
Mon, 08 Apr 2024 11:05 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 08 Apr 2024 11:05 PM IST
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एटा। तहसील व कस्बा अलीगंज के पास ही बनाया गया स्टेडियम सफेद हाथी साबित हो रहा है। काफी समय पहले ही कार्यदायी संस्था निर्माण करने के बाद खेल विभाग के सुपुर्द कर चुकी है। इसके बाद भी क्षेत्र के युवाओं को खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा है। यह क्षेत्र के युवाओं के बीच बहुत बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
अलीगंज में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से मंडल स्तर पर सबसे बड़ा स्टेडियम बनाया गया है। इसका निर्माय उप्र राज्य निर्माण निगम की ओर से किया गया था। संस्था की ओर से स्टेडियम के बीच बना मैदान भी समतल नहीं किया गया, इसमें जगह-जगह गहरे गडढे बने हुए हैं। इसकी वजह से खेलना को दूर की बात है, लोग पैदल घूम तक नहीं सकते हैं। हालांकि क्षेत्र के युवाओं की टीस है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद सरकार चुप बैठी है और स्टेडियम कई जगह जर्जर होने के कगार पर पहुंच रहा है। क्षेत्र के तमाम युवा अपनी प्रतिभा नहीं निखार पा रहे हैं।
उप जिला क्रीड़ाधिकारी पूजा भट्ट का कहना है कि कार्यदायी संस्था की ओर से मैदान का समतलीकरण नहीं कराया गया है, इसकी वजह से जगह-जगह काफी गडढे हैं। कार्यदायी संस्था का कहना है कि एस्टीमेट में समतलीकरण शामिल नहीं था। वहीं स्टेडियम परिसर में होकर हाईटेंशन लाइन गुजरी है, इसके तीन खंभे लगे हैं। इसको हटाने के लिए प्रयास किया गया तो विद्युत निगम की ओर से 23 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर दिया है, जो शासन को भेजा जा चुका है। इसकी वजह से स्टेडियम का संचालन नहीं हो पा रहा है।
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सरकार ने स्टेडियम तो बना दिया है, लेकिन उसका संचालन नहीं किया गया है। क्षेत्र के तमाम युवा खेलने से वंचित हैं। मैं खुद क्रिकेट खेलता हूं लेकिन जगह नहीं होने की वजह से खेलने से वंचित रहता हूं। - प्रियांशु शर्मा, अलीगंज
स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, तब युवाओं में काफी खुशी थी। लेकिन लंबे समय से स्टेडियम चालू नहीं हो सका है। इसकी वजह से युवा मायूस हैं। संचालन की मांग लगातार कर रहे हैं। - लक्ष्मण प्रजापति, अलीगंज
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अलीगंज में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से मंडल स्तर पर सबसे बड़ा स्टेडियम बनाया गया है। इसका निर्माय उप्र राज्य निर्माण निगम की ओर से किया गया था। संस्था की ओर से स्टेडियम के बीच बना मैदान भी समतल नहीं किया गया, इसमें जगह-जगह गहरे गडढे बने हुए हैं। इसकी वजह से खेलना को दूर की बात है, लोग पैदल घूम तक नहीं सकते हैं। हालांकि क्षेत्र के युवाओं की टीस है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद सरकार चुप बैठी है और स्टेडियम कई जगह जर्जर होने के कगार पर पहुंच रहा है। क्षेत्र के तमाम युवा अपनी प्रतिभा नहीं निखार पा रहे हैं।
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उप जिला क्रीड़ाधिकारी पूजा भट्ट का कहना है कि कार्यदायी संस्था की ओर से मैदान का समतलीकरण नहीं कराया गया है, इसकी वजह से जगह-जगह काफी गडढे हैं। कार्यदायी संस्था का कहना है कि एस्टीमेट में समतलीकरण शामिल नहीं था। वहीं स्टेडियम परिसर में होकर हाईटेंशन लाइन गुजरी है, इसके तीन खंभे लगे हैं। इसको हटाने के लिए प्रयास किया गया तो विद्युत निगम की ओर से 23 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर दिया है, जो शासन को भेजा जा चुका है। इसकी वजह से स्टेडियम का संचालन नहीं हो पा रहा है।
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सरकार ने स्टेडियम तो बना दिया है, लेकिन उसका संचालन नहीं किया गया है। क्षेत्र के तमाम युवा खेलने से वंचित हैं। मैं खुद क्रिकेट खेलता हूं लेकिन जगह नहीं होने की वजह से खेलने से वंचित रहता हूं। - प्रियांशु शर्मा, अलीगंज
स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, तब युवाओं में काफी खुशी थी। लेकिन लंबे समय से स्टेडियम चालू नहीं हो सका है। इसकी वजह से युवा मायूस हैं। संचालन की मांग लगातार कर रहे हैं। - लक्ष्मण प्रजापति, अलीगंज