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Etah News: चार वर्ष बाद भी पुराने प्रधान के नाम से कट रहे चेक
Tue, 22 Apr 2025 11:21 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 22 Apr 2025 11:21 PM IST
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4 वर्ष बीतने के बाद भी बैंक चेक पर भी चल रहा है पूर्व प्रधान का नाम।
- फोटो : 4 वर्ष बीतने के बाद भी बैंक चेक पर भी चल रहा है पूर्व प्रधान का नाम।
राजा का रामपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुए 4 वर्ष बीत चुके हैं। 2021 में हुए चुनाव में ज्यादातर प्रधान नए ही चुने गए थे। कुछ चेहरे ऐसे भी थे जो अपनी प्रधानी बचाने में कामयाब रहे, लेकिन, ब्लॉक अलीगंज में आज भी कागजों में पूर्व प्रधानों का ही नाम चल रहा है।
शिकायत के बावजूद भी बैंक अभिलेख से उनका नाम नहीं हटाया गया है। इससे प्रधान परेशान हैं, हर काम में पूर्व प्रधान के हस्ताक्षर के बाद ही चेक पास हो पाता है। प्रधान संघ अध्यक्ष व दहेलियापूठ के प्रधान ललित मोहन मिश्रा ने बताया कि हमारी ग्राम पंचायत में चार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इसमें मिड-डे-मील के बैंक खाते में रुपया आता है जो कि प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान के संयुक्त हस्ताक्षर से निकाला जाता है, लेकिन बैंक खाता ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान के नाम अब भी है और चेक बुक पर भी पूर्व प्रधान का नाम अंकित है।
प्रथम बार जब मेरे पास चेक आया तो मैंने इसका विरोध किया और बैंक के अधिकारियों से शिकायत की। जिस पर बैंक अधिकारियों ने कोई भी कार्रवाई नहीं की और कहा कुछ दिन बाद चेक बुक व खाते में नाम को बदल दिया जाएगा, लेकिन, 4 वर्ष बीतने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। विकासखंड अलीगंज में 93 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें 6 ग्राम पंचायतों को छोड़कर सभी में पूर्व प्रधान का ही नाम आ रहा है।
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प्रधानाध्यापक संगीता शर्मा से चेक काटने को मना किया, तो उन्होंने बैंक अधिकारियों द्वारा चेक बुक न बदलने की बात कही। प्रधान का आरोप है कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शिक्षा विभाग और बैंक अधिकारी मिलकर वर्तमान प्रधानों के साथ द्वेष पूर्ण कार्य कर रहे हैं।
वर्जन-
मामला संज्ञान में नहीं है, पता करके निष्पक्ष जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। -नागेंद्र नारायण मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी
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शिकायत के बावजूद भी बैंक अभिलेख से उनका नाम नहीं हटाया गया है। इससे प्रधान परेशान हैं, हर काम में पूर्व प्रधान के हस्ताक्षर के बाद ही चेक पास हो पाता है। प्रधान संघ अध्यक्ष व दहेलियापूठ के प्रधान ललित मोहन मिश्रा ने बताया कि हमारी ग्राम पंचायत में चार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इसमें मिड-डे-मील के बैंक खाते में रुपया आता है जो कि प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान के संयुक्त हस्ताक्षर से निकाला जाता है, लेकिन बैंक खाता ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान के नाम अब भी है और चेक बुक पर भी पूर्व प्रधान का नाम अंकित है।
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प्रथम बार जब मेरे पास चेक आया तो मैंने इसका विरोध किया और बैंक के अधिकारियों से शिकायत की। जिस पर बैंक अधिकारियों ने कोई भी कार्रवाई नहीं की और कहा कुछ दिन बाद चेक बुक व खाते में नाम को बदल दिया जाएगा, लेकिन, 4 वर्ष बीतने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। विकासखंड अलीगंज में 93 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें 6 ग्राम पंचायतों को छोड़कर सभी में पूर्व प्रधान का ही नाम आ रहा है।
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प्रधानाध्यापक संगीता शर्मा से चेक काटने को मना किया, तो उन्होंने बैंक अधिकारियों द्वारा चेक बुक न बदलने की बात कही। प्रधान का आरोप है कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शिक्षा विभाग और बैंक अधिकारी मिलकर वर्तमान प्रधानों के साथ द्वेष पूर्ण कार्य कर रहे हैं।
वर्जन-
मामला संज्ञान में नहीं है, पता करके निष्पक्ष जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। -नागेंद्र नारायण मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी