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सौ दिन की कार्य योजना में 10 फीसदी काम भी नहीं पूरा
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एटा। मुख्यमंत्री द्वारा 100 दिन की कार्य योजना तैयार करके विकास कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे, तीन माह बीतने को हैं लेकिन तमाम विभाग ऐसे हैं जो 10 फीसदी कार्य भी पूरा नहीं कर सके हैं। सूबे की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने प्रदेश में 100 दिन की कार्य योजना बनाकर विकास कार्य पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। सीएम की महत्वाकांक्षी योजना को भी विभागीय अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया और अब तक कुछ विभागों में 10 फीसदी कार्य भी पूरे नहीं हो सके हैं। पीडब्ल्यूडी की बात की जाए तो कार्ययोजना 41 सड़कों को पूर्ण करने की बनाई गई थी, लेकिन अब तक महज 10 सड़कों को भी पूरा नहीं किया जा सका है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने 16 के सापेक्ष 10 सड़कें बनाई हैं।
जल निगम को 37 ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से पानी पहुंचाना है। 100 दिनों में मात्र 10 दिन ही शेष बचे हैं और अब तक 10 ग्राम पंचायतों में ही कार्य योजना के तहत कार्य शुरू हो सका है। मनरेगा को अमृत सरोवर योजना के तहत 83 तालाबों का सौंदर्यीकरण कराकर पूर्ण कराना था, इनमें 80 ग्रामीण क्षेत्र और तीन शहरी क्षेत्र के शामिल किए गए थे, लेकिन एक भी तालाब पूर्ण नहीं हो सका है और 72 पर कार्य चलने की बात कही जा रही है। ऐसे ही तमाम विभाग हैं जिनके द्वारा कार्य योजना को गंभीरता से नहीं लिया गया और अभी तक विकास कार्यों को उम्मीद से कम ही प्रगति मिल सकी है।
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जल निगम को 37 ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से पानी पहुंचाना है। 100 दिनों में मात्र 10 दिन ही शेष बचे हैं और अब तक 10 ग्राम पंचायतों में ही कार्य योजना के तहत कार्य शुरू हो सका है। मनरेगा को अमृत सरोवर योजना के तहत 83 तालाबों का सौंदर्यीकरण कराकर पूर्ण कराना था, इनमें 80 ग्रामीण क्षेत्र और तीन शहरी क्षेत्र के शामिल किए गए थे, लेकिन एक भी तालाब पूर्ण नहीं हो सका है और 72 पर कार्य चलने की बात कही जा रही है। ऐसे ही तमाम विभाग हैं जिनके द्वारा कार्य योजना को गंभीरता से नहीं लिया गया और अभी तक विकास कार्यों को उम्मीद से कम ही प्रगति मिल सकी है।
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