एटा। गांव नगला प्रेमी में बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी व बेटी की हत्या के मामले में आरोपी मेडिकल कारोबारी कमल सिंह के जेल जाने के बाद सबकुछ बिखर गया। बुधवार को गांव में चर्चा रही कि अगर कमल पैसे का इंतजाम कर लेता या बहनोई से समय से रुपये मिल जाते तो शायद चारों लोगों की जान बच जाती।शिकोहाबाद मार्ग स्थित गांव में सोमवार दोपहर बुजुर्ग गंगा सिंह, उनकी पत्नी श्यामा देवी, पुत्रवधू रत्ना देवी व पौत्री ज्योति की हत्या हुई थी। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाॅड के साथ पुलिस की कई टीमें हत्यारे का पता लगाने में जुटी थीं। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ कि मेडिकल कारोबारी कमल सिंह ने ही सबकी हत्या की है।
पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि बेटी ज्योति की शादी के लिए लड़के वालों को सामान खरीदना था। इसके लिए 4 लाख रुपये देने थे। उसने बहनोई बालिस्टर सिंह से पैसे मांगे तो उन्होंने लड़के वालों से 10 दिन का समय लेने की बात कही। इस वजह से मानसिक तनाव में था। सोमवार दोपहर खाना खाने घर पहुंचा तो पैसों के इंतजाम को लेकर पत्नी से विवाद हो गया। पत्नी के ताना मारते हुए गाली-गलौज करने पर वह आपा खो बैठा और ईंट से कुचलकर एक के बाद एक चार हत्याएं कर दीं।