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खास खबर: अग्निशमन की एनओसी बिना चल रहा 216 करोड़ का मेडिकल कॉलेज

Mon, 05 Feb 2024 12:18 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 05 Feb 2024 12:18 AM IST
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etah news medical collage fire inregulaties
एटा। 216 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट से तैयार किए गए मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को जान का जोखिम है। यहां मातृत्व विंग के रूप में बनाई गई आठ मंजिला इमारत में अब तक अग्निशमन का इंतजाम नहीं है। अग्निशमन विभाग ने अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देने से इंकार कर दिया। इसके बावजूद अब तक आपत्ति का निस्तारण नहीं किया गया है।जिला महिला अस्पताल के समय में इस आठ मंजिला भवन का निर्माण कराया था। लेकिन बाद में मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हुआ। जिला अस्पताल व महिला जिला अस्पताल को संबद्ध करके मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत कर दिया गया। इस आठ मंजिला भवन में ओपीडी सहित मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था कर दी गई। लेकिन एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक यहां अग्निशमन व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं कराई गई हैं। जो सिस्टम लगा हुआ है, वो क्रियाशील ही नहीं है। केवल दिखावे के तौर पर हाईड्रेंट प्वाइंट, हौज पाइप आदि उपकरण दिखाई देते हैं। यदि अस्पताल में आग लगने की दुर्घटना होती है तो बुझाना मुश्किल हो जाएगा।
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अग्निशमन की गाड़ी पहुंचना भी मुश्किल
बहुमंजिला इमारत की एनओसी के लिए इमारत के चारों ओर घेरे में इतना खाली स्थान रखना जरूरी है। जिससे अग्निशमन की गाड़ी हर ओर पहुंच सके। लेकिन इस इमारत के पीछे की ओर कमरे बने हुए हैं। ऐसे में गाड़ी वहां नहीं पहुंच सकती है। एनओसी न दिए जाने की यह भी बड़ी वजह है।
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नए अस्पताल में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद
कॉलेज प्रशासन का पूरा ध्यान इस समय डाक बगलिया में बनाए गए 300 बेड के नए अस्पताल पर है। यहां समय से अग्निशमन व्यवस्थाएं भी जुटा ली गईं और विभाग ने एनओसी भी जारी कर दी। लेकिन मुख्य बात यह है कि यहां केवल ओपीडी ही चल रही है। जबकि मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था मातृत्व विंग वाली इमारत में है।
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पूर्व में एनओसी के लिए आवेदन किया गया था। लेकिन वहां अग्निशमन उपकरण अक्रियाशील मिले। जिसके चलते आपत्ति लगा दी गई थी। करीब डेढ़ महीने पहले निरीक्षण किया तो वही स्थिति पाई गई। इस पर प्राचार्य के माध्यम से शासन को पत्र भेजा गया है।

केतन सिंह कुमार, प्रभारी एफएसओ

वर्जन
नई बिल्डिंग पर इस समय अधिक ध्यान है। पुरानी वाली बिल्डिंग में कार्यदायी संस्था की कुछ खामियां अग्निशमन विभाग के निरीक्षण में सामने आई थीं, जिनको दूर करने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा है। जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी।
- डॉ. रजनी पटेल, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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