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खेतों में बनेगी बिजली, मालामाल होंगे किसान
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एटा। अनाज, सब्जी उत्पादन के अलावा खेतों में बिजली भी बनेगी। जिससे किसानों को मालामाल बनने का मौका मिलेगा। उनकी जमीन पट्टे पर लेकर सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जाएंगे। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना के अंतर्गत नेडा के माध्यम से किसान अपनी जमीन पर सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करा सकेंगे।
इसके लिए विकासकर्ता को 25 साल के लिए अपनी जमीन पट्टे पर देकर वह नियमित आमदनी प्राप्त कर सकेंगे। किसानों और विकासकर्ता के बीच आय को लेकर अनुबंध होगा। प्लांट लगने के बाद बनने वाली बिजली को संबंधित फीडरों को दिया जाएगा। बची हुई बिजली किसानों को भी दी जाएगी।
प्रति मेगावाट के लिए चाहिए 4 हेक्टेयर जमीन
सोलर प्लांट स्थापना के लिए प्रति मेगावाट के लिए कम से कम चार हेक्टेयर की जमीन की जरूरत होगी। एक किसान पर पर्याप्त जमीन न होने पर एक से अधिक किसान मिलकर जमीन विकासकर्ता को दे सकेंगे।
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इसके लिए विकासकर्ता को 25 साल के लिए अपनी जमीन पट्टे पर देकर वह नियमित आमदनी प्राप्त कर सकेंगे। किसानों और विकासकर्ता के बीच आय को लेकर अनुबंध होगा। प्लांट लगने के बाद बनने वाली बिजली को संबंधित फीडरों को दिया जाएगा। बची हुई बिजली किसानों को भी दी जाएगी।
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प्रति मेगावाट के लिए चाहिए 4 हेक्टेयर जमीन
सोलर प्लांट स्थापना के लिए प्रति मेगावाट के लिए कम से कम चार हेक्टेयर की जमीन की जरूरत होगी। एक किसान पर पर्याप्त जमीन न होने पर एक से अधिक किसान मिलकर जमीन विकासकर्ता को दे सकेंगे।
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