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दो दिन के बाद बैंकें खुलीं फिर भी नहीं मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Nov 2016 10:34 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में दो दिन के बाद सोमवार को बैंके खुलीं, लेकिन वे लोगों राहत नहीं दे पाईं। बैंकों के उम्मीद के मुताबिक धन नहीं मिल पाया। इस दौरान बैंकों ने ग्राहकों को कहीं एक हजार तो कहीं दो हजार रुपये ही दिए। वहीं बैंकों पर लंबी कतारें लगी रहीं। जिससे ग्राहकों के बीच धक्का मुक्की के हालात रहे। ग्राहकों को अपेक्षाकृत धन नहीं मिल सका।
दो दिन लगातार बैंकें बंद रहने के बाद सोमवार को फिर से ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। बैंक खुलने से पहले ही लोग लाइन में लग गए। लोग पर्याप्त धन निकासी की उम्मीद लेकर बैंक शाखाओं पर पहुंचे, लेकिन यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। शाखाओं पर पर्याप्त धन न पहुंच पाने से धन की किल्लत बनी रही। भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर 5 हजार रुपये लोगों को भुगतान किया गया। केनरा बैंक ने अपने ग्राहकों को 4 हजार रुपये तक की धनराशि देकर काम चलाया। बैंक आफ बड़ौदा की शाखाओं ने ग्राहकों को 25 हजार रुपये का भुगतान किया। पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक, कारपोरेशन बैंक सहित अन्य बैंक शाखाओं की स्थिति भी अच्छी नहीं रही। इनमें काफी कम धन ग्राहकों को दिया गया। घंटों लाइन में लगने के बाद भी लोगों को जरूरत के हिसाब से धनराशि न मिल पाने से वे मायूस रहे। भारतीय स्टेट बैंक की ग्रामीण शाखा पर धन निकासी की लंबी कतारें होने से धक्का मुक्की के हालात रहे। वहीं, ढोलना में यूनियन बैँक की शाखा ने एक हजार रुपये, बिलराम की एसबीआई शाखा से 2 हजार रुपये का भुगतान किया गया। अधिकतर बैंक शाखाओं में फिर से धन की कमी का संकट होने लगा है। लीड बैंक के प्रबंधक वीके सिंह ने बताया कि जिले को अपेक्षाकृत धन नहीं मिल सका। भारतीय स्टेट बैंक शाखा को आने वाली 4 करोड़ की धनराशि नहीं आ सकी। मंगलवार को बैंकों की स्थिति खराब रहने की उम्मीद है।
एटीएम ने भी नहीं दिया साथ
कासगंज। बैंकों के एटीएम भी ग्राहकों का साथ नहीं दे सके। मात्र एसबीआई की मुख्य शाखा के दो एटीएम ही खुले। इन पर लंबी कतारें लगीं रहीं। देर शाम इन पर भी धन खत्म हो गया। इससे ग्राहकों को परेशानी हुई। कई लोग बिना धन निकाले ही वापस हो गए।
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दो दिन लगातार बैंकें बंद रहने के बाद सोमवार को फिर से ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। बैंक खुलने से पहले ही लोग लाइन में लग गए। लोग पर्याप्त धन निकासी की उम्मीद लेकर बैंक शाखाओं पर पहुंचे, लेकिन यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। शाखाओं पर पर्याप्त धन न पहुंच पाने से धन की किल्लत बनी रही। भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर 5 हजार रुपये लोगों को भुगतान किया गया। केनरा बैंक ने अपने ग्राहकों को 4 हजार रुपये तक की धनराशि देकर काम चलाया। बैंक आफ बड़ौदा की शाखाओं ने ग्राहकों को 25 हजार रुपये का भुगतान किया। पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक, कारपोरेशन बैंक सहित अन्य बैंक शाखाओं की स्थिति भी अच्छी नहीं रही। इनमें काफी कम धन ग्राहकों को दिया गया। घंटों लाइन में लगने के बाद भी लोगों को जरूरत के हिसाब से धनराशि न मिल पाने से वे मायूस रहे। भारतीय स्टेट बैंक की ग्रामीण शाखा पर धन निकासी की लंबी कतारें होने से धक्का मुक्की के हालात रहे। वहीं, ढोलना में यूनियन बैँक की शाखा ने एक हजार रुपये, बिलराम की एसबीआई शाखा से 2 हजार रुपये का भुगतान किया गया। अधिकतर बैंक शाखाओं में फिर से धन की कमी का संकट होने लगा है। लीड बैंक के प्रबंधक वीके सिंह ने बताया कि जिले को अपेक्षाकृत धन नहीं मिल सका। भारतीय स्टेट बैंक शाखा को आने वाली 4 करोड़ की धनराशि नहीं आ सकी। मंगलवार को बैंकों की स्थिति खराब रहने की उम्मीद है।
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एटीएम ने भी नहीं दिया साथ
कासगंज। बैंकों के एटीएम भी ग्राहकों का साथ नहीं दे सके। मात्र एसबीआई की मुख्य शाखा के दो एटीएम ही खुले। इन पर लंबी कतारें लगीं रहीं। देर शाम इन पर भी धन खत्म हो गया। इससे ग्राहकों को परेशानी हुई। कई लोग बिना धन निकाले ही वापस हो गए।
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