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बूढ़ी गंगा के बहाव में गंदगी से बाधा
Amar Ujala
Updated Sat, 04 Mar 2017 11:21 PM IST
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गंगा के बहाव में गंदगी से बाधा
- फोटो : Amar Ujala
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कुम्हरौआ से पटियाली तक बूढी गंगा में बहाव क्षेत्र गंदगी एवं मलबा जमा है। इससे प्रवाह बाधित है। इससे बारिश के मौसम में बाढ़ की समस्या खड़ी हो सकती है।
सोरों विकास खंड के ग्राम कुम्हरौआ से पटियाली तक 39 किलोमीटर के मार्ग में बहने वाली बूढी गंगा से सोरों, सहावर, गंजडुंडवारा, पटियाली ब्लाक के सैकडों गांव सिंचित होते हैं। बूढी गंगा मार्ग इन दिनों कचरे से पटा है। बहाव बाधित होने के कारण बारिश के दिनों में बाढ़ के हालात पैदा होंगे। जिसके कारण किसानों की खड़ी फसलें बाढ़ के पानी में डूबकर सड़ेंगी। गत वर्षों में भी बूढी गंगा में आई बाढ़ के कारण कुम्हरौआ, बरकुला, मल्लाहनगर आदि क्षेत्र के किनारे स्थित किसानों की खड़ी फसलें डूबकर नष्ट हो गई थीं। वर्तमान में कस्बे में स्थित बूढी गंगा पर लोगों ने जहां अतिक्रमण कर इसे संकरा कर दिया है, वहीं इसमें मलबा, चमड़े की वस्तुएं, मृत जानवर व कूड़ा आदि डाला जा रहा है। जिसके कारण बहाव बाधित चुका है। जून, जुलाई के माह में वर्षा होने पर बूढ़ी गंगा का पानी आसपास के खेतों में भरकर किसानों की फसल का तबाह करेगा। गंगा सभा अध्यक्ष कैलाश चंद्र कटारे, शैलेंद्र महेरे, सुधीर तिवारी आदि ने पालिका प्रशासन से बूढ़ी गंगा की सफाई कराए जाने की मांग की है।
सोरों विकास खंड के ग्राम कुम्हरौआ से पटियाली तक 39 किलोमीटर के मार्ग में बहने वाली बूढी गंगा से सोरों, सहावर, गंजडुंडवारा, पटियाली ब्लाक के सैकडों गांव सिंचित होते हैं। बूढी गंगा मार्ग इन दिनों कचरे से पटा है। बहाव बाधित होने के कारण बारिश के दिनों में बाढ़ के हालात पैदा होंगे। जिसके कारण किसानों की खड़ी फसलें बाढ़ के पानी में डूबकर सड़ेंगी। गत वर्षों में भी बूढी गंगा में आई बाढ़ के कारण कुम्हरौआ, बरकुला, मल्लाहनगर आदि क्षेत्र के किनारे स्थित किसानों की खड़ी फसलें डूबकर नष्ट हो गई थीं। वर्तमान में कस्बे में स्थित बूढी गंगा पर लोगों ने जहां अतिक्रमण कर इसे संकरा कर दिया है, वहीं इसमें मलबा, चमड़े की वस्तुएं, मृत जानवर व कूड़ा आदि डाला जा रहा है। जिसके कारण बहाव बाधित चुका है। जून, जुलाई के माह में वर्षा होने पर बूढ़ी गंगा का पानी आसपास के खेतों में भरकर किसानों की फसल का तबाह करेगा। गंगा सभा अध्यक्ष कैलाश चंद्र कटारे, शैलेंद्र महेरे, सुधीर तिवारी आदि ने पालिका प्रशासन से बूढ़ी गंगा की सफाई कराए जाने की मांग की है।