{"_id":"592724834f1c1ba93e5379ec","slug":"cellebration-at-ganga-river-in-kasganj","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा घाटों पर लगे गंगा मैया के जयकारें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा घाटों पर लगे गंगा मैया के जयकारें
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
Updated Fri, 26 May 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
हरि की पैड़ी सोरों
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्येष्ठ अमावस्या के पवित्र स्नान पर्व पर गुरुवार को गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गंगा घाटों पर गंगा मैया के जयकारे गूंज रहे थे। श्रद्धालु गंगा स्नान कर जरूरतमंदों एवं गरीबों में दान दक्षिणा दे पुण्य लाभ लिया। ज्येष्ठ अमावस्या पर गंगा स्नान करने के लिए एक दिन पूर्व से ही भक्तजन पहुंचना शुरू हो गए।
इस्माइलपुर, हरि की पैड़ी, लहरा, कछला घाटों पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में बसों, रेलों एवं निजी वाहनों से पहुंचे। भोर की पहली किरण से ही श्रद्धालुओं ने मां गंगा के जयकारे लगाते हुए पवित्र गंगाजल में डुबकी लगाना शुरू कर दिया। गंगा स्नान करने के बाद घाटों पर बने मंदिरों पर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की।
मंदिरों में घंटे घड़ियालों की आवाजें गूंज रहीं थीं। वातावरण पूरी तरह से धर्ममय बना हुआ था। गंगा घाटों पर मौजूद गरीबों को श्रद्धालुओं ने दान भी दिया। मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या पर गंगा स्नान करने से काफी पुण्य मिलता है। वहीं तीर्थ नगरी में हरि की पैड़ी पर भी श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। स्नान के बाद मां गंगा की पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद बांटा।
विज्ञापन
हरि की पैड़ी की परिक्रमा करते हुए श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन कर अपने परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। बराह मंदिर, बालाजी दरबार, सोमेश्वर मंदिर, पंचमहाशक्ति मंदिर, योगेश्वर मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, बटुकनाथ मंदिर आदि मंदिरों पर देर सांय तक श्रद्धालु दर्शन करते रहे।
वट सावित्री व्रत रख पूजन किया
वट अमावस्या पर सुहागिन महिलाओं ने गंगा स्नान कर वट वृक्ष की पूजा की। वट वृक्ष की महिलाओं ने परिक्रमा की और पति की लंबी उम्र एवं परिवार की कुशलता की मनौती मांगी। वहीं जरूरतमंदरों को दान दक्षिण भी दी गई।
फोटो
विज्ञापन
इस्माइलपुर, हरि की पैड़ी, लहरा, कछला घाटों पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में बसों, रेलों एवं निजी वाहनों से पहुंचे। भोर की पहली किरण से ही श्रद्धालुओं ने मां गंगा के जयकारे लगाते हुए पवित्र गंगाजल में डुबकी लगाना शुरू कर दिया। गंगा स्नान करने के बाद घाटों पर बने मंदिरों पर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की।
विज्ञापन
मंदिरों में घंटे घड़ियालों की आवाजें गूंज रहीं थीं। वातावरण पूरी तरह से धर्ममय बना हुआ था। गंगा घाटों पर मौजूद गरीबों को श्रद्धालुओं ने दान भी दिया। मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या पर गंगा स्नान करने से काफी पुण्य मिलता है। वहीं तीर्थ नगरी में हरि की पैड़ी पर भी श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। स्नान के बाद मां गंगा की पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद बांटा।
विज्ञापन
हरि की पैड़ी की परिक्रमा करते हुए श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन कर अपने परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। बराह मंदिर, बालाजी दरबार, सोमेश्वर मंदिर, पंचमहाशक्ति मंदिर, योगेश्वर मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, बटुकनाथ मंदिर आदि मंदिरों पर देर सांय तक श्रद्धालु दर्शन करते रहे।
वट सावित्री व्रत रख पूजन किया
वट अमावस्या पर सुहागिन महिलाओं ने गंगा स्नान कर वट वृक्ष की पूजा की। वट वृक्ष की महिलाओं ने परिक्रमा की और पति की लंबी उम्र एवं परिवार की कुशलता की मनौती मांगी। वहीं जरूरतमंदरों को दान दक्षिण भी दी गई।
फोटो