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Etah News: ब्लड कंपोनेंट यूनिट होगी शुरू, प्लेटलेट्स कम वाले मरीजों को मिलेगी राहत
Thu, 20 Jun 2024 11:05 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 20 Jun 2024 11:05 PM IST
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एटा। जिले के लोगों के लिए खुशखबरी है। उन्हें अब प्लेटलेट्स के लिए दूसरे जनपदाें की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। क्याेंकि यहां जल्द ही ब्लड कंपोनेंट यूनिट शुरू होने वाली है। यूनिट के शुरू होते ही यहां प्लेटलेट्स की सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी।
जिले में ब्लड बैंक तो मेडिकल कॉलेज में संचालित है, लेकिन ब्लड कंपोनेट सेपरेटर यूनिट चालू नहीं हो पा रही है। जबकि मशीनें दो वर्ष पूर्व ही आ चुकी हैं। ऐसे में प्लेटलेट्स कम होने वाले मरीजों को आगरा, अलीगढ़ तक की दौड़ लगानी पड़ती है। यहां तीन से चार हजार रुपये तक में प्लेटलेट्स मिल पाती हैं। ऐसे में मरीजों के तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा ब्लड कंपोनेट सेपरेटर यूनिट को शुरू करने की पहल की गई है। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया यूनिट शुरू हो उससे पहले कर्मियों को अलीगढ़ के चिकित्सक प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए पत्राचार करने की तैयारी चल रही है। जब प्रशिक्षण का कार्य पूरा हो जाएगा इसके बाद यूनिट को संचालित कर दिया जाएगा।
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एक यूनिट रक्त तीन से चार लोगों की पूरी कर सकता है जरूरत
सीएमएस ने बताया ब्लड में चार कंपोनेंट होते हैं। इनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल हैं। सेपरेशन यूनिट में ब्लड की परत दर परत को अलग किया जाता है। इसके बाद आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग हो जाते हैं। जरूरत के मुताबिक इनको निकाल लिया जाता है। निकाले गए रक्त के प्रत्येक तत्व की अलग-अलग जीवन अवधि होती है। एक यूनिट चार लोगों की जरूरत पूरी कर सकती है।
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जिले में ब्लड बैंक तो मेडिकल कॉलेज में संचालित है, लेकिन ब्लड कंपोनेट सेपरेटर यूनिट चालू नहीं हो पा रही है। जबकि मशीनें दो वर्ष पूर्व ही आ चुकी हैं। ऐसे में प्लेटलेट्स कम होने वाले मरीजों को आगरा, अलीगढ़ तक की दौड़ लगानी पड़ती है। यहां तीन से चार हजार रुपये तक में प्लेटलेट्स मिल पाती हैं। ऐसे में मरीजों के तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा ब्लड कंपोनेट सेपरेटर यूनिट को शुरू करने की पहल की गई है। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया यूनिट शुरू हो उससे पहले कर्मियों को अलीगढ़ के चिकित्सक प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए पत्राचार करने की तैयारी चल रही है। जब प्रशिक्षण का कार्य पूरा हो जाएगा इसके बाद यूनिट को संचालित कर दिया जाएगा।
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एक यूनिट रक्त तीन से चार लोगों की पूरी कर सकता है जरूरत
सीएमएस ने बताया ब्लड में चार कंपोनेंट होते हैं। इनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल हैं। सेपरेशन यूनिट में ब्लड की परत दर परत को अलग किया जाता है। इसके बाद आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग हो जाते हैं। जरूरत के मुताबिक इनको निकाल लिया जाता है। निकाले गए रक्त के प्रत्येक तत्व की अलग-अलग जीवन अवधि होती है। एक यूनिट चार लोगों की जरूरत पूरी कर सकती है।