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जिनके पास लक्ष्य, परोपकार नहीं वे सदैव बेचारे: ऋतंभरा
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
Updated Wed, 26 Apr 2017 11:28 PM IST
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साध्वी ऋतंभरा ने कहा है कि जिनके पास लक्ष्य, उद्देश्य, परोपकार और भक्ति नहीं है वे सदैव बेचारे हैं। जिसके पास यह सबकुछ है और ईश्वर के चरणों में समर्पण है, वह परमात्मा की कायनात का सम्राट बनता है। जो बटोरा जाता है वह विशाद होता है और जो बांटा जाता है वह प्रसाद होता है।
साध्वी संकट मोचन धाम सैलई के भक्ति साहित्य सम्मेलन में बोल रहीं थीं। इससे पूर्व उन्होंने और उत्तर प्रदेश निकाय वित्तीय निगरानी समिति के चेयरमैन राकेश गर्ग, मंडल आयुक्त अलीगढ़ सुभाष शर्मा, उद्योगपति सतीश बंसल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि वात्सल्य भाव स्त्री के भाव और समर्पण से पैदा होता है। जो जैसा है उसे वैसा ही अपना लेना और उसे वैसा बनाना जैसा बनना चाहिए वात्सल्य है।
योगी सरकार के ऑपरेशन एंटी रोमियों पर उन्होंने कहा कि यदि भारत की स्त्री ने संस्कारों की परंपरा परिवार में निभाई होती तो एंटी रोमियों की जरूरत ही नहीं होती। हमारे देश की संतानें शिवाजी और विवेकानंद को भूल रहीं है।
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कार्यक्रम के दौरान पूर्व न्यायाधीश पीएन पराशर ने साध्वी ऋतंभरा और अन्य अतिथियों को सम्मानित किया और धाम सम्मान से नवाजा। कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्योगपति शशि बंसल ने की।
कार्यक्रम का संचालन डा. पुनीत शास्त्री और श्रीकृष्ण शरद ने किया। कार्यक्रम में उमाशंकर शर्मा, डा. सुरेंद्र गुप्ता, रामकिशोर वार्ष्णेय, अनुपम शर्मा, अजय तिवारी, गौरव जाजू आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।
साध्वी संकट मोचन धाम सैलई के भक्ति साहित्य सम्मेलन में बोल रहीं थीं। इससे पूर्व उन्होंने और उत्तर प्रदेश निकाय वित्तीय निगरानी समिति के चेयरमैन राकेश गर्ग, मंडल आयुक्त अलीगढ़ सुभाष शर्मा, उद्योगपति सतीश बंसल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि वात्सल्य भाव स्त्री के भाव और समर्पण से पैदा होता है। जो जैसा है उसे वैसा ही अपना लेना और उसे वैसा बनाना जैसा बनना चाहिए वात्सल्य है।
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योगी सरकार के ऑपरेशन एंटी रोमियों पर उन्होंने कहा कि यदि भारत की स्त्री ने संस्कारों की परंपरा परिवार में निभाई होती तो एंटी रोमियों की जरूरत ही नहीं होती। हमारे देश की संतानें शिवाजी और विवेकानंद को भूल रहीं है।
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कार्यक्रम के दौरान पूर्व न्यायाधीश पीएन पराशर ने साध्वी ऋतंभरा और अन्य अतिथियों को सम्मानित किया और धाम सम्मान से नवाजा। कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्योगपति शशि बंसल ने की।
कार्यक्रम का संचालन डा. पुनीत शास्त्री और श्रीकृष्ण शरद ने किया। कार्यक्रम में उमाशंकर शर्मा, डा. सुरेंद्र गुप्ता, रामकिशोर वार्ष्णेय, अनुपम शर्मा, अजय तिवारी, गौरव जाजू आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।