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भाई दूज: बंदी भाईयों से मिलने जेल पहुंचे बहनें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Nov 2016 11:19 PM IST
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भाई दूज:
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला करागार में निरुद्ध बंदियों की बहनें मंगलवार को भाई दूज पर नारियल का गोला, मिठाई और फल लेकर टीका लगाने पहुंची। बहनों की भीड़ के कारण मिलाई पर्ची और प्रवेश के लिए हाथ पर मुहर लगवाने को धक्का-मुक्की हुई। बहनों की भीड़ संभालने के लिए कारागार प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
जिला कारागार में 1290 बंदी निरुद्ध हैं। इन बंदी भाईयों से मिलने के लिए भाई दूज पर बहनें जेल पहुंची। इसके कारण कुछ देर के लिए जेल के सामने जाम लग गया। सबसे ज्यादा धक्का-मुक्की मिलाई पर्ची बनवाने और जेल में प्रवेश के लिए हाथ पर लगने वाली मुहर के लिए होती दिखी। वहीं, भोपाल की घटना के कारण मंगलवार को जेल प्रशासन को सुरक्षा को लेकर खासी मशक्कत करनी पड़ी। जेल के गेट पर मिठाई, फल, सूखे नारियल का गोला मेटल डिटेक्टर से चेक करने के बाद ही बहनों को जेल में प्रवेश की अनुमति दी गई। बंदी भाईयों को भाई दूज पर टीका करने आई बहनों की भीड़ संभालने के लिए पुलिस कर्मियों, जेल प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। शाम चार बजे तक करीब 1200 बहनें जेल पहुंचकर भाईयों को मंगल टीका कर चुकी थीं।
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जिला कारागार में 1290 बंदी निरुद्ध हैं। इन बंदी भाईयों से मिलने के लिए भाई दूज पर बहनें जेल पहुंची। इसके कारण कुछ देर के लिए जेल के सामने जाम लग गया। सबसे ज्यादा धक्का-मुक्की मिलाई पर्ची बनवाने और जेल में प्रवेश के लिए हाथ पर लगने वाली मुहर के लिए होती दिखी। वहीं, भोपाल की घटना के कारण मंगलवार को जेल प्रशासन को सुरक्षा को लेकर खासी मशक्कत करनी पड़ी। जेल के गेट पर मिठाई, फल, सूखे नारियल का गोला मेटल डिटेक्टर से चेक करने के बाद ही बहनों को जेल में प्रवेश की अनुमति दी गई। बंदी भाईयों को भाई दूज पर टीका करने आई बहनों की भीड़ संभालने के लिए पुलिस कर्मियों, जेल प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। शाम चार बजे तक करीब 1200 बहनें जेल पहुंचकर भाईयों को मंगल टीका कर चुकी थीं।
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