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बरसाने की मोर कुटी पे मोर बन आयो रसिया...
अमर उजाला ब्यूरो,एटा
Updated Tue, 05 Apr 2016 10:59 PM IST
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कासगंज महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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केमिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में सोमवार की रात्रि कासगंज महोत्सव में एक शाम बिहारीजी के नाम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान वृंदावन से आए कलाकारों ने ब्रज होली, मयूर नृत्य प्रस्तुत कर समा बांध दिया। देर रात्रि तक लोग कार्यक्रम का आनंद लेते नजर आए।
मुख्य अतिथि सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप सिंह, महामंत्री प्रदीप कुमार, कोषाध्यक्ष रामौतार माहेश्वरी ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने कहा कि एसोसिएशन के प्रयासों से प्रतिवर्ष ही संस्कृति पर आधारित यह कार्यक्रम महोत्सव की शान बनता है। कार्यक्रम में वृंदावन से आए कलाकारों ने मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी। कलाकारों ने एक के बाद एक भजन की प्रस्तुति देकर सभी को भक्ति गंगा में गोते लगवाए। इसके बाद कलाकारों ने फूल होली, मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। मंच पर जैसे ही मयूर नृत्य के दौरान भजन बरसाने की मोर कुटि पे मोर बन आयो रसिया भजन चला तो पंडाल में बैठे लोग अपने कदम नहीं रोक पाए। अपनी कुर्सी से उठकर लोगों ने मंच के पास आकर नृत्य किया और बांके बिहारी को रिझाया। भक्ति आंनद का यह क्रम देर रात्रि तक जारी रहा। कार्यक्रम के दौरान मुन्नीलाल वर्मा, राजीव माहेश्वरी, निर्मल वार्ष्णेय, आदर्श सक्सेना, शीलेंद्र शर्मा, इंदे्रश शुक्ला, राजेश वर्मा, नवीन वार्ष्णेय, संजय वार्ष्णेय, दीप, राजवीर, मनोज वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप सिंह, महामंत्री प्रदीप कुमार, कोषाध्यक्ष रामौतार माहेश्वरी ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने कहा कि एसोसिएशन के प्रयासों से प्रतिवर्ष ही संस्कृति पर आधारित यह कार्यक्रम महोत्सव की शान बनता है। कार्यक्रम में वृंदावन से आए कलाकारों ने मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी। कलाकारों ने एक के बाद एक भजन की प्रस्तुति देकर सभी को भक्ति गंगा में गोते लगवाए। इसके बाद कलाकारों ने फूल होली, मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। मंच पर जैसे ही मयूर नृत्य के दौरान भजन बरसाने की मोर कुटि पे मोर बन आयो रसिया भजन चला तो पंडाल में बैठे लोग अपने कदम नहीं रोक पाए। अपनी कुर्सी से उठकर लोगों ने मंच के पास आकर नृत्य किया और बांके बिहारी को रिझाया। भक्ति आंनद का यह क्रम देर रात्रि तक जारी रहा। कार्यक्रम के दौरान मुन्नीलाल वर्मा, राजीव माहेश्वरी, निर्मल वार्ष्णेय, आदर्श सक्सेना, शीलेंद्र शर्मा, इंदे्रश शुक्ला, राजेश वर्मा, नवीन वार्ष्णेय, संजय वार्ष्णेय, दीप, राजवीर, मनोज वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।
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