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बाढ़ का पानी न निकलने से परेशान ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Wed, 27 Jul 2016 11:24 PM IST
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बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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क्षेत्र के गांव शहवाजपुर में बांध टूटने से घुसा गंगा का पानी अभी भी गांव से बाहर नहीं निकला है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशान का सामना करना पड़ रहा है।
बांध टूटने के बाद सिंचाई विभाग ने गांव में मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया था, देर रात तक कार्य पूरा कर लिया गया। रिसाव बंद हो जाने के बाद गांव में बाढ़ का पानी तो घुसना बंद हो गया, लेकिन जो पानी गांव में घुस गया वह पूरी तरह से बाहर नहीं निकल सका है। ग्रामीणों को अभी भी दिक्कतें हो रही है। गांव में जगह-जगह पानी भरे होने से ग्रामीण परेशान हैं। खेतों में खड़ी फसलों में सड़ने का खतरा बढ़ गया है। गांव में संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी पैदा हो गया है। ग्रामीण पानी के निकलाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं। हालांकि बुधवार को गंगा के जलस्तर में गिरावट आना शुरू हो गई। नरोरा बैराज से 65 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे जलस्तर कम हो गया। जलस्तर गिरना शुरू होने के साथ ही तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत महसूस किया।
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बांध टूटने के बाद सिंचाई विभाग ने गांव में मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया था, देर रात तक कार्य पूरा कर लिया गया। रिसाव बंद हो जाने के बाद गांव में बाढ़ का पानी तो घुसना बंद हो गया, लेकिन जो पानी गांव में घुस गया वह पूरी तरह से बाहर नहीं निकल सका है। ग्रामीणों को अभी भी दिक्कतें हो रही है। गांव में जगह-जगह पानी भरे होने से ग्रामीण परेशान हैं। खेतों में खड़ी फसलों में सड़ने का खतरा बढ़ गया है। गांव में संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी पैदा हो गया है। ग्रामीण पानी के निकलाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं। हालांकि बुधवार को गंगा के जलस्तर में गिरावट आना शुरू हो गई। नरोरा बैराज से 65 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे जलस्तर कम हो गया। जलस्तर गिरना शुरू होने के साथ ही तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत महसूस किया।
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