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पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह यादव बसपा से निष्कासित
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Tue, 02 Feb 2016 11:24 PM IST
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बसपा सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री रहे पूर्व विधायक अवधपाल सिंह यादव को बहुजन समाज पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अनुशासनहीनता एवं पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता का आरोप लगाकर पार्टी मुखिया पूर्व मुुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर कार्रवाई हुई है।
जिलाध्यक्ष बलवीर भास्कर ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश एवं जोन कोर्डिनेटर सुनील कुमार चित्तौड़, प्रताप सिंह बघेल आदि की सहमति के बाद पूर्व मंत्री यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। यादव बीते सात माह से जिला कारागार में निरुद्ध हैं।
बताते चलें कि पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह यादव अलीगंज सीट से दो बार विधायक एवं एक बार एटा-मथुरा क्षेत्र से एमएलसी चुने गए हैं। तत्कालीन बसपा सरकार में स्वतंत्र प्रभार दुग्ध विकास मंत्री भी रहे हैं। मंत्री रहते हुए इन पर भ्रष्ट्राचार के आरोप लगे। वहीं जैथरा में हुए तिहरे हत्याकांड में भी इन पर आरोप लगे थे।
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इसके बाद इन्हे मंत्री पद से हटा दिया गया था। सत्ता से बेदखल होने के बाद इनके और इनके पुत्र एवं भाई के विरुद्ध कई मामले दर्ज हो गए थे। महीनों फरार रहने के बाद तत्कालीन एसएसपी एसके वर्मा ने पूर्व मंत्री ,इनके बेटे पर पांच-पांच हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया था। इसके बाद आठ जून को पूर्व मंत्री, इनके बेटे रणजीत यादव और रिश्तेदार लालजी यादव ने सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। तीनों को जेल भेज दिया गया था। फिलहाल बेटा, रिश्तेदार जमानत पर बाहर हैं। वहीं पूर्व मंत्री आज भी जेल में हैं।
विधानसभा चुनाव में नहीं मिला था टिकट
पूर्व विधानसभा चुनाव में अवधपाल सिंह यादव को बसपा ने टिकट नहीं दिया था। उनके स्थान पर तत्कालीन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या की पुत्री डा. संघमित्र मौर्या को अलीगंज से चुनाव लड़ाया गया था। लेकिन सपा प्रत्याशी एवं वर्तमान विधायक रामेश्वर सिंह यादव ने रिकार्ड जीत हासिल की थी।
इन-इन मामलों दर्ज थी,रिपोर्ट
अवधपाल सिंह यादव, इनके बेटे रणजीत यादव निवासी टपुआ अलीगंज पर ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान फायरिंग करने, जैथरा में ट्रिपल मर्डर,अनुसूचित जाति की महिला से दुष्कर्म, ट्रैक्टर से कुचलकर मजदूर की हत्या,गैंगस्टर,डकैती रिपोर्ट दर्ज थी। रिश्तेदार लालजी पर ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान फायरिंग करने का मुकदमा दर्ज था।
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जिलाध्यक्ष बलवीर भास्कर ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश एवं जोन कोर्डिनेटर सुनील कुमार चित्तौड़, प्रताप सिंह बघेल आदि की सहमति के बाद पूर्व मंत्री यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। यादव बीते सात माह से जिला कारागार में निरुद्ध हैं।
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बताते चलें कि पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह यादव अलीगंज सीट से दो बार विधायक एवं एक बार एटा-मथुरा क्षेत्र से एमएलसी चुने गए हैं। तत्कालीन बसपा सरकार में स्वतंत्र प्रभार दुग्ध विकास मंत्री भी रहे हैं। मंत्री रहते हुए इन पर भ्रष्ट्राचार के आरोप लगे। वहीं जैथरा में हुए तिहरे हत्याकांड में भी इन पर आरोप लगे थे।
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इसके बाद इन्हे मंत्री पद से हटा दिया गया था। सत्ता से बेदखल होने के बाद इनके और इनके पुत्र एवं भाई के विरुद्ध कई मामले दर्ज हो गए थे। महीनों फरार रहने के बाद तत्कालीन एसएसपी एसके वर्मा ने पूर्व मंत्री ,इनके बेटे पर पांच-पांच हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया था। इसके बाद आठ जून को पूर्व मंत्री, इनके बेटे रणजीत यादव और रिश्तेदार लालजी यादव ने सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। तीनों को जेल भेज दिया गया था। फिलहाल बेटा, रिश्तेदार जमानत पर बाहर हैं। वहीं पूर्व मंत्री आज भी जेल में हैं।
विधानसभा चुनाव में नहीं मिला था टिकट
पूर्व विधानसभा चुनाव में अवधपाल सिंह यादव को बसपा ने टिकट नहीं दिया था। उनके स्थान पर तत्कालीन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या की पुत्री डा. संघमित्र मौर्या को अलीगंज से चुनाव लड़ाया गया था। लेकिन सपा प्रत्याशी एवं वर्तमान विधायक रामेश्वर सिंह यादव ने रिकार्ड जीत हासिल की थी।
इन-इन मामलों दर्ज थी,रिपोर्ट
अवधपाल सिंह यादव, इनके बेटे रणजीत यादव निवासी टपुआ अलीगंज पर ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान फायरिंग करने, जैथरा में ट्रिपल मर्डर,अनुसूचित जाति की महिला से दुष्कर्म, ट्रैक्टर से कुचलकर मजदूर की हत्या,गैंगस्टर,डकैती रिपोर्ट दर्ज थी। रिश्तेदार लालजी पर ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान फायरिंग करने का मुकदमा दर्ज था।