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कला प्रतियोगिता में संपन्न
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sat, 05 Dec 2015 10:43 PM IST
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श्रीमती रामकटोरी देवी स्मृति कला प्रतियोगिता में कक्षा आठ के छात्र मोहित यादव ने बाजी मारी। कक्षा छह का आलोक दूसरे और इंटर का छात्र विपिन शर्मा तीसरे स्थान पर रहा। आरएलसीएस इंटर कालेज में आयोजित प्रतियोगिता में डेढ़ सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने शिरकत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए संस्था प्रबंधक एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रहलाद नारायन ने कहा कि यह आयोजन प्रतिभा मापन से अधिक बच्चों के प्रोत्साहन का है। मुख्य अतिथि एवं सेवानिवृत आईआरएस प्रताप नारायन ने कहा कि प्रतियोगिताएं प्रयास करने की क्षमताएं एवं जज्बा बढ़ाती हैं।
यह भी ऐसा ही एक प्रयास है। विशिष्ट अतिथि मीरा सक्सेना ने कहा कि उनकी दिवंगत मां की स्मृति में आयोजित प्रतियोगिता से वे भावुक हैं। आयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नारायन ने कहा कि इस प्रतियोगिता की प्रेरणा उन्हें एक बाल प्रतिभा से ही मिली। आगामी समय में भी स्मृति समारोह जारी रहेगा। दिल्ली से आए अतिथि आशीष सक्सेना ने कहा कि छात्र-छात्राआें का उत्साह प्रशंसनीय है। कार्यक्रम संयोजक प्रधानाचार्य ने विजेताओं की घोषणा करते हुए अतिथियों का आभार जताया। तीनों विजेताओं को विशेष पुरस्कार एवं सभी डेढ़ सौ प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। निर्णायक मंडल में पंकज सोलंकी, गीता, दीप्ति यादव एवं अमृता शामिल थे। संचालन एसएस भदौरिया ने किया। शशि नारायन, यश कुमार सक्सेना, अनुपम दुबे, आलोक शर्मा, पंकज सोलंकी, बसंत यादव, संदीप यादव, धर्मानंद कौशिल्यान, राकेश कुलश्रेष्ठ, इल्यास अहमद, उदयवीर सिंह, धीरी सिंह यादव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए संस्था प्रबंधक एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रहलाद नारायन ने कहा कि यह आयोजन प्रतिभा मापन से अधिक बच्चों के प्रोत्साहन का है। मुख्य अतिथि एवं सेवानिवृत आईआरएस प्रताप नारायन ने कहा कि प्रतियोगिताएं प्रयास करने की क्षमताएं एवं जज्बा बढ़ाती हैं।
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यह भी ऐसा ही एक प्रयास है। विशिष्ट अतिथि मीरा सक्सेना ने कहा कि उनकी दिवंगत मां की स्मृति में आयोजित प्रतियोगिता से वे भावुक हैं। आयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नारायन ने कहा कि इस प्रतियोगिता की प्रेरणा उन्हें एक बाल प्रतिभा से ही मिली। आगामी समय में भी स्मृति समारोह जारी रहेगा। दिल्ली से आए अतिथि आशीष सक्सेना ने कहा कि छात्र-छात्राआें का उत्साह प्रशंसनीय है। कार्यक्रम संयोजक प्रधानाचार्य ने विजेताओं की घोषणा करते हुए अतिथियों का आभार जताया। तीनों विजेताओं को विशेष पुरस्कार एवं सभी डेढ़ सौ प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। निर्णायक मंडल में पंकज सोलंकी, गीता, दीप्ति यादव एवं अमृता शामिल थे। संचालन एसएस भदौरिया ने किया। शशि नारायन, यश कुमार सक्सेना, अनुपम दुबे, आलोक शर्मा, पंकज सोलंकी, बसंत यादव, संदीप यादव, धर्मानंद कौशिल्यान, राकेश कुलश्रेष्ठ, इल्यास अहमद, उदयवीर सिंह, धीरी सिंह यादव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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