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बवाल-हंगामे के बीच मतदान
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sat, 17 Oct 2015 10:59 PM IST
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पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में भी जगह-जगह विवाद और हंगामा हुआ।जलेसर के नगला पृथ्वी पर बने बूथ पर जबरदस्ती वोट डालने से रोकने पर लोगों ने दरोगा से अभद्रता कर दी। मौके पर पहुंची पीएसी ने लोगों को खदेड़ा दिया, वहीं ट्रैक्टर-ट्राली में बैठकर वोट डालने आ रहे लोगों के वाहन की पुलिस द्वारा हवा निकालने और टायर फाड़ देने पर भड़के लोगों ने सकरौली बूथ के बाहर खड़ी सेक्टर मजिस्ट्रेट की गाड़ी पर पथराव कर दिया, इससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। अवागढ़ और जलेसर थाने में पुलिस ने पूर्व एमएलसी व ब्लॉक प्रमुख सहित 24 से ज्यादा प्रत्याशियों को बिठाए रखा, जिससे वह मतदान करने से वंचित रह गए। दूसरी ओर, पुलिस ने जलेसर अवागढ़ की सीमाएं भी सील कर दीं, जिससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशानी उठानी पड़ी। पीठासीन अधिकारी की गलती फरीदपुर में दोबारा मतदान हुआ।
शनिवार की सुबह सात बजे से शुरू हुआ मतदान धीमी गति से चला। दोपहर होते-होते मतदान ने गति पकड़ ली। सालवाहनपुर के मतदाताओं में सुबह से ही उत्साह देखा गया, लेकिन गांव मानमई मेें मतदाताओं में उत्साह नाम की चीज नहीं मिली। पहले दो घंटे में मात्र छह प्रतिशत वोट पड़ सके। जमों, बेरनी, ऊंचा गांव, सरायनीम, मुकटपुर, कोसमा, काजीपुर बदनपुर, सकरौली, पटना, मकसूदपुर, पुन्हैरा के मतदान की गति ठीक थी। दोपहर को बेरनी में क्षेत्र पंचायत सदस्य के मतों को लेकर कुशवाह व बघेल समाज में टकराव की नौबत आ गई। हवाई फायर भी हुआ, लेकिन पर्याप्त पुलिस फोर्स के पहुंचने पर मामला शांत हो गया। पुलिस ने तमंचाधारी एक युवक को हिरासत में ले लिया। मतदान को लेकर नगला पृथ्वी, नगला उदना, सकरौली, गनेशपुर में भी टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई, लेकिन पुलिस फोर्स ने मामला शांत करा दिया।
दूसरी ओर, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूर्व एमएलसी प्रत्येंद्रपाल सिंह, ब्लॉक प्रमुख अर्जुन सिंह यादव, गुलवीर सिंह यादव, दलवीर सिंह यादव, बबलू प्रधान, टीकाराम पुजारी सहित 24 से ज्यादा प्रत्याशियों को पुलिस ने थाने में नजरबंद कर दिया। इससे वह मतदान करने से वंचित रह गए। वहीं अवागढ़ थाने में भी 100 से अधिक लोगों को पुलिस ने बिठा दिया। इसमें सबसे ज्यादा संख्या भाजपाइयों की थी। जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी रोहन सिंह ने डीएम, एसएसपी, डीआईजी व कमिश्नर से शिकायत की है कि उन्हें थाने में बिठाकर वोट डालने से वंचित कर दिया गया। साथ ही खाने को कुछ नहीं दिया। पूरे दिन भूखे प्यासे बैठे रहे। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने भाजयुमो के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह जादौन को भी बिठा लिया, जबकि उनका यहां कोई वोट नहीं है। वहीं सपा नगर अध्यक्ष पुजारी यादव को रात डेढ़ बजे उठा लिया गया।
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सीमा सील होने पर पैदल करनी पड़ी यात्रा
जलेसर। पहले दो चरणों ने हुई घटनाओं से प्रशासन ने सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। मतदान के दौरान जलेसर व अवागढ़ की सीमाओं को सील कर दिया गया। इससे वाहन कस्बा तक नहीं पहुंचे और यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में खासी परेशानी हुई, वहीं लोग पैदल-पैदल ही अपने घरों तक पहुंचे। सबसे ज्यादा परेशानी आगरा-जलेसर एवं फीरोजाबाद-जलेसर मार्ग पर हुई।
नगलां पृथ्वी पर मतदाताओं को पीएसी ने खदेड़ा
जलेसर। नहर कोठी बूथ पर नगला पृथ्वी एवं नाहरपुर के लोगों की जबरदस्ती मतदान करने को लेकर पुलिस से झड़प हो गई। इतना ही वहां मौजूद एक दरोगा से अभद्रता तक कर दी। बाद में पहुंची पीएसी ने लोगों को लाठियां फटकार कर खदेड़ दिया।
सकरौली पर पुलिस ने वाहनों के पहियों में किए पंचर
जलेसर। सकरौली पोलिंग बूथ से दो सौ मीटर दूरी पर खड़ी बाइकों में पुलिस ने चोबे आदि लगाकर पहियों में पंचर कर दिए। इस दौरान चिकित्सकों के यहां दवा लेने आए मरीज भी परेशान हो गए। वहीं जलेसर विकास खंड के गांव सकरौली बूथ पर पुलिस द्वारा की गई सख्ती एवं वाहनों को पंचर किए जाने पर भड़के ग्रामीणों ने सेक्टर मजिस्ट्रेट की गाड़ी पर पथराव कर शीशे आदि तोड़ दिए। इससे वहां भगदड़ मच गई। डीएम व एसएसपी मौके पर पहुंच गए। सकरौली के बाबू सिंह इंटर कॉलेज पर मतदान के लिए लोग ट्रैक्टरों में आए थे। सुबह ट्रैक्टरों में पंचर किए जाने का विरोध करने पर पुलिस एवं मतदेय स्थलों पर मौजूद ग्रामीणों ने विवाद शांत कर दिया था, लेकिन दोपहर में पुन: ट्रैक्टर में मतदाता आए तो मतदेय स्थल पर मौजूद एसआई द्वारा ट्रैक्टर के चारों पहियों में सूजा मार दिया इससे टायर बस्ट हो गए। विरोध में ग्रामीणों ने मतदेय स्थल के बाहर खड़ी सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ. बीके सिंह की क्वालिस गाड़ी पर पथराव कर दिया। इससे शीशे आदि टूट गए। वहीं पत्थर लगने से कई लोगों के हल्की चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी निधि केसरवानी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराया।
पीठासीन अधिकारी की गलती से फरीदपुर में दोबारा हुआ मतदान
जलेसर। गांव फरीदपुर में क्षेत्र पंचायत सदस्य के वार्ड नंबर 10, 11 के लिए मतदान होना था। पीठासीन अधिकारी की गलती से दोनों वार्डों के मतदाताओं के एक ही वार्ड का बैलेट दिया गया था। सुबह 10 बजे तक 189 मत पड़ चुके थे। ग्रामीणों को उक्त मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध करना प्रारंभ कर दिया। मामले की जानकारी लगते ही उपजिलाधिकारी संदीप गुप्ता, अलीगंज के एसडीएम चंदन कुमार पटेल, आरओ महेंद्र सिंह, खंड विकास अधिकारी वीएस चौहान मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी कर पड़ चुके मतों के डिब्बे को सील कर क्षेत्र पंचायत के दोनों बूथों का अलग अलग मतदान कराने के निर्देश पीठासीन अधिकारी को दिए तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।
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शनिवार की सुबह सात बजे से शुरू हुआ मतदान धीमी गति से चला। दोपहर होते-होते मतदान ने गति पकड़ ली। सालवाहनपुर के मतदाताओं में सुबह से ही उत्साह देखा गया, लेकिन गांव मानमई मेें मतदाताओं में उत्साह नाम की चीज नहीं मिली। पहले दो घंटे में मात्र छह प्रतिशत वोट पड़ सके। जमों, बेरनी, ऊंचा गांव, सरायनीम, मुकटपुर, कोसमा, काजीपुर बदनपुर, सकरौली, पटना, मकसूदपुर, पुन्हैरा के मतदान की गति ठीक थी। दोपहर को बेरनी में क्षेत्र पंचायत सदस्य के मतों को लेकर कुशवाह व बघेल समाज में टकराव की नौबत आ गई। हवाई फायर भी हुआ, लेकिन पर्याप्त पुलिस फोर्स के पहुंचने पर मामला शांत हो गया। पुलिस ने तमंचाधारी एक युवक को हिरासत में ले लिया। मतदान को लेकर नगला पृथ्वी, नगला उदना, सकरौली, गनेशपुर में भी टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई, लेकिन पुलिस फोर्स ने मामला शांत करा दिया।
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दूसरी ओर, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूर्व एमएलसी प्रत्येंद्रपाल सिंह, ब्लॉक प्रमुख अर्जुन सिंह यादव, गुलवीर सिंह यादव, दलवीर सिंह यादव, बबलू प्रधान, टीकाराम पुजारी सहित 24 से ज्यादा प्रत्याशियों को पुलिस ने थाने में नजरबंद कर दिया। इससे वह मतदान करने से वंचित रह गए। वहीं अवागढ़ थाने में भी 100 से अधिक लोगों को पुलिस ने बिठा दिया। इसमें सबसे ज्यादा संख्या भाजपाइयों की थी। जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी रोहन सिंह ने डीएम, एसएसपी, डीआईजी व कमिश्नर से शिकायत की है कि उन्हें थाने में बिठाकर वोट डालने से वंचित कर दिया गया। साथ ही खाने को कुछ नहीं दिया। पूरे दिन भूखे प्यासे बैठे रहे। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने भाजयुमो के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह जादौन को भी बिठा लिया, जबकि उनका यहां कोई वोट नहीं है। वहीं सपा नगर अध्यक्ष पुजारी यादव को रात डेढ़ बजे उठा लिया गया।
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सीमा सील होने पर पैदल करनी पड़ी यात्रा
जलेसर। पहले दो चरणों ने हुई घटनाओं से प्रशासन ने सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। मतदान के दौरान जलेसर व अवागढ़ की सीमाओं को सील कर दिया गया। इससे वाहन कस्बा तक नहीं पहुंचे और यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में खासी परेशानी हुई, वहीं लोग पैदल-पैदल ही अपने घरों तक पहुंचे। सबसे ज्यादा परेशानी आगरा-जलेसर एवं फीरोजाबाद-जलेसर मार्ग पर हुई।
नगलां पृथ्वी पर मतदाताओं को पीएसी ने खदेड़ा
जलेसर। नहर कोठी बूथ पर नगला पृथ्वी एवं नाहरपुर के लोगों की जबरदस्ती मतदान करने को लेकर पुलिस से झड़प हो गई। इतना ही वहां मौजूद एक दरोगा से अभद्रता तक कर दी। बाद में पहुंची पीएसी ने लोगों को लाठियां फटकार कर खदेड़ दिया।
सकरौली पर पुलिस ने वाहनों के पहियों में किए पंचर
जलेसर। सकरौली पोलिंग बूथ से दो सौ मीटर दूरी पर खड़ी बाइकों में पुलिस ने चोबे आदि लगाकर पहियों में पंचर कर दिए। इस दौरान चिकित्सकों के यहां दवा लेने आए मरीज भी परेशान हो गए। वहीं जलेसर विकास खंड के गांव सकरौली बूथ पर पुलिस द्वारा की गई सख्ती एवं वाहनों को पंचर किए जाने पर भड़के ग्रामीणों ने सेक्टर मजिस्ट्रेट की गाड़ी पर पथराव कर शीशे आदि तोड़ दिए। इससे वहां भगदड़ मच गई। डीएम व एसएसपी मौके पर पहुंच गए। सकरौली के बाबू सिंह इंटर कॉलेज पर मतदान के लिए लोग ट्रैक्टरों में आए थे। सुबह ट्रैक्टरों में पंचर किए जाने का विरोध करने पर पुलिस एवं मतदेय स्थलों पर मौजूद ग्रामीणों ने विवाद शांत कर दिया था, लेकिन दोपहर में पुन: ट्रैक्टर में मतदाता आए तो मतदेय स्थल पर मौजूद एसआई द्वारा ट्रैक्टर के चारों पहियों में सूजा मार दिया इससे टायर बस्ट हो गए। विरोध में ग्रामीणों ने मतदेय स्थल के बाहर खड़ी सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ. बीके सिंह की क्वालिस गाड़ी पर पथराव कर दिया। इससे शीशे आदि टूट गए। वहीं पत्थर लगने से कई लोगों के हल्की चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी निधि केसरवानी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराया।
पीठासीन अधिकारी की गलती से फरीदपुर में दोबारा हुआ मतदान
जलेसर। गांव फरीदपुर में क्षेत्र पंचायत सदस्य के वार्ड नंबर 10, 11 के लिए मतदान होना था। पीठासीन अधिकारी की गलती से दोनों वार्डों के मतदाताओं के एक ही वार्ड का बैलेट दिया गया था। सुबह 10 बजे तक 189 मत पड़ चुके थे। ग्रामीणों को उक्त मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध करना प्रारंभ कर दिया। मामले की जानकारी लगते ही उपजिलाधिकारी संदीप गुप्ता, अलीगंज के एसडीएम चंदन कुमार पटेल, आरओ महेंद्र सिंह, खंड विकास अधिकारी वीएस चौहान मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी कर पड़ चुके मतों के डिब्बे को सील कर क्षेत्र पंचायत के दोनों बूथों का अलग अलग मतदान कराने के निर्देश पीठासीन अधिकारी को दिए तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।