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शासन से कार्रवाई : जेलर को हटाया, जेल वार्डर बर्खास्त

Wed, 19 Mar 2025 11:45 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Wed, 19 Mar 2025 11:45 PM IST
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Action from the government: Jailor removed, jail warder dismissed
एटा। जिला कारागार से जुड़े दो मामलों में शासन स्तर से कार्रवाई की गई है। जेलर प्रदीप कश्यप को यहां से हटाकर झांसी जिला कारागार संबद्ध कर दिया गया है। उन पर एक महिला ने यौन उत्पीड़न और गर्भपात कराने का केस दर्ज कराया था। जबकि इससे पहले जेलर पर उत्पीड़न के आरोप लगाकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वाले जेल वार्डर राजीव कुमार हंस को बर्खास्त किया गया है। वह जिला कारागार कासगंज में तैनात था।
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एक महिला का जेलर से काफी समय से विवाद चल रहा है। उसने 10 फरवरी की शाम को जेलर के आवास पर पहुंचकर हंगामा काटा था। वीडियो वायरल कर उसने कहा था कि जिला कारागार में तैनात जेलर प्रदीप कश्यप ने उसका यौन शोषण किया है। इसके बाद महिला ने जेल अधीक्षक के पास पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। विभागीय कार्रवाई होते न देख उसने 14 मार्च को कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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आरोप है कि कोई नशीला पदार्थ खिलाकर जेलर ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। गर्भवती होने पर गर्भपात कराया। गाली-गलौज करते हुए पिटाई की। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जेल अधीक्षक ने उन्हें हटाए जाने की संस्तुति करते हुए अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी थी। जेल अधीक्षक अमित चाैधरी ने बताया कि महानिदेशक कारागार के आदेशानुसार जेलर को यहां से हटाकर झांसी जिला कारागार से संबद्ध किया गया है।
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दूसरे मामले में जेल के हेड वार्डर राजीव कुमार हंस ने 21 जनवरी को चार वीडियो सोशल मीडिया पर डाले थे। इसमें जेलर प्रदीप कश्यप पर उत्पीड़न करने और छुट्टी न देने सहित उनके चरित्र पर भी आरोप लगाए। वीडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप जैसी स्थिति मच गई। डीआईजी जेल आगरा पीएन पांडेय ने इसका संज्ञान लेते हुए समिति गठित की थी। आगरा के जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा को जांच अधिकारी बनाया गया था। उन्होंने एटा आकर जांच भी की थी। जांच में पाया गया कि आरोप निराधार लगाए गए थे।

जेल वार्डर उद्दंड और अनुशासनहीन प्रवृत्ति का रहा है। इसको अपने सेवाकाल में अब तक 22 बार दंडित किया जा चुका है। उसी समय जेल वार्डर को यहां से कासगंज जिला कारागार स्थानांतरित कर दिया था। जांच पूरी होने के बाद अब शासन ने उसको सेवा से बर्खास्त कर दिया है। कासगंज जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले जेल वार्डर को पदच्युत कर दिया गया है। शासन का आदेश मिलने के बाद कार्रवाई की गई है।
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