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41 शस्त्र विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति
Updated Tue, 13 Dec 2016 11:41 PM IST
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शस्त्र
- फोटो : अमर उजाला
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जिले की 85 में से 41 शस्त्र विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति कर डीएम शंभुनाथ ने रिपोर्ट शासन को भेजी है। जांच में अनियमितताएं मिलने पर डीएम ने कार्रवाई की है।
एटा जिले में 85 शस्त्र लाइसेंस हैं। जांच में पता चला है कि जिनके नाम शस्त्र बेचने के लाइसेंस हैं वह घरों में बैठे हैं और उनके रिश्तेदार नियमों को ताक पर रख शस्त्र लाइसेंस की दुकानें चला रहे हैं। यही नहीं जिले में कई शस्त्र विक्रेता लाइसेंस माननीयों के रिश्तेदार, भाई, करीबियाें के नाम पर हैं। जांच में दस से पंद्रह साल पुराने शस्त्र विक्रेता लाइसेंस का नवीनीकरण कराए बिना कारतूस बेचने का गोरखधंधा चलने की बात सामने आई है। जांच में यह भी सामने आया है कि कई शस्त्र लाइसेंस विक्रेता तो ऐसे मिले जिनके पास लाइसेंस है, लेकिन दुकान का अता पता नहीं और कारतूस बेच रहे हैं। डीएम ने शस्त्र विक्रेताओं की फाइलें खंगालने के बाद गुप्ता जांच कराई। जांच अनियमितताएं मिलने के बाद डीएम ने दो दुकानों के निरस्तीकरण की संस्तुति पहले भेजी थी और बुधवार को डीएम शंभूनाथ ने एक बार फिर 39 शस्त्र विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेजी है। अचानक हुई कार्रवाई से जिले के शस्त्र लाइसेंस विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है और वह माननीयों के चक्कर लगा रहे हैं या फोन घनघना रहे हैं। सूत्रों की माने तो मामले में जिले के कई शस्त्र विक्रेताओं को जेल जाना पड़ सकता है। डीएम शंभुनाथ ने बताया कि जांच में अनियमितताएं मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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एटा जिले में 85 शस्त्र लाइसेंस हैं। जांच में पता चला है कि जिनके नाम शस्त्र बेचने के लाइसेंस हैं वह घरों में बैठे हैं और उनके रिश्तेदार नियमों को ताक पर रख शस्त्र लाइसेंस की दुकानें चला रहे हैं। यही नहीं जिले में कई शस्त्र विक्रेता लाइसेंस माननीयों के रिश्तेदार, भाई, करीबियाें के नाम पर हैं। जांच में दस से पंद्रह साल पुराने शस्त्र विक्रेता लाइसेंस का नवीनीकरण कराए बिना कारतूस बेचने का गोरखधंधा चलने की बात सामने आई है। जांच में यह भी सामने आया है कि कई शस्त्र लाइसेंस विक्रेता तो ऐसे मिले जिनके पास लाइसेंस है, लेकिन दुकान का अता पता नहीं और कारतूस बेच रहे हैं। डीएम ने शस्त्र विक्रेताओं की फाइलें खंगालने के बाद गुप्ता जांच कराई। जांच अनियमितताएं मिलने के बाद डीएम ने दो दुकानों के निरस्तीकरण की संस्तुति पहले भेजी थी और बुधवार को डीएम शंभूनाथ ने एक बार फिर 39 शस्त्र विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेजी है। अचानक हुई कार्रवाई से जिले के शस्त्र लाइसेंस विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है और वह माननीयों के चक्कर लगा रहे हैं या फोन घनघना रहे हैं। सूत्रों की माने तो मामले में जिले के कई शस्त्र विक्रेताओं को जेल जाना पड़ सकता है। डीएम शंभुनाथ ने बताया कि जांच में अनियमितताएं मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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