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300 से अधिक भवन होंगे प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Fri, 05 Aug 2016 10:43 PM IST
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फोरलेन सड़क निर्माण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एटा से कासगंज जनपद मुख्यालय को फोरलेन सड़क योजना से जोड़े जाने की कार्रवाई अब तेजी पकड़ने लगी है। शुक्रवार को नगरीय सीमा में लोक निर्माण विभाग की टीम ने नाप जोख करके अतिक्रमण को चिह्नित कर दिया है। साथ ही लोगों से अपील की है कि चिह्नित स्थान तक अपने अतिक्रमण स्वयं हटा लें, अन्यथा की स्थिति में प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
शुक्रवार को दोपहर के समय लोक निर्माण विभाग की टीम ने सड़क के मध्य बिंदु से दोनों साइडों की नाप जोख अतिक्रमण को चिह्नित किया। लोक निर्माण विभाग एवं राजस्व के नक्शे के मुताबिक उनका चिह्नांकन सड़क के मध्य से 10 मीटर से लेकर 15 मीटर तक के निशान भिन्न स्थानों पर लगाए हैं। नक्शे के अनुसार अलग अलग स्थानों पर यह भिन्नता है। लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता ने बताया कि 300 से अधिक आवासीय एवं कारोबारी प्रतिष्ठानों का चिह्निकरण किया गया है। यह अतिक्रमण इसलिए चिह्नित किया है, जिससे लोग स्वयं अपनी सुविधा से अतिक्रमण हटा लें। जिससे प्रशासन की कार्रवाई के दौरान दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि एटा से कासगंज तक पांच हजार पेड़ फोरलेन के निर्माण के दौरान काटे जाने हैं। जिसमें 2060 पेड़ जनपद की सीमा में है। इन पेड़ों को काटे जाने की अनुमति प्राप्त की जा रही है। पिछले माह निर्माणदायी कंपनी पीएनजी से अनुबंध भी कर लिया गया है।
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शुक्रवार को दोपहर के समय लोक निर्माण विभाग की टीम ने सड़क के मध्य बिंदु से दोनों साइडों की नाप जोख अतिक्रमण को चिह्नित किया। लोक निर्माण विभाग एवं राजस्व के नक्शे के मुताबिक उनका चिह्नांकन सड़क के मध्य से 10 मीटर से लेकर 15 मीटर तक के निशान भिन्न स्थानों पर लगाए हैं। नक्शे के अनुसार अलग अलग स्थानों पर यह भिन्नता है। लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता ने बताया कि 300 से अधिक आवासीय एवं कारोबारी प्रतिष्ठानों का चिह्निकरण किया गया है। यह अतिक्रमण इसलिए चिह्नित किया है, जिससे लोग स्वयं अपनी सुविधा से अतिक्रमण हटा लें। जिससे प्रशासन की कार्रवाई के दौरान दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि एटा से कासगंज तक पांच हजार पेड़ फोरलेन के निर्माण के दौरान काटे जाने हैं। जिसमें 2060 पेड़ जनपद की सीमा में है। इन पेड़ों को काटे जाने की अनुमति प्राप्त की जा रही है। पिछले माह निर्माणदायी कंपनी पीएनजी से अनुबंध भी कर लिया गया है।
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