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दो हाथियों के बीच वर्चस्व की जंग, एक मरा
अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Sat, 01 Feb 2014 01:35 AM IST
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दो हाथियों की जंग से अमानगढ़ का इलाका हिल गया। दोनों के बीच तब तक लड़ाई हुई जब तक एक की मौत नहीं हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक हाथी के अंदरूनी हिस्सों में दस से भी ज्यादा जख्म हैं। पसलियां टूट गईं। मरने वाले नर हाथी की उम्र बारह साल बताई जा रही है।
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मुरादाबाद वन मंडल क्षेत्र के अमानगढ़ रेंज में हाथियों के बीच वर्चस्व को लेकर पहले भी लड़ाई होती रहीं हैं। कई हाथियों की मौत भी हो चुकी है। अब फिर एक नर हाथी की मौत हो गई। दरअसल शुक्रवार की सुबह गश्ती दल को अमानगढ़ रेंज के कंपार्टमेंट-14 डी में करीब 12 वर्षीय नर हाथी का शव मिला।
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वन अफसरों में हड़कंप
बाघिन की तलाश में लगे अफसर तत्काल मौके पर पहुंच गए। शव को जेसीबी से उलट पुलटकर देखा गया। बाहरी हिस्से पर कहीं कोई जख्म नहीं था। जहां शव पड़ा था वहां कई जगह जमीन उधड़ी हुई थी। इससे लग रहा था कि हाथियों के बीच संघर्ष हुआ है।
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मुख्य वन संरक्षक कमलेश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि हाथी के अंदरूनी हिस्सों में काफी ब्लीडिंग हुई है। पसलियां टूटी हुईं हैं। इससे साफ है कि दो हाथियों के बीच झगड़ा हुआ था।
नन्हें हाथी की मौत से उग्र हैं गजराज
कालागढ़ क्षेत्र में 23 जनवरी को टाइगर रिजर्व की हाथी कुंड क्षेत्र में एक बाघ ने हाथी के बच्चे पर हमला कर उसे मार डाला था। इससे हाथी भड़के हुए हैं। खेतों की तरफ पहुंचे झुंड ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग भी कुछ नहीं कर पा रहा है। हाथियों के झुंड को वापस जंगल में भेजने के लिए तमाम कोशिशें की गईं।