यूपी में आंधी-बारिश बनी आफत, मरने वालों की संख्या 38 हुई
यूपी में शुक्रवार देर शाम आई आंधी आफत बन कर टूटी। दैवीय आपदा के चलते शनिवार को चार बच्चों समेत 30 और लोगों की मौत हो गई, इससे मृतकों का आंकड़ा 38 पहुंच गया। मुरादाबाद में 9, संभल और सोनभद्र में तीन-तीन, शाहजहांपुर, बदायूं, हरदोई, मुजफ्फरनगर और मैनपुरी में दो-दो लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा हापुड़, बरेली, इटावा, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा में एक-एक शख्स की जान चली गई।
शुक्रवार देर रात तक मेरठ और मुरादाबाद में सात लोगों की मौत हो चुकी थी। सबसे अधिक असर मुरादाबाद और मेरठ मंडल में पड़ा। यहां सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। घरों की छतें और दीवारें उड़ गईं। बरेली मंडल के सिधौली के महासिर गांव में जलता हुआ भूसा लोगों के छप्पर पर गिरा, जिससे दस छप्परदार घर राख हो गए, चार लोग झुलस गए।
मुरादाबाद जिले के भैसिया निवासी सोनू (12), प्रेमनगर भड़ावली के साबिर (27), जैतपुर पट्टी की कुमारी अदीबा (10), हरथला के अनूप कठेरिया की आंधी के दौरान मौत हो गई। छजलैट में कैच की पुलिया के पास दुर्गेश नगर निवासी राहुल चौधरी (23) और असदुल्लापुर निवासी कामेश (17) की आंधी के दौरान सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। कल रात तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। तीन सौ से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और एक सौ से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए। सड़क और रेल पटरियों पर पेड़ गिरने से रविवार को दूसरे दिन भी यातायात, बिजली, संचार, परिवहन सेवाएं ठप रहीं। रास्तों में गिरे बिजली खंभे, पेड़ आदि हटाने में विभागों का स्टाफ जुटा रहा।
फलों को सबसे अधिक क्षति
संभल जिले में मूसानगर निवासी मुस्तफा (20) की खेत में पेड़ गिरने से मौत हो गई थी। रायाखुर्द में पशुओं को चारा खिलाते समय मकान की दीवार गिरने से आशा की मौत हो गई। शनिवार को अमरोहा के गजरौला में एक बच्चे की दीवार गिरने से मौत की पुष्टि हुई है। इस तवाही में बिजली, रेलवे, नगर निगम सहित सभी विभागों में करीब 25 करोड़ रुपये की क्षति हुई है।
मेरठ और मुरादाबाद क्षेत्र में आम की फसल भी आंधी की भेंट चढ़ गई। मुजफ्फरनगर में आंधी और ओलावृष्टि ने आम, नाशपाती, आडू और आलूबुखारा, लीची फलों की फसल को बर्बाद कर दिया। जिले भर के बागों में फलों के पुराने पेड़ उखड़ गए और मौसम के अधपके फल टूटकर जमीनों पर बिखर गए। आंधी से हुए नुकसान से बाग के ठेकेदार मायूस है।
टूटे खंभे, 16 घंटे बिजली गुल
मुरादाबाद में बिजली के आठ सौ खंभे टूट गए जिससे मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, संभल की बिजली 16 घंटे से ज्यादा समय बिजली गुल रही। शनिवार शाम तक हालात सामान्य नहीं हो पाए थे। कमोवेश ऐसा ही हालत मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर और बागपत में भी रहा। इसके अलावा फर्रुखाबाद के शहरी क्षेत्र के टूटे तारों की मरम्मत कर शनिवार सुबह आपूर्ति शुरू कर दी गई। ग्रामीण इलाकों में शनिवार देर शाम तक मरम्मत का काम चलता रहा। इस दौरान करीब 700 गांवों की आपूर्ति ठप रही।
ट्रेन-हाईवे का सफर दुश्वार
बिजनौर में नजीबाबाद-लक्सर के बीच ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन टूट जाने के कारण अंबाला-लखनऊ रूट पर 35 ट्रेनें प्रभावित हुईं। मौजमपुर से नजीबाबाद के बीच डीजल इंजन से चलाई गई ट्रेनें। इसके अलावा वेस्ट यूपी में कई जगह हाईवे सहित प्रमुख सड़कों पर पेड़ और खंभे गिरने से जाम लगा रहा। बागपत में जगह-जगह टूटे विद्युत खंभे और पेड़ टूटने से दिल्ली-सहारनपुर हाइवे और पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर भी जाम लग गया।
मुजफ्फरनगर में पेड़ों के टूट कर गिरने से जानसठ रोड, बुढ़ाना व मीरापुर रोड पर यातायात बाधित हुआ। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से सड़कों पर पड़े पेड़ों को हटाकर जाम को खुलवाया। वीकेंड पर उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों की ओर जाने वालों ने अपनी बुकिंग रद्द कराई।
तीन दिन धूल भरी आंधी का अलर्ट
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तीन दिन में फिर से धूल भरी आंधी का अलर्ट जारी हुआ है। गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष का कहना है कि अभी तापमान 40 डिग्री से नीचे रहेगा। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि हरियाणा और राजस्थान की ओर से आयी पूर्वी हवाओं के चलते अभी आंधी आ सकती है। दिन में लू का असर थोड़ा कम रहेगा।
पारीछा थर्मल पावर प्लांट की सभी इकाइयां ठप
झांसी। प्रदेश में आंधी के चलते कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न हो गए हैं। इससे बिजली की डिमांड घट गई है। बिजली की डिमांड कम होने के कारण पारीछा थर्मल पावर प्लांट की चालू सभी पांच इकाइयों का उत्पादन (थर्मल ब्रेकिंग) शनिवार की सुबह चार बजे से बंद कर दिया गया। अनुबंध के कारण बजाज पावर प्लांट से आपूर्ति सुचारु रूप से ली जा रही है। पारीछा थर्मल पावर प्लांट के मुख्य महाप्रबंधक जेपी वर्मा के मुताबिक स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर से आदेश मिलते ही एक-एक कर मशीनों को चालू किया जाएगा।
सोनभद्र में आंधी से दीवार-पेड़ गिरे, तीन की मौत
आंधी के दौरान टीन गिरा, बच्चे की मौत
शुक्रवार रात चली तेज आंधी ने जिले में कहर बरपाया है। पिलखुवा के एक मोहल्ले में करीब आठ साल के रिहान के ऊपर टीन गिरने से उसकी मौत हो गई। तेज अंधड़ से सैकड़ों बिजली के खंभे टूट गए, जिससे रात भर ब्लैक आउट रहा। निगम को करीब 60 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। देहात अंचल के अधिकतर बिजलीघर देर शाम तक भी चालू नहीं हो सके। वहीं, संविदा कर्मियों की हड़ताल से भी शहरी क्षेत्र में बिजली किल्लत बनी रही।
बारिश और भारी ओलावृष्टि ने बागवानी, सब्जी, पलेज को तहस-नहस कर दिया। ओले के कारण आम फट गए, वहीं सब्जी के पौधे टूटकर गिर गए। मुआवजा की मांग को लेकर किसान उद्यान विभाग पहुंचे, लेकिन विभागीय अफसरों ने सर्वे तक करना उचित नहीं समझा। वह डीएम के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
अनपरा और सिंगरौली परिक्षेत्र में शनिवार की शाम आई आंधी से जगह-जगह दीवार और पेड़ के अलावा एयरटेल का एक टॉवर गिर गया। बिजली के खंभे और तार टूट गए। खपरैल के कई मकान ध्वस्त हो गए। इसके चलते हुए हादसों में अनपरा थाना क्षेत्र में दो और सिंगरौली के मोरवा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पेड़ गिरने से वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग घंटों जाम रहा। अनपरा परियोजना में आई खराबी के चौथी इकाई से उत्पादन ठप हो गया।