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Deoria News: ठगी के शिकार युवकों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर पासपोर्ट दिलवाने की मांग की, एसपी से मिले
Tue, 05 Mar 2024 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 05 Mar 2024 01:04 AM IST
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फोटो सामाचार......
एसपी ने कोतवाल को दिए आवश्यक निर्देश
कोतवाल ने आधा दर्जन युवकों को बुलाया कोतवाली, पासपोर्ट दिलाने का दिया आश्वासन
करीब 120 लोगों से गिरोह के गुर्गों ने की थी लाखों रुपये की ठगी
मुख्य सरगना की खोज में दिल्ली पहुंची है कोतवाली पुलिस
घटना के बाद से सरगना, एजेंट व अन्य कर्मी मोबाइल बंद कर चल रहे फरार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर से पांच किमी दूरी पर टूर एंड ट्रेवेल्स एजेंसी चलाने वाले ठग गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद उसके मुख्य सरगना की पुलिस ने जानकारी ली। उसका पता दिल्ली का होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस उसकी खोज में जुटी है। कोतवाली की एक टीम के दिल्ली जाने की सूचना है। पुलिस उनकी खोज में लगातार साइबर सेल का सहारा ले रही है। इधर, सीसी रोड स्थित ट्रेवेल्स संचालक की गिरफ्तारी और 25 युवकों के उनके पासपोर्ट दिलवाने की सूचना के बाद पगरा एजेंसी द्वारा ठगी के शिकार युवक पासपोर्ट के लिए कोतवाली पहुंचे। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंच प्रदर्शन किया। इसके बाद एसपी से मिले। एसपी ने पासपोर्ट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
शहर से पांच किमी दूरी पगरा में ट्रेवेल्स एजेंसी संचालक द्वारा खुद और अपने परिवार की दिन दशा सुधारने विदेश जाने का सपना संजो रहे 120 युवकों को अपना निशाना बना लिया। ठगों के गिरोह ने इन लोगों से चार अलग-अलग एकाउंट में वीजा और टिकट देने के नाम पर लाखों रुपये की रकम जमा करा ली। इसके बाद मुंबई ओमान और अन्य खाड़ी देश की फ्लाइट पकड़ने के लिए भेज दिया। वहां पहुंचने पर पता चला कि टिकट निरस्त कर दिया गया है।
लौटने पर पता चला कि एजेंसी का शटर बंद हो गया है। संचालक और वहां कार्य करने वाले कर्मी भी गायब मिले। सभी का नंबर भी घटना के बाद से बंद पाया। इसके बाद युवकों ने एजेंसी में बैठने वाले अयोध्या निवासी आयुष शुक्ला के विरुद्ध कोतवाली में आवेदन दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सर्विलांस की मदद ली तो सरगना दिल्ली का निकला। जबकि फ्रॉड खाते के संचालन का काम दिल्ली और बिहार में बैठा सरगना करता है। इसके बाद पुलिस उसकी जांच में जुट गई। सरगना दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला संदीप दास पिता सुदामा दास निकला।
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पुलिस ने संदीप की लोकेशन लेनी चाही तो उसका नंबर बंद मिला रहा है। इसके बाद स्थानीय पुलिस से जानकारी लेनी चाही तो उसका एक और पता बिहार के मोतिहारी का भी मिला।
सारी जानकारी लेने के बाद कोतवाल वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि पुलिस सर्विलांस के जरिए उसकी हर गतिविधि पर नजर गड़ाए हुए है। इधर, पुलिस सूत्रों की मानें तो इस घटना में शामिल मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के लिए एक टीम दिल्ली पहुंची है। पुलिस को जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद है।
इसी बीच मरहबा एजेंसी का ताला तोड़कर 25 युवकों को पासपोर्ट देने की सूचना मिलने के बाद ठगी के शिकार दर्जनों युवक कोतवाली पहुंचे। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। डीएम के नहीं मिलने पर युवक एसपी कार्यालय पहुंचे। एसपी सकंल्प शर्मा ने युवकों की समस्या सुनकर कोतवाल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कोतवाल वेद प्रकाश शर्मा ने आधा दर्जन युवकों को कोतवाली बुलाया है। ठगी के मामले के खुलासे पर उन्होंने कहा कि पुलिस पगरा की घटना का भी जल्द से जल्द पटाक्षेप करेगी।
दिल्ली में रहता है ठगी करने वालों का सरगना
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले दो गिरोहों के गुर्गों को पकड़ना पुलिस की चुनौती बन गई है। 11 दिन पहले पगरा में ट्रेवेल्स एजेंसी के जरिए 200 से अधिक बेरोजगारों से तीन करोड़ की ठगी करने के मामले में दस दिन बाद भी पुलिस को कामयाबी नहीं मिली है। पुलिस को जांच में पता चला है कि इस गिरोह का सरगना दिल्ली में रहता है। देवरिया पुलिस दिल्ली रवाना हो गई है। यही नहीं उसका पता बिहार के मोतिहारी का भी पता चल रहा है।
इसी तरह सीसी रोड के ट्रेवेल्स एजेंसी के जरिए हुई ठगी के मामले में दो आरोपियों में से एक आरोपी दिल्ली का ही बताया जा रहा है। पुलिस उसकी भी खोज में जुटी है।
इधर, सीसी रोड के छोटा हनुमान मंदिर के समीप संचालित मरहबा सर्विस के संचालक कन्हैया पांडेय ने गिरफ्तारी के बाद ठगी की इस घटना का पूरी तरह से पटाक्षेप कर दिया था। गिरफ्तार संचालक ने बताया कि उनके द्वारा युवाओं को पहले मोटी रकम कमाने का सब्जबाग दिखाया। 550 रुपये डालर के हिसाब 40 से 45 हजार रुपये महीना कमाने का सपना दिखाकर करीब 80 युवकों से वीजा व 40 से 50 हजार रुपये लेकर एक्सपायरी विजिट वीजा थमा कर दिल्ली व देवरिया की एजेंसी बंद कर फरार हो गए थे।
ठगी गिरोह के मुख्य सरगना पहले सोशल साइट्स पर फर्जी विज्ञापन निकाल युवकों से संपर्क करते हैं। इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सैकड़ों युवकों को जोड़ते हैं और मोेटी कमाई का प्रलोभन देकर पासपोर्ट जमा करवाते हैं। इसके बाद पैसा जमा करवाकर विदेश भेजने के लिए दिल्ली, मुंबई आदि शहरों में बुलाकर फर्जी वीजा पकड़ा कर फरार हो जाते हैं।
बाेले पीड़ित युवक
देवरिया निवासी भास्कर तिवारी ने बताया मरहबा एजेंसी से करीब 50 पासपोर्ट जब्त किया था। परंतु उसमें मेरा नहीं था। अपने पासपोर्ट के लिए कोतवाली पुलिस के संपर्क में हूं।
-भास्कर तिवारी, देवरिया
गल्फ कंट्री जाने के लिए अपना पासपोर्ट लगाया था। सोशल साइट्स के माध्यम से जानकारी होने पर मरहबा सर्विस सेंटर में पासपोर्ट लगाया था। 20 हजार रुपये तो डूब ही गया, पासपोर्ट भी अभी तक नहीं मिला है।
-अतुल निषाद, लंगड़ा बाजार, भलुअनी
विदेश जाने के लिए पासपोर्ट जमा किया था। कंपनी के संचालक के गिरफ्तार होने के बाद हमलोगों का पासपोर्ट नहीं मिला है। पासपोर्ट मिलने पर दूसरी जगह पासपोर्ट लगाऊंगा।
-बृजेश यादव, भलुअनी
विदेश जाने के लिए पासपोर्ट लगा पैसा जमा किया था। फर्जी टिकट मिलने के बाद लौटे तो एजेंसी संचालक फरार मिला। गिरफ्तारी हुई भी तो न पासपोर्ट मिला और न ही दिए गए पैसे मिले।
-शिवकुमार गोंड, भलुअनी
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एसपी ने कोतवाल को दिए आवश्यक निर्देश
कोतवाल ने आधा दर्जन युवकों को बुलाया कोतवाली, पासपोर्ट दिलाने का दिया आश्वासन
करीब 120 लोगों से गिरोह के गुर्गों ने की थी लाखों रुपये की ठगी
मुख्य सरगना की खोज में दिल्ली पहुंची है कोतवाली पुलिस
घटना के बाद से सरगना, एजेंट व अन्य कर्मी मोबाइल बंद कर चल रहे फरार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर से पांच किमी दूरी पर टूर एंड ट्रेवेल्स एजेंसी चलाने वाले ठग गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद उसके मुख्य सरगना की पुलिस ने जानकारी ली। उसका पता दिल्ली का होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस उसकी खोज में जुटी है। कोतवाली की एक टीम के दिल्ली जाने की सूचना है। पुलिस उनकी खोज में लगातार साइबर सेल का सहारा ले रही है। इधर, सीसी रोड स्थित ट्रेवेल्स संचालक की गिरफ्तारी और 25 युवकों के उनके पासपोर्ट दिलवाने की सूचना के बाद पगरा एजेंसी द्वारा ठगी के शिकार युवक पासपोर्ट के लिए कोतवाली पहुंचे। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंच प्रदर्शन किया। इसके बाद एसपी से मिले। एसपी ने पासपोर्ट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
शहर से पांच किमी दूरी पगरा में ट्रेवेल्स एजेंसी संचालक द्वारा खुद और अपने परिवार की दिन दशा सुधारने विदेश जाने का सपना संजो रहे 120 युवकों को अपना निशाना बना लिया। ठगों के गिरोह ने इन लोगों से चार अलग-अलग एकाउंट में वीजा और टिकट देने के नाम पर लाखों रुपये की रकम जमा करा ली। इसके बाद मुंबई ओमान और अन्य खाड़ी देश की फ्लाइट पकड़ने के लिए भेज दिया। वहां पहुंचने पर पता चला कि टिकट निरस्त कर दिया गया है।
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लौटने पर पता चला कि एजेंसी का शटर बंद हो गया है। संचालक और वहां कार्य करने वाले कर्मी भी गायब मिले। सभी का नंबर भी घटना के बाद से बंद पाया। इसके बाद युवकों ने एजेंसी में बैठने वाले अयोध्या निवासी आयुष शुक्ला के विरुद्ध कोतवाली में आवेदन दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सर्विलांस की मदद ली तो सरगना दिल्ली का निकला। जबकि फ्रॉड खाते के संचालन का काम दिल्ली और बिहार में बैठा सरगना करता है। इसके बाद पुलिस उसकी जांच में जुट गई। सरगना दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला संदीप दास पिता सुदामा दास निकला।
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सारी जानकारी लेने के बाद कोतवाल वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि पुलिस सर्विलांस के जरिए उसकी हर गतिविधि पर नजर गड़ाए हुए है। इधर, पुलिस सूत्रों की मानें तो इस घटना में शामिल मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के लिए एक टीम दिल्ली पहुंची है। पुलिस को जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद है।
इसी बीच मरहबा एजेंसी का ताला तोड़कर 25 युवकों को पासपोर्ट देने की सूचना मिलने के बाद ठगी के शिकार दर्जनों युवक कोतवाली पहुंचे। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। डीएम के नहीं मिलने पर युवक एसपी कार्यालय पहुंचे। एसपी सकंल्प शर्मा ने युवकों की समस्या सुनकर कोतवाल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कोतवाल वेद प्रकाश शर्मा ने आधा दर्जन युवकों को कोतवाली बुलाया है। ठगी के मामले के खुलासे पर उन्होंने कहा कि पुलिस पगरा की घटना का भी जल्द से जल्द पटाक्षेप करेगी।
दिल्ली में रहता है ठगी करने वालों का सरगना
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले दो गिरोहों के गुर्गों को पकड़ना पुलिस की चुनौती बन गई है। 11 दिन पहले पगरा में ट्रेवेल्स एजेंसी के जरिए 200 से अधिक बेरोजगारों से तीन करोड़ की ठगी करने के मामले में दस दिन बाद भी पुलिस को कामयाबी नहीं मिली है। पुलिस को जांच में पता चला है कि इस गिरोह का सरगना दिल्ली में रहता है। देवरिया पुलिस दिल्ली रवाना हो गई है। यही नहीं उसका पता बिहार के मोतिहारी का भी पता चल रहा है।
इसी तरह सीसी रोड के ट्रेवेल्स एजेंसी के जरिए हुई ठगी के मामले में दो आरोपियों में से एक आरोपी दिल्ली का ही बताया जा रहा है। पुलिस उसकी भी खोज में जुटी है।
इधर, सीसी रोड के छोटा हनुमान मंदिर के समीप संचालित मरहबा सर्विस के संचालक कन्हैया पांडेय ने गिरफ्तारी के बाद ठगी की इस घटना का पूरी तरह से पटाक्षेप कर दिया था। गिरफ्तार संचालक ने बताया कि उनके द्वारा युवाओं को पहले मोटी रकम कमाने का सब्जबाग दिखाया। 550 रुपये डालर के हिसाब 40 से 45 हजार रुपये महीना कमाने का सपना दिखाकर करीब 80 युवकों से वीजा व 40 से 50 हजार रुपये लेकर एक्सपायरी विजिट वीजा थमा कर दिल्ली व देवरिया की एजेंसी बंद कर फरार हो गए थे।
ठगी गिरोह के मुख्य सरगना पहले सोशल साइट्स पर फर्जी विज्ञापन निकाल युवकों से संपर्क करते हैं। इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सैकड़ों युवकों को जोड़ते हैं और मोेटी कमाई का प्रलोभन देकर पासपोर्ट जमा करवाते हैं। इसके बाद पैसा जमा करवाकर विदेश भेजने के लिए दिल्ली, मुंबई आदि शहरों में बुलाकर फर्जी वीजा पकड़ा कर फरार हो जाते हैं।
बाेले पीड़ित युवक
देवरिया निवासी भास्कर तिवारी ने बताया मरहबा एजेंसी से करीब 50 पासपोर्ट जब्त किया था। परंतु उसमें मेरा नहीं था। अपने पासपोर्ट के लिए कोतवाली पुलिस के संपर्क में हूं।
-भास्कर तिवारी, देवरिया
गल्फ कंट्री जाने के लिए अपना पासपोर्ट लगाया था। सोशल साइट्स के माध्यम से जानकारी होने पर मरहबा सर्विस सेंटर में पासपोर्ट लगाया था। 20 हजार रुपये तो डूब ही गया, पासपोर्ट भी अभी तक नहीं मिला है।
-अतुल निषाद, लंगड़ा बाजार, भलुअनी
विदेश जाने के लिए पासपोर्ट जमा किया था। कंपनी के संचालक के गिरफ्तार होने के बाद हमलोगों का पासपोर्ट नहीं मिला है। पासपोर्ट मिलने पर दूसरी जगह पासपोर्ट लगाऊंगा।
-बृजेश यादव, भलुअनी
विदेश जाने के लिए पासपोर्ट लगा पैसा जमा किया था। फर्जी टिकट मिलने के बाद लौटे तो एजेंसी संचालक फरार मिला। गिरफ्तारी हुई भी तो न पासपोर्ट मिला और न ही दिए गए पैसे मिले।
-शिवकुमार गोंड, भलुअनी