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Deoria News: मरने की धमकी देकर घर से सात दिन पहले निकला था बृजेश
Wed, 31 Jan 2024 03:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 31 Jan 2024 03:46 AM IST
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दो बच्चों का पिता व घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था बृजेश
छोटी गंडक में मिला शव खरोहवा के बृजेश यादव का था
फोटो- फाइल फोटो मृतक बृजेश यादव
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। चनुकी पक्का पुल के पास एक दिन पूर्व लार थाना सीमा अंतर्गत छोटी गंडक नदी में मिला शव बृजेश यादव (38) निवासी ग्राम खरोहवा का था। 21 जनवरी को परिवार से झगड़ा कर वह मरने की धमकी देकर निकला था। वह अपने परिजनों से यह कह कर गया कि अब तुम लोग मेरी मौत का दूध लगाने के लिए तैयार रहो। परिजनों ने इसे नित्य की भांति हल्का समझ कर कुछ नहीं कहा।
वह शराब के नशे में अक्सर पत्नी व परिवार को मारता-पीटता था। बताया जाता है कि परिजन यह नहीं समझे कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। उसकी असमय मौत से परिवार में चीख-पुकार मची हुई है। बृजेश घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। वह ट्रैक्टर चालक था। लोगों का ट्रैक्टर चला कर अपने परिवार की परिवरिश करता था।
घर से जाने के बाद इतने दिनों तक गायब रहने पर परिजन सोच रहे थे कि वह कहीं ट्रैक्टर पर काम कर रहा होगा और वहीं रह रहा होगा।
बृजेश दो बच्चों का पिता था। बड़ा पुत्र हिमांशु यादव (16) है। वह कक्षा 12 में पढ़ता है। पुत्री अंशु (13) है। वह कक्षा आठ में पढ़ती है। माता पिंकी देवी सलेमपुर में एक प्राइवेट स्कूल में आया का काम करती हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पिता शिव अवतार घर पर रहकर खेती करते हैं। उसकी मौत से परिवार के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
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छोटी गंडक में मिला शव खरोहवा के बृजेश यादव का था
फोटो- फाइल फोटो मृतक बृजेश यादव
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। चनुकी पक्का पुल के पास एक दिन पूर्व लार थाना सीमा अंतर्गत छोटी गंडक नदी में मिला शव बृजेश यादव (38) निवासी ग्राम खरोहवा का था। 21 जनवरी को परिवार से झगड़ा कर वह मरने की धमकी देकर निकला था। वह अपने परिजनों से यह कह कर गया कि अब तुम लोग मेरी मौत का दूध लगाने के लिए तैयार रहो। परिजनों ने इसे नित्य की भांति हल्का समझ कर कुछ नहीं कहा।
वह शराब के नशे में अक्सर पत्नी व परिवार को मारता-पीटता था। बताया जाता है कि परिजन यह नहीं समझे कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। उसकी असमय मौत से परिवार में चीख-पुकार मची हुई है। बृजेश घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। वह ट्रैक्टर चालक था। लोगों का ट्रैक्टर चला कर अपने परिवार की परिवरिश करता था।
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घर से जाने के बाद इतने दिनों तक गायब रहने पर परिजन सोच रहे थे कि वह कहीं ट्रैक्टर पर काम कर रहा होगा और वहीं रह रहा होगा।
बृजेश दो बच्चों का पिता था। बड़ा पुत्र हिमांशु यादव (16) है। वह कक्षा 12 में पढ़ता है। पुत्री अंशु (13) है। वह कक्षा आठ में पढ़ती है। माता पिंकी देवी सलेमपुर में एक प्राइवेट स्कूल में आया का काम करती हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पिता शिव अवतार घर पर रहकर खेती करते हैं। उसकी मौत से परिवार के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
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