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गेहूं, दलहन और तिलहन पर अनुदान बढ़ाया
अमर उजाला ब्यूरो/देवरिया
Updated Sat, 12 Dec 2015 12:28 AM IST
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प्रदेश के सूखाग्रस्त 50 जिलों को प्रदेश सरकार ने प्रमाणित बीजों पर अतिरिक्त अनुदान देने का फैसला किया है। इसमें गोरखपुर-बस्ती मंडल के सभी जिले शामिल हैं।
यह लाभ राजकीय कृषि बीज गोदामों से रबी के सीजन में गेहूं, दलहन और तिलहन के बीज खरीदने वाले किसानों को मिलेगा। अनुदान की अतिरिक्त राशि किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। प्रदेश सरकार 59.22 करोड़ रुपये वहन करेगी।
प्रदेश सरकार का कहना है कि ज्यादा बारिश और सूखे से इस साल फसलों के उत्पादन पर बुरा असर पड़ा है। इसके चलते किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है।
प्रदेश में खरीफ की तुलना में रबी की फसलों की बुआई अधिक क्षेत्रफल में होता है। इसमें गेहूं, चना, मटर, मसूर, राई-सरसों, जौ की खेती की जाती है।
किसानों को प्रमाणित बीजों के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ताकि अधिक उत्पादन मिल सके। प्रतिकूल मौसम से खेती बर्बाद हो गई। इसलिए प्रदेश सरकार ने इस वर्षको कृषक वर्ष घोषित किया है। भारत सरकार ने इन बीजों पर 50 फीसदी तक अनुदान की सीमा तय कर रखा है। प्रदेश सरकार ने इस सीमा को शिथिल करते हुए अतिरिक्त अनुदान देने का निर्णय लिया है।
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यह लाभ राजकीय कृषि बीज गोदामों से रबी के सीजन में गेहूं, दलहन और तिलहन के बीज खरीदने वाले किसानों को मिलेगा। अनुदान की अतिरिक्त राशि किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। प्रदेश सरकार 59.22 करोड़ रुपये वहन करेगी।
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प्रदेश सरकार का कहना है कि ज्यादा बारिश और सूखे से इस साल फसलों के उत्पादन पर बुरा असर पड़ा है। इसके चलते किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है।
प्रदेश में खरीफ की तुलना में रबी की फसलों की बुआई अधिक क्षेत्रफल में होता है। इसमें गेहूं, चना, मटर, मसूर, राई-सरसों, जौ की खेती की जाती है।
किसानों को प्रमाणित बीजों के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ताकि अधिक उत्पादन मिल सके। प्रतिकूल मौसम से खेती बर्बाद हो गई। इसलिए प्रदेश सरकार ने इस वर्षको कृषक वर्ष घोषित किया है। भारत सरकार ने इन बीजों पर 50 फीसदी तक अनुदान की सीमा तय कर रखा है। प्रदेश सरकार ने इस सीमा को शिथिल करते हुए अतिरिक्त अनुदान देने का निर्णय लिया है।
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