वोटरलिस्ट में धांधली मामले में दोनों एजेंसियों पर केस
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वोटरलिस्ट डाटा फीडिंग के दौरान मतदाताओं के नाम मनमाने तौर पर गायब करने के मामले में दोनों एजेंसियां फंस गई हैं। जांच में गड़बड़ी उजागर होने पर सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। एजेंसियों के इस कारनामे से हजारों लोग पहले और दूसरे चरण के मतदान से वंचित रह गए हैं।
वोटरलिस्ट के पुनरीक्षण कार्य को लेकर शुरू से सवाल उठ रहे हैं। जनसंख्या और मतदाताओं का अनुपात गड़बड़ होने पर जुलाई में तत्कालीन जिलाधिकारी शरद कुमार सिंह को पद से हटना पड़ा था। उनकी जगह शासन ने अनिता श्रीवास्तव को जिलाधिकारी बनाया। उनके निर्देश पर वोटरलिस्ट में खामियों को दूर करने की कवायद चली। मतदाता सूची के डाटा फीडिंग के लिए डीएसके इंफोटेक सिस्टम लखनऊ और सीएमएस कंप्यूटर जलकल रोड को जिम्मा दिया गया। लेकिन इन एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम गायब करने का खेल खेला है। चर्चा है कि एजेंसियों के जिम्मेदारों ने धन उगाही भी की। तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार की जांच में खुलासा हुआ है कि सदर तहसील के बेलवनिया, गौरा, गुरुमिहा में बिना अपमार्जन सूची भेजे ही मेसर्स डीएसके इंफोटेक सिस्टम लखनऊ फर्म ने मतदाताओं का नाम गायब कर दिया।
इसी तरह सीएमएस कंप्यूटर जलकल रोड ने भटनी के बांसघाटी और घाटी खास के पूरक मतदाता सूची से अपमार्जन पूरक सूची की हस्तलिपि न दिए जाने के बावजूद गलत ढंग से नामों को विलोपित कर दिया। इसको लेकर कई जगहों पर मतदान के दिन हंगामा और प्रदर्शन की नौबत आई थी। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों एजेंसियों के खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दिया था। इंस्पेक्टर गोपाल त्रिपाठी ने बताया कि सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विजय बहादुर राय की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।