{"_id":"68a77b6c0971544d2000c6e4","slug":"viral-outbreaktwo-children-on-one-bed-in-picu-deoria-news-c-208-1-sgkp1009-161310-2025-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: वायरल का प्रकोप...पीआईसीयू में एक-एक बेड पर दो-दो बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: वायरल का प्रकोप...पीआईसीयू में एक-एक बेड पर दो-दो बच्चे
Fri, 22 Aug 2025 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 22 Aug 2025 01:32 AM IST
विज्ञापन
पीआईसीयू में एक बेड पर भर्ती तीन बच्चे-संवाद
देवरिया। वायरल फीवर का कहर थम नहीं रहा है। वायरस और बैक्टीरिया के संक्रमक की चपेट में कम इम्युनिटी होने की वजह से बच्चे आ रहे हैं। वह तेज बुखार, सर्दी-जुकाम, शरीर व पेट दर्द, उल्टी-दस्त से पीड़ित हो रहे हैं। मरीजों की संख्या इन दिनों बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
रोजाना करीब दो सौ से अधिक मरीज आ रहे हैं। सामान्य मरीज को डॉक्टर दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उन्हें ठीक होने में पांच से एक सप्ताह का समय लग रहा है, जबकि गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। पीआईसीयू का बेड खाली होने के साथ ही भर जा रहा है, एक बेड पर दो से तीन मरीजों को इलाज चल रहा है, जिससे संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। वहीं मरीजों व तीमारदारों को परेशानी हो रही है।
मौसम में बदलाव का असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। बारिश के बाद तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। वातावरण में नमी के कारण यह समय वायरस व बैक्टीरिया के ग्रोथ के लिए अनुकूल होता है। इनके संक्रमण के खतरे की संभावना अक्तूबर माह होती है।
विज्ञापन
इस समय वायरस व बैक्टीरिया का संक्रमण बढ़ा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है। खानपान में गड़बड़ी, साफ-सफाई में लापरवाही व दूषित पानी के सेवन तथा एकत्र पानी में वायरस व बैक्टीरिया के ग्रोथ से बच्चे संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, जिससे तेज बुखार तो कुछ बुखार के साथ सर्दी, जुकाम, खांसी, उल्टी-दस्त, पेट दर्द, सिर व बदन दर्द, सांस से पीड़ित हो जा रहे हैं। छोटे बच्चों को तेज बुखार न उतरने पर झटका भी आ रहा है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में भीड़ बढ़ गई है।
बीमार बच्चों को लेकर तीमारदार इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को डॉ. इकबाल ने करीब 250 मरीजों का इलाज किया। इसमें सबसे अधिक बुखार के साथ सर्दी, जुकाम, खांसी से पीड़ित 120 बच्चे थे, जबकि तेज बुखार के 55 मरीज रहे। उल्टी-दस्त के 40 के अलावा पेट दर्द, जलन व अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज थे। गंभीर रूप से पीड़ित करीब दस मरीजों को भर्ती किया गया, जबकि सामान्य मरीजों को परीक्षण के बाद दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
विज्ञापन
रोजाना करीब दो सौ से अधिक मरीज आ रहे हैं। सामान्य मरीज को डॉक्टर दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उन्हें ठीक होने में पांच से एक सप्ताह का समय लग रहा है, जबकि गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। पीआईसीयू का बेड खाली होने के साथ ही भर जा रहा है, एक बेड पर दो से तीन मरीजों को इलाज चल रहा है, जिससे संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। वहीं मरीजों व तीमारदारों को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
मौसम में बदलाव का असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। बारिश के बाद तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। वातावरण में नमी के कारण यह समय वायरस व बैक्टीरिया के ग्रोथ के लिए अनुकूल होता है। इनके संक्रमण के खतरे की संभावना अक्तूबर माह होती है।
विज्ञापन
इस समय वायरस व बैक्टीरिया का संक्रमण बढ़ा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है। खानपान में गड़बड़ी, साफ-सफाई में लापरवाही व दूषित पानी के सेवन तथा एकत्र पानी में वायरस व बैक्टीरिया के ग्रोथ से बच्चे संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, जिससे तेज बुखार तो कुछ बुखार के साथ सर्दी, जुकाम, खांसी, उल्टी-दस्त, पेट दर्द, सिर व बदन दर्द, सांस से पीड़ित हो जा रहे हैं। छोटे बच्चों को तेज बुखार न उतरने पर झटका भी आ रहा है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में भीड़ बढ़ गई है।
बीमार बच्चों को लेकर तीमारदार इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को डॉ. इकबाल ने करीब 250 मरीजों का इलाज किया। इसमें सबसे अधिक बुखार के साथ सर्दी, जुकाम, खांसी से पीड़ित 120 बच्चे थे, जबकि तेज बुखार के 55 मरीज रहे। उल्टी-दस्त के 40 के अलावा पेट दर्द, जलन व अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज थे। गंभीर रूप से पीड़ित करीब दस मरीजों को भर्ती किया गया, जबकि सामान्य मरीजों को परीक्षण के बाद दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी गई।