फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Vehicles worth lakhs are being junked, dogs and cattle are killing people

Deoria News: कबाड़ हो रहे लाखों के वाहन, कुत्ते-मवेशी ले रहे लोगों की जान

Thu, 17 Aug 2023 11:19 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Thu, 17 Aug 2023 11:19 PM IST
विज्ञापन
Vehicles worth lakhs are being junked, dogs and cattle are killing people
नेहरू नगर प्राथमिक विद्यालय के गेट के सामने खड़ा छुट्टा पशु।संवाद
देवरिया। नगर निकाय और जिला पंचायतों में आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए लाखों रुपये से खरीदे गए वाहन कबाड़ हो रहे हैं। वहीं, सड़कों पर घूम रहे मवेशी और आवारा कुत्ते लोगों की जान तक ले ले रहे हैं। इन वाहनों में तेल डलवाने के नाम पर हर माह हजारों रुपयों के वारे-न्यारे हो जा रहे हैं। लेकिन, आम आदमी को आवारा पशुओं से निजात नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन

गांवों में आवारा पशुओं और अन्य जानवरों को पकड़ कर आश्रय स्थल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला पंचायत की है। जबकि शहरी क्षेत्र में निकायों की है। बजट से अधिकांश जगहों पर पंद्रह लाख रुपये से अधिक वाहन खरीदा गया है। इसके लिए हर माह डीजल डलवाने के लिए हजारों रुपये खर्च करने का प्रावधान है। विभागीय सूत्रों के अनुसार नगर पालिका परिषद देवरिया के पास दो वाहन हैं। बृहस्पतिवार को देखने को मिला कि दोनों जलकल परिसर में खड़े थे। इसमें से एक कबाड़ होने की हालत में पहुंच गया है। जबकि जिला पंचायत का कैटल कैचर वाहन परिसर में खड़ा था, जहां पर कबाड़ हो चुके रोड रोलर खड़े होते हैं। वहीं यह देखने को मिला कि जिला महिला अस्पताल में कुत्ते घूम रहे थे। एसपी आफिस, जेल रोड आदि जगहों पर कुत्तों का झुंड देखने को मिला। शहर की न्यू कालोनी में प्राथमिक स्कूल के पास छूटा पशुओं का जमावड़ा था। मालवीय रोड तिराहे पर काफी संख्या में छूटा पशु दिखे। इन दोनों जगहों पर राहगीर किसी तरह बच कर निकल रहे थे। स्कूल के पास तो छात्र रास्ता ही बदल दे रहे थे।
विज्ञापन




पंद्रह दिनों में तीन की गई जान, 1400 लोगों को कुत्तों ने काटा

देवरिया। अफसरों की लापरवाही के चलते जिले की सड़कों पर बेलगाम घूमते कुत्तों ने करीब इस माह में करीब 1400 लोगों को अपना शिकार बनाया है। जबकि दो की मौत हो चुकी है और एक की हालत नाजुक बनी हुई है। जबकि दूसरी तरफ पशु के हमले से एक किसान की भी मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुत्ते और छूटा पशु हादसों का भी कारण बन रहे हैं। पुलिस विभाग के आंकड़ों से भी इसकी तस्दीक हो रही है। जुलाई और 14 अगस्त तक करीब 40 हादसे कुत्ते और पशुओं के कारण हुए। करीब पचास लोग घायल होकर मेडिकल काॅलेज पहुंचे हैं। आधे से अधिक हादसे तो पुलिस रिकॉर्ड में आज तक दर्ज ही नहीं हुए। प्रशासनिक लापरवाही के चलते ये आंकड़ा निरंतर बढ़ता रहेगा, क्योंकि अभी तक जिला प्रशासन इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई तो दूर, एक कदम आगे नहीं बढ़ पाया है। शहर की सड़कों-गलियों में आवारा कुत्ता और सांडों का साम्राज्य है। लोग घरों के छोटे बच्चों को गली में खेलने के लिए नहीं भेज सकते, क्योंकि उन्हें अपने लाडलों की जिंदगी से प्यार है।


हाल के दिनों में हुए हादसे
- भटनी थाना क्षेत्र के उसका गांव में कुत्ते ने मासूम को नोंच कर मार डाला
- छपिया जयदेव गांव में कुत्ते के हमले से मासूम आयुष गंभीर रूप से घायल हो गया था
- आनंद नगर निवासी पानकली की कुत्ते के कारण बाइक से गिरकर मौत हो गई थी।
- महुआडीह थाना क्षेत्र के पकड़िहवां टोला निवासी रामकिशोर की भैंस के हमले से मौत हो गई थी।




छूटा पशुओं और गली के कुत्तों को पकड़ने का इंतजाम न होने से हमेशा डर बना रहता है। सबसे अधिक दिक्कत छोटे बच्चों के लिए रहती है। जनपद में हुई घटनाओें को देखते हुए कारगर उपाय होने चाहिए।
- उर्वी श्रीवास्तव, अधिवक्ता


मोहल्ले में देर रात कुत्तों का जमावड़ा सड़क पर रहता है। अगर थोड़ी सी चूक हो जाए तो हादसे हो जाएगा। बाइक से जाते समय झुंड दौड़ा लेता है। इन्हें पकड़ने का इंतजाम होना चाहिए।

- राजकुमार जायसवाल, व्यापारी






कुत्तों के हमले की घटनाओं को गंभीरता से लिया गया है। बृहस्पतिवार को सभी निकायों के ईओ को निर्देश दिया गया है कि अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ा जाए। अगर किसी भी निकाय में कुत्ते के हमले से किसी मासूम की जान जाती है तो जवाबदेही तय कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- गौरव श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed