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Deoria News: उर्स की पहली रात जलसा में नात व तकरीर
Wed, 03 Apr 2024 12:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 03 Apr 2024 12:21 AM IST
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फोटो- जलसे में तकरीर करते मौलाना
चुपवां में चुप्पा शाह बाबा के सालाना उर्स का पहला दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। क्षेत्र के चुपवां गांव स्थित हजरत चुप्पा शाह बाबा के दो दिवसीय सालाना उर्स के पहले दिन सोमवार की रात जलसा का आयोजन हुआ। इसमें नात, मनकबत व तकरीर हुई। तकरीर करते हुए मौलाना ताहिर हुसैन ने कहा कि जो भी बंदा खुदा की इबादत में अपना जीवन न्यौछावर कर देता है, खुदा उस बंदे का हाथ, पांव व जुबान बन जाता है। लिहाजा, दिल से की गई इबादत कभी बेकार नहीं जाती।
संचालन करते हुए कवि व शायर मकसूद अहमद भोपतपुरी ने अपना कलाम- केतना सुंदर बा नजारा देख के प्यार आइल बा, चुप्पा बाबा के नगरिया में बहार आइल बा पेशकर चुप्पा बाबा की खासियत पर रोशनी डाली। शायर अबू नशर झारखण्डवी ने अपना कलाम मेरा ईमान कह रहा है चुप्पा बाबा जिंदा हैं पेशकर वाहवाही बटोरी। ज़मज़म सलेमपुरी ने अपना कलाम तैबा के उस फूल से महक रही है दुनिया पेश कर पैगंबर मुहम्मद के अखलाक पर रोशनी डाली। इसके अलावा मौलाना आरिफ रजा, जसीब कादरी, मौलाना सरफुद्दीन,मौलाना अली अब्बास, मु. मुस्ताक ने भी नात-ए-नबी पेश किया।
कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। इस दौरान कमेटी सदर इम्तियाज अंसारी, सेक्रेटरी अली अख्तर अंसारी, जयराम, सद्दाम, कलामुद्दीन, शफीक, नसरुद्दीन, राज हुसैन, जाकिर, जरीबुल्लाह, जहीर, हैदर साबिर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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चुपवां में चुप्पा शाह बाबा के सालाना उर्स का पहला दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। क्षेत्र के चुपवां गांव स्थित हजरत चुप्पा शाह बाबा के दो दिवसीय सालाना उर्स के पहले दिन सोमवार की रात जलसा का आयोजन हुआ। इसमें नात, मनकबत व तकरीर हुई। तकरीर करते हुए मौलाना ताहिर हुसैन ने कहा कि जो भी बंदा खुदा की इबादत में अपना जीवन न्यौछावर कर देता है, खुदा उस बंदे का हाथ, पांव व जुबान बन जाता है। लिहाजा, दिल से की गई इबादत कभी बेकार नहीं जाती।
संचालन करते हुए कवि व शायर मकसूद अहमद भोपतपुरी ने अपना कलाम- केतना सुंदर बा नजारा देख के प्यार आइल बा, चुप्पा बाबा के नगरिया में बहार आइल बा पेशकर चुप्पा बाबा की खासियत पर रोशनी डाली। शायर अबू नशर झारखण्डवी ने अपना कलाम मेरा ईमान कह रहा है चुप्पा बाबा जिंदा हैं पेशकर वाहवाही बटोरी। ज़मज़म सलेमपुरी ने अपना कलाम तैबा के उस फूल से महक रही है दुनिया पेश कर पैगंबर मुहम्मद के अखलाक पर रोशनी डाली। इसके अलावा मौलाना आरिफ रजा, जसीब कादरी, मौलाना सरफुद्दीन,मौलाना अली अब्बास, मु. मुस्ताक ने भी नात-ए-नबी पेश किया।
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कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। इस दौरान कमेटी सदर इम्तियाज अंसारी, सेक्रेटरी अली अख्तर अंसारी, जयराम, सद्दाम, कलामुद्दीन, शफीक, नसरुद्दीन, राज हुसैन, जाकिर, जरीबुल्लाह, जहीर, हैदर साबिर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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