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UP: समूह के लोन के साथ-साथ दिव्यांग बेटे को लेकर चितिंत रहती थी इंद्रावती, ट्रेन के आगे कूद समाप्त की जीवनलीला

Fri, 18 Oct 2024 02:11 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 18 Oct 2024 02:11 PM IST
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Troubled by not paying loan installment woman commits suicide
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

समूह का लोन नहीं भर पाने व समूह के कर्मचारियों व अधिकारियों का बनता दबाव देख एक अधेड़ महिला ने ट्रेन के आगे कूद कर अपनी ईह लीला समाप्त कर ली। महिला की मौत की सूचना मिलते ही उसका बड़ा पुत्र घर के लिए रवाना हो गया। उसके अनुसार मां ने पहले लिए गए लोन को चुकता करने के बाद फिर से नया लोन ले लिया था। एक लोन करीब एक साल तो एक लोन छह माह पहले लिया था। उसने मां के इस फैसले से अनिभज्ञता जताई। इधर, भागलपुर घाट पर दिव्यांग पुत्र ने मुखाग्नि तो उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं।

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लार थाना क्षेत्र के रेवली गांव निवासी इंद्रावती देवी (50) पत्नी दहारी प्रसाद की घर की माली हालत ठीक नहीं है। तीन पुत्रों व एक पुत्री में एक पुत्र दिव्यांग है। बड़ा लड़का गंगा सागर व छोटा पुत्र रामसागर मुंबई व दिल्ली रहकर नौकरी करते हैं। मां की मौत की सूचना पर घर के लिए रवाना हुआ बड़ा पुत्र गंगासागर ने बताया कि घर की सारी जिम्मेदारी उसके ऊपर थी। छोटा भाई क्या कमाता था और क्या देता था उसकी जानकारी नहीं है। मां ने जो लोन लिया था। उसके किस्त को लेकर वह अक्सर पैसे मां के पास भेज देता था।

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उसने बताया कि बुधवार की रात मां, पत्नी पार्वती, दिव्यांग भाई रामसागर व मेरी एक बेटी व दो बेटा रहते है। रात में सभी के साथ मां ने हंसी खुशी खाना खाया और सोने गए। रात में कब वह घर से निकल कर आत्महत्या कर ली। इसकी भनक मेरी पत्नी को भी नहीं लग सकी। उसने बताया कि समूह का किस्त तो हरदम जमा होता रहता है। उसे सूचना मिली है कि समूह से लिए लोन की किस्त के साथ दिव्यांग भाई को ले भी मां आये दिन चितिंत रहती थी। मां इतना बड़ा कदम उठा लेगी। इसे सपनों में नहीं सोचा था। बेटे ने बताया कि एक दिन पहले लोन किस्त को लेकर क्या हुआ था। इसकी जानकारी नहीं है।

गांव पहुंचने के बाद पूरे मामले की जानकारी होगी। इधर, सूचना पर पहुंची लार पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद रिस्तेदार व ग्रामीणों को शव सौंप। देर शाम भागलपुर सरयू तट के किनारे महिला का दाह संस्कार कर दिया गया। दिव्यांग बेटे रामसागर ने मां को मुखाग्नि दी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लार एसओ कपिल देव चौधरी ने बताया कि ट्रेन से कटकर एक महिला की मृत्यु हुई है। पीएम कराकर शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है। अगर परिजन तहरीर देते है तो कार्रवाई की जाएगी।

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सूदखोरों से बचने के लिए ले रहे लोन, समूह वाले कर मानसिक व शारीरिक शोषण
सूदखोर साहूकारों के चंगुल से बचने के लिए सरकार द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए लोन दिया जा रहा है, लेकिन लोन का जाल इतना गहरा हो गया है कि इसमें जकड़ कर लोग अपनी जान गवां रहे हैं। लार थाना क्षेत्र के उकिना गांव निवासी शिक्षक ज्ञानेंद्र सिंह बुधवार की शाम से लापता है। उनके द्वारा भी समूह का पैसा लोन के रुप में लिया गया था। बुधवार को भागलपुर नदी पुल पर उनकी बाइक मिली थी। पर्स में एक सुसाइट नोट भी मिला था, इसमें नदी में कूद कर आत्महत्या कर लेने की बात कही गई थी। हालांकि मामला अभी यह संदेहास्पद है। पुलिस उनकी खोज में लगी हुई है। इसी बीच बृहस्पतिवार को लार थाना क्षेत्र के ही रेवली गांव की इंदुमती देवी ने ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। इंदुमती देवी ने समूह के तहत लोन देने वालों से डेढ़ लाख रुपए कर्ज लिया था। जिसकी रिकवरी के लिए भाटपार व सलेमपुर के एजेंट इंदुमती पर दबाव बना रहे थे जिससे विवश होकर अंततः इंदुमती ने अपनी जान दे दिया।

लार सहित जिले के कई क्षेत्रों में समूह के तहत लोन देने वालों का फैला है जाल
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार लार सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में समूह के तहत लोन देने वालों का पूरा जाल फैला हुआ है लोन देने वाले एजेंट अपने कमीशन के लालच में महिलाओं को लोन दे रहे हैं। लार क्षेत्र की कमोबेश हर गांव में बड़ी संख्या में महिलाएं अपना घर बार और परिवार छोड़कर पलायन कर चुकी हैं। कई कई ऐसे भी मामले प्रकाश में आए हैं जिसमें रात के अंधेरे में वसूली एजेंट महिलाओं से अभद्र व्यवहार करते हैं तथा उनका आर्थिक, मानसिक, शारीरिक शोषण करते हैं और घर में रखे सामान को भी उठा ले जाते हैं। लोक लाज के भय से महिलाएं आवाज नहीं उठाती हैं जिसका फायदा एजेंट उठाते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से यह मांग किया कि यदि तत्काल ऐसे लोगों के विरुद्ध उचित कार्यवाही नहीं की गई तो आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में महिलाएं एवं लोन लेने वाले लोग अपनी जिंदगी को खत्म करने को मजबूर हो जाएंगे।
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