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Deoria News: नूनखार से भाटपार रानी तक आगे-पीछे दौड़ेंगी ट्रेनें
Sat, 05 Sep 2026 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:53 PM IST
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देवरिया। लखनऊ- गोरखपुर-छपरा रेल मार्ग पर ट्रेनों की औसत गति बढ़ाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम का एक और चरण नूनखार से भाटपार रानी स्टेशन के बीच पूरा हो गया है।
रविवार और सोमवार को इस सिस्टम को इंस्टॉल करने और ट्रॉयल का काम होगा। इसके बाद सोमवार की रात से ही इस रेलखंड में भी दो स्टेशनों के बीच एक साथ तीन ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा। नेटवर्किंग और ट्रॉयल के इस कार्य के चलते इस रूट पर 11 ट्रेनों का दो दिन तक संचालन प्रभावित रहेगा। इन ट्रेनों को देर से चलाया जाएगा।
पूर्वोत्तर भारत को उत्तर भारत से जोड़ने वाले छपरा-गोरखपुर-लखनऊ रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकता है। इस रूट पर देवरिया सदर स्टेशन से होकर हर दिन करीब 36 ट्रेनें व 20 से अधिक मालगाड़ी गुजरती है।
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ट्रैक की क्षमता बढ़ाने के लिए नई लाइन बिछाने के साथ ही पुरानी लाइन पर ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाया जा रहा है। इस सिस्टम के लग जाने पर हर ट्रेन का अपना एक अलग ब्लॉक बन जाएगा। इससे पहले यह व्यवस्था थी कि पिछली ट्रेन तभी आगे बढ़ती है जब अगली ट्रेन अगले स्टेशन पर पहुंच जाए।
लेकिन ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के लागू होने के बाद स्टेशन से पहली ट्रेन के तीन किलोमीटर आगे जाने के बाद पीछे से दूसरी ट्रेन को उसी ट्रैक पर आगे चलाया जा सकता है।
गोरखपुर से नूनखार स्टेशन तक यह सिस्टम सक्रिय है। अब नूनखार से भटनी जंक्शन और भाटपार रानी स्टेशन तक इसे विस्तार दिया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन के अनुसार इसके लिए 06 व 07 सितंबर को इस नूनखार से भाटपार रानी के बीच इस सिस्टम को चालू करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस सिस्टम के चालू होने के बाद ट्रेनों की औसत गति और समय में सुधार आएगा।
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रविवार और सोमवार को इस सिस्टम को इंस्टॉल करने और ट्रॉयल का काम होगा। इसके बाद सोमवार की रात से ही इस रेलखंड में भी दो स्टेशनों के बीच एक साथ तीन ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा। नेटवर्किंग और ट्रॉयल के इस कार्य के चलते इस रूट पर 11 ट्रेनों का दो दिन तक संचालन प्रभावित रहेगा। इन ट्रेनों को देर से चलाया जाएगा।
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पूर्वोत्तर भारत को उत्तर भारत से जोड़ने वाले छपरा-गोरखपुर-लखनऊ रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकता है। इस रूट पर देवरिया सदर स्टेशन से होकर हर दिन करीब 36 ट्रेनें व 20 से अधिक मालगाड़ी गुजरती है।
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ट्रैक की क्षमता बढ़ाने के लिए नई लाइन बिछाने के साथ ही पुरानी लाइन पर ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाया जा रहा है। इस सिस्टम के लग जाने पर हर ट्रेन का अपना एक अलग ब्लॉक बन जाएगा। इससे पहले यह व्यवस्था थी कि पिछली ट्रेन तभी आगे बढ़ती है जब अगली ट्रेन अगले स्टेशन पर पहुंच जाए।
लेकिन ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के लागू होने के बाद स्टेशन से पहली ट्रेन के तीन किलोमीटर आगे जाने के बाद पीछे से दूसरी ट्रेन को उसी ट्रैक पर आगे चलाया जा सकता है।
गोरखपुर से नूनखार स्टेशन तक यह सिस्टम सक्रिय है। अब नूनखार से भटनी जंक्शन और भाटपार रानी स्टेशन तक इसे विस्तार दिया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन के अनुसार इसके लिए 06 व 07 सितंबर को इस नूनखार से भाटपार रानी के बीच इस सिस्टम को चालू करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस सिस्टम के चालू होने के बाद ट्रेनों की औसत गति और समय में सुधार आएगा।